पृष्ठभूमि
प्रत्यूष सिन्हा समिति का गठन भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (सेबी) द्वारा वरिष्ठ अधिकारियों में पारदर्शिता और जवाबदेही को मजबूत करने के लिए एक उच्च-स्तरीय समिति के रूप में किया गया।
स्थिर सामान्य ज्ञान तथ्य: सेबी की स्थापना 1992 में हुई।
सुधार की आवश्यकता
सेबी के निचले स्तर के कर्मचारियों पर कड़े नियम लागू हैं, लेकिन वरिष्ठ नेतृत्व के लिए खुलासा मानक हल्के और कई बार स्वैच्छिक थे। समिति का उद्देश्य सभी स्तरों पर एक समान और कड़े नियम लागू करना था।
अनिवार्य खुलासा व्यवस्था
समिति ने अध्यक्ष, पूर्णकालिक सदस्यों और वरिष्ठ अधिकारियों के लिए अनिवार्य रूप से निम्न खुलासे की सिफारिश की:
• वार्षिक खुलासा
• घटना आधारित खुलासा
• पद छोड़ते समय खुलासा
इनमें वित्तीय संपत्तियाँ, देयताएँ, प्रतिभूति लेनदेन और पेशेवर संबंध शामिल होंगे।
अंदरूनी वर्गीकरण और निवेश प्रतिबंध
समिति ने सिफारिश की कि सेबी के शीर्ष अधिकारी “अंदरूनी” माने जाएँ।
इसके अनुसार:
• अधिकारी और उनके आश्रित परिवार केवल संयुक्त रूप से प्रबंधित निवेश कोषों में निवेश कर सकेंगे।
• व्यक्तिगत शेयर चयन, सट्टा गतिविधियाँ और सीधी बाजार भागीदारी प्रतिबंधित होगी।
• मौजूदा निवेशों को या तो समाप्त करना होगा या अनुमति प्राप्त अनुपालन योजना में रखना होगा।
नैतिक निगरानी तंत्र
समिति ने एक नैतिकता और अनुपालन कार्यालय तथा एक स्वतंत्र निगरानी समिति स्थापित करने की सिफारिश की।
अन्य सुझाव:
• केंद्रीकृत डिजिटल खुलासा रजिस्टर
• निष्क्रियता (Recusal) रिपोर्टिंग प्रणाली
• उपहार, बाहरी कार्य और सार्वजनिक भाषणों पर कड़े नियम
शिकायतकर्ता (व्हिसलब्लोअर) तंत्र
हितों के टकराव या वित्तीय अनैतिकता की रिपोर्ट करने के लिए एक सुरक्षित और गुप्त चैनल की सिफारिश की गई।
यह तंत्र शिकायतकर्ता की पहचान सुरक्षित रखता है।
सेवानिवृत्ति के बाद कूलिंग-ऑफ अवधि
समिति ने सुझाव दिया कि पूर्व सेबी अधिकारी दो वर्षों तक सेबी के समक्ष किसी भी मामले में उपस्थित नहीं हो सकेंगे और न ही किसी निजी संस्था का प्रतिनिधित्व कर सकेंगे।
महत्व
इन सुधारों का उद्देश्य है:
• सेबी की पारदर्शिता बढ़ाना
• बाजार की अखंडता मजबूत करना
• अंदरूनी प्रभाव के जोखिम कम करना
• निवेशकों के भरोसे को मजबूत करना
Static Usthadian Current Affairs Table
| विषय | विवरण |
| समिति का नाम | प्रत्यूष सिन्हा की अध्यक्षता वाली उच्च स्तरीय समिति |
| उद्देश्य | सेबी में हितों के टकराव और खुलासा ढाँचे को मजबूत करना |
| प्रमुख फोकस | पारदर्शिता, नैतिक निगरानी, अंदरूनी व्यापार रोकथाम |
| खुलासा नियम | शीर्ष अधिकारियों के लिए अनिवार्य परिसंपत्ति–देयता रिपोर्टिंग |
| अंदरूनी वर्गीकरण | शीर्ष नेतृत्व को “अंदरूनी” माना जाएगा |
| निवेश नियम | केवल संयुक्त रूप से प्रबंधित निवेश कोषों में निवेश की अनुमति |
| नैतिक तंत्र | नैतिकता और अनुपालन कार्यालय तथा निगरानी समिति |
| शिकायतकर्ता प्रणाली | सुरक्षित और गोपनीय रिपोर्टिंग चैनल |
| कूलिंग-ऑफ अवधि | दो वर्ष की सेवानिवृत्ति पश्चात रोक |
| स्थिर जीके नोट | सेबी की स्थापना 1992 में हुई |





