नई दिल्ली में सम्मेलन का उद्घाटन
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने 12 मार्च, 2026 को नई दिल्ली में ‘कृषि–खाद्य प्रणालियों में महिलाओं पर वैश्विक सम्मेलन 2026′ का उद्घाटन किया। यह तीन दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR) के कन्वेंशन सेंटर में आयोजित किया जा रहा है।
सम्मेलन का विषय है “प्रगति को गति देना, नई ऊंचाइयों को छूना” (Driving Progress, Attaining New Heights)। इस कार्यक्रम का उद्देश्य कृषि और खाद्य प्रणालियों में महिलाओं की बढ़ती भूमिका को उजागर करना और वैश्विक कृषि–खाद्य क्षेत्र में समावेशी विकास को बढ़ावा देना है।
कृषि में महिलाओं को पहचान देना
कृषि उत्पादन में, विशेष रूप से विकासशील देशों में, महिलाएं एक प्रमुख भूमिका निभाती हैं। यह सम्मेलन उनके योगदान को मान्यता देने और खेती तथा कृषि–व्यवसाय में उन्हें जिन चुनौतियों का सामना करना पड़ता है, उन्हें संबोधित करने पर केंद्रित है।
मुख्य चर्चाएं महिला किसानों की प्रौद्योगिकी, वित्तीय संसाधनों और निर्णय लेने के मंचों तक पहुंच को बेहतर बनाने पर केंद्रित होंगी। यह कार्यक्रम कृषि नवाचार और ग्रामीण उद्यमिता में महिलाओं की अधिक भागीदारी को भी बढ़ावा देता है।
स्थैतिक GK तथ्य: वैश्विक कृषि अनुमानों के अनुसार, दुनिया भर में कृषि कार्यबल में महिलाओं की हिस्सेदारी लगभग 40% है, विशेष रूप से एशिया और अफ्रीका में।
सरकार और नीतिगत सहयोग की भूमिका
उद्घाटन सत्र में केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान भी उपस्थित थे, जो समावेशी कृषि विकास के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
सम्मेलन में विशेषज्ञ लैंगिक–संवेदनशील कृषि नीतियों पर चर्चा करेंगे। ऐसी नीतियों का उद्देश्य असमानताओं को कम करना और कृषि उत्पादन, विपणन तथा नेतृत्व की भूमिकाओं में महिला किसानों के लिए समान अवसर पैदा करना है।
खेती में लगी महिलाओं की उत्पादकता और आय के स्तर को बढ़ाने के लिए डिजिटल प्रौद्योगिकियों, कृषि अनुसंधान और संस्थागत सहयोग के उपयोग पर विशेष जोर दिया गया है।
वैश्विक पहलों के साथ तालमेल
इस सम्मेलन का आयोजन संयुक्त राष्ट्र द्वारा वर्ष 2026 को ‘महिला किसानों के लिए अंतर्राष्ट्रीय वर्ष‘ घोषित किए जाने के संदर्भ में किया गया है। ICAR के महानिदेशक डॉ. एम. एल. जाट के अनुसार, यह कार्यक्रम खाद्य सुरक्षा और सतत कृषि में महिला किसानों के योगदान को मान्यता देने के वैश्विक प्रयासों के अनुरूप है।
इन चर्चाओं में इस बात पर भी ज़ोर दिया गया है कि कृषि में महिलाओं की भागीदारी को मज़बूत बनाने से जलवायु–अनुकूल खेती, बेहतर पोषण और ग्रामीण क्षेत्रों में आजीविका के टिकाऊ साधनों को किस तरह बढ़ावा मिल सकता है।
स्टेटिक GK टिप: संयुक्त राष्ट्र का खाद्य और कृषि संगठन (FAO) अक्सर इस बात पर ज़ोर देता है कि महिला किसानों को सशक्त बनाने से कृषि उत्पादकता में काफ़ी सुधार हो सकता है और ग्रामीण ग़रीबी को कम किया जा सकता है।
वैश्विक हितधारकों की भागीदारी
इस सम्मेलन में भारत और अन्य देशों से 700 से ज़्यादा प्रतिनिधि एक साथ शामिल हो रहे हैं। इनमें वैज्ञानिक, नीति–निर्माता, कृषि विशेषज्ञ, उद्यमी, स्टार्ट–अप इनोवेटर, विकास पेशेवर, छात्र और महिला किसान शामिल हैं।
आपसी सहयोग से होने वाली चर्चाओं के ज़रिए, इस सम्मेलन का उद्देश्य ऐसी रणनीतियाँ तैयार करना है जो कृषि, कृषि–व्यवसाय और खाद्य प्रणालियों में महिलाओं की भागीदारी को बढ़ाएँ। उम्मीद है कि इन चर्चाओं के नतीजों से वैश्विक कृषि–खाद्य क्षेत्र में समावेशी विकास और टिकाऊ विकास के दीर्घकालिक लक्ष्यों को हासिल करने में मदद मिलेगी।
Static Usthadian Current Affairs Table
| Topic | Detail |
| कार्यक्रम | एग्री-फूड सिस्टम्स में महिलाओं पर वैश्विक सम्मेलन 2026 |
| स्थान | ICAR कन्वेंशन सेंटर, नई दिल्ली |
| उद्घाटन किया | राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू |
| प्रमुख मंत्री उपस्थित | केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान |
| विषय | ड्राइविंग प्रोग्रेस, अटेनिंग न्यू हाइट्स |
| आयोजन निकाय | भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR) |
| वैश्विक संदर्भ | संयुक्त राष्ट्र ने 2026 को महिला किसानों का अंतर्राष्ट्रीय वर्ष घोषित किया |
| प्रतिभागी | 700 से अधिक प्रतिनिधि, जिनमें वैज्ञानिक, नीति-निर्माता, उद्यमी और महिला किसान शामिल |
| प्रमुख फोकस क्षेत्र | जेंडर-उत्तरदायी नीतियाँ, कृषि नवाचार, महिला सशक्तिकरण |
| वैश्विक महत्व | खाद्य सुरक्षा और सतत विकास के लिए कृषि में महिलाओं की भूमिका को सशक्त बनाना |





