नया आदेश और इसका उद्देश्य
प्राकृतिक गैस और पेट्रोलियम उत्पाद वितरण आदेश, 2026 को आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 के तहत अधिसूचित किया गया था। इसका उद्देश्य पूरे भारत में पाइप वाली प्राकृतिक गैस (PNG) नेटवर्क के विस्तार में तेज़ी लाना है।
यह आदेश समय–सीमा के भीतर मंज़ूरी के साथ एक एकल, सुसंगत नियामक ढाँचा पेश करता है। इससे गैस वितरण में आने वाली बाधाओं को दूर करने और दक्षता में सुधार होने की उम्मीद है।
स्टेटिक GK तथ्य: आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 सरकार को महत्वपूर्ण वस्तुओं के उत्पादन, आपूर्ति और वितरण को विनियमित करने का अधिकार देता है।
सिटी गैस वितरण नेटवर्क का विस्तार
इस आदेश के तहत एक प्रमुख सुधार सिटी गैस वितरण (CGD) नेटवर्क को मज़बूत करना है। ये नेटवर्क घर–घर PNG और परिवहन प्रणालियों को संपीड़ित प्राकृतिक गैस (CNG) की आपूर्ति करते हैं।
भारत CGD कवरेज का विस्तार और अधिक ज़िलों तक कर रहा है, जिससे स्वच्छ ईंधन की उपलब्धता बढ़ रही है। यह कदम शहरी प्रदूषण को कम करने के प्रयासों में भी सहायक है।
स्टेटिक GK सुझाव: PNG का उपयोग मुख्य रूप से खाना पकाने के लिए किया जाता है, जबकि CNG का उपयोग बड़े पैमाने पर वाहनों में होता है।
गैस-आधारित अर्थव्यवस्था की ओर बढ़ाव
भारत का लक्ष्य 2025 में लगभग 6.2% से बढ़ाकर 2030 तक 15% तक प्राकृतिक गैस की हिस्सेदारी को बढ़ाना है। प्राकृतिक गैस मुख्य रूप से मीथेन (CH₄) से बनी होती है, जो अन्य जीवाश्म ईंधनों की तुलना में अधिक स्वच्छ रूप से जलती है।
मांग में उल्लेखनीय वृद्धि होने की उम्मीद है, जो वित्त वर्ष 25 में 52 MTPA से बढ़कर वित्त वर्ष 40 तक 112 MTPA हो जाएगी। यह औद्योगिक और परिवहन क्षेत्रों में बढ़ते उपयोग को दर्शाता है।
इस सुधार का मुख्य महत्व
डीकार्बोनाइज़ेशन (कार्बन उत्सर्जन में कमी) के लाभ
प्राकृतिक गैस पेट्रोल और डीज़ल की तुलना में 15–20% कम कार्बन डाइऑक्साइड उत्सर्जित करती है। यह PM, NOx और SOx जैसे हानिकारक प्रदूषकों को भी कम करती है, जिससे हवा की गुणवत्ता में सुधार होता है।
ऊर्जा सुरक्षा में सुधार
भारत आयातित कच्चे तेल पर अत्यधिक निर्भर है। गैस बुनियादी ढांचे का विस्तार ऊर्जा स्रोतों में विविधता लाता है और ऊर्जा सुरक्षा को बढ़ाता है।
आर्थिक लाभ
द्रवीकृत प्राकृतिक गैस (LNG) लंबी दूरी के परिवहन के लिए एक किफायती विकल्प प्रदान करती है। डीज़ल गाड़ियों के मुकाबले इसकी कुल लागत (TCO) कम होती है।
स्टैटिक GK तथ्य: LNG एक प्राकृतिक गैस है जिसे लगभग -162°C पर ठंडा करके तरल रूप में बदला जाता है, जिससे इसे स्टोर और ट्रांसपोर्ट करना आसान हो जाता है।
गैस अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने वाली पहलें
सरकार ने इस बदलाव को समर्थन देने के लिए कई पहलें शुरू की हैं। जगदीशपुर–हल्दिया–बोकारो–धमरा पाइपलाइन जैसे प्रोजेक्ट्स के ज़रिए नेशनल गैस ग्रिड का विस्तार किया जा रहा है।
इंद्रधनुष गैस ग्रिड लिमिटेड (IGGL) का मुख्य ध्यान उत्तर–पूर्वी क्षेत्र में गैस कनेक्टिविटी पर है। SATAT योजना (2018) कचरे से कंप्रेस्ड बायो गैस (CBG) के उत्पादन को बढ़ावा देती है।
पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस नियामक बोर्ड (PNGRB) की यूनिफाइड टैरिफ (UFT) नीति गैस ट्रांसपोर्टेशन के लिए उचित और एक समान टैरिफ सुनिश्चित करती है। इंडियन गैस एक्सचेंज (IGX) जैसे प्लेटफॉर्म गैस ट्रेडिंग में पारदर्शिता बढ़ाते हैं।
आगे की राह
भारत को इंफ्रास्ट्रक्चर के विस्तार, कीमतों में सुधार और घरेलू उत्पादन पर ध्यान देना चाहिए। आखिरी छोर तक कनेक्टिविटी को मज़बूत करना और वैकल्पिक ईंधनों को बढ़ावा देना बहुत ज़रूरी होगा।
2026 का यह आदेश भारत के स्वच्छ और टिकाऊ ऊर्जा भविष्य की ओर बढ़ते कदम में एक अहम पड़ाव है।
Static Usthadian Current Affairs Table
| विषय | विवरण |
| अधिसूचित आदेश | नेचुरल गैस डिस्ट्रीब्यूशन ऑर्डर 2026 |
| कानूनी आधार | आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 |
| प्रमुख सुधार | समयबद्ध अनुमोदन और एकीकृत ढांचा |
| लक्ष्य गैस हिस्सेदारी | 2030 तक 15% |
| वर्तमान हिस्सेदारी | 2025 में 6.2% |
| मांग अनुमान | 2040 तक 52 एमटीपीए से 112 एमटीपीए |
| प्रमुख पहलें | सैटैट, आईजीजीएल, नेशनल गैस ग्रिड |
| नियामक | पीएनजीआरबी |
| मुख्य लाभ | स्वच्छ ईंधन और ऊर्जा सुरक्षा |





