नेशनल सिक्योरिटी मीट का ओवरव्यू
60वीं DGP–IGP कॉन्फ्रेंस 2025 रायपुर में हुई, जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के गाइडेंस में भारत की टॉप पुलिसिंग लीडरशिप एक साथ आई। नया रायपुर में IIM कैंपस में हुई इस कॉन्फ्रेंस में नेशनल सिक्योरिटी डिस्कशन को विकसित भारत सुरक्षित भारत के बड़े लक्ष्य के साथ जोड़ा गया, जिसमें डेवलपमेंट पर आधारित सिक्योरिटी रिफॉर्म पर ज़ोर दिया गया। यह इवेंट मौजूदा चुनौतियों का मूल्यांकन करने और भारत के पुलिसिंग सिस्टम के लिए एक लॉन्ग-टर्म रोडमैप बनाने के लिए एक अहम प्लेटफॉर्म के तौर पर काम आया। DGP–IGP प्लेटफॉर्म का महत्व
DGP–IGP कॉन्फ्रेंस भारत की सबसे ऊंचे लेवल की इंटरनल सिक्योरिटी मीटिंग है, जिसे हर साल होम मिनिस्ट्री के तहत इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB) ऑर्गनाइज़ करता है। इसमें सभी राज्यों और UTs के DGs और IGs, RAW, NIA, NTRO, NCB और CAPFs जैसी एजेंसियों के साथ आते हैं। यह प्लेटफॉर्म नेशनल सिक्योरिटी, क्राइम प्रिवेंशन और पुलिसिंग इनोवेशन पर मिलकर फैसले लेने में मदद करता है।
स्टैटिक GK फैक्ट: इंटेलिजेंस ब्यूरो, जिसकी स्थापना 1887 में हुई थी, भारत की सबसे पुरानी इंटेलिजेंस एजेंसी है।
PM मोदी की स्ट्रेटेजिक गाइडेंस
PM मोदी ने कॉन्फ्रेंस को पुलिस फोर्स के बीच नेशनल एकजुटता की नींव बताया। उन्होंने इनोवेटिव पुलिसिंग, एजेंसियों के बीच कोऑर्डिनेशन और नागरिकों पर फोकस्ड सर्विस डिलीवरी पर ज़ोर दिया। उनके भाषण में लीडर्स से प्रेडिक्टिव पुलिसिंग कैपेबिलिटी को मजबूत करने, लॉन्ग-टर्म थ्रेट असेसमेंट अपनाने और ट्रांसपेरेंट और रिस्पॉन्सिव सिस्टम के ज़रिए जनता का भरोसा बढ़ाने की अपील की गई।
स्टेटिक GK टिप: इंडियन पीनल कोड लागू होने के बाद पुलिसिंग को फिर से बनाने के लिए 1860 में भारत का पहला पुलिस कमीशन बनाया गया था।
इंटरनल सिक्योरिटी को मज़बूत करना
इंटरनल सिक्योरिटी एजेंडा में सबसे ऊपर थी, जिसमें राज्य के पुलिस चीफ ने ऑर्गनाइज़्ड क्राइम, एक्सट्रीमिज़्म और टेररिज़्म का असेसमेंट पेश किया। चर्चाओं में डेटा एनालिटिक्स का इस्तेमाल करके क्राइम का ज़्यादा पता लगाने की दर, बेहतर इंटर-स्टेट ऑपरेशन और मिलकर काम करने वाले इंटेलिजेंस फ्रेमवर्क पर ज़ोर दिया गया। कॉन्फ्रेंस में साइबर खतरों की मज़बूत मॉनिटरिंग और बदलते सिक्योरिटी माहौल पर तेज़ी से रिस्पॉन्स देने के तरीकों की ज़रूरत पर ज़ोर दिया गया।
फोरेंसिक और टेक्नोलॉजी-बेस्ड पुलिसिंग को आगे बढ़ाना
फोरेंसिक टेक्नोलॉजी एक अहम सुधार के तौर पर उभरी। नेताओं ने फोरेंसिक लैब को बढ़ाने, इन्वेस्टिगेटर को ट्रेनिंग देने और डिजिटल सबूत फ्रेमवर्क को मज़बूत करने पर ज़ोर दिया। इन्वेस्टिगेशन को मॉडर्न बनाने के लिए AI-ड्रिवन टूल्स, शेयर्ड डेटाबेस और इंटीग्रेटेड डिजिटल प्लेटफॉर्म की भूमिका पर ज़ोर दिया गया।
स्टेटिक GK फैक्ट: भारत में पहली फॉरेंसिक साइंस लैबोरेटरी 1952 में कोलकाता में बनाई गई थी।
महिलाओं की सुरक्षा को प्राथमिकता देना
महिलाओं की सुरक्षा पर चर्चा स्मार्ट सर्विलांस, तेज़ इमरजेंसी रिस्पॉन्स सिस्टम और शहर-स्तर पर दखल पर फोकस थी। 24×7 सुरक्षा और जल्दी समाधान पक्का करने के लिए CCTV नेटवर्क बढ़ाने, पैनिक अलर्ट एप्लीकेशन और सुरक्षित शहरी लेआउट जैसे उपायों पर ज़ोर दिया गया।
बस्तर 2.0 नक्सल के बाद की स्ट्रैटेजी
सबसे ज़रूरी सेशन में से एक बस्तर 2.0 पर था, जिसे छत्तीसगढ़ के DGP अरुण देव गौतम ने पेश किया। मार्च 2026 तक नक्सलवाद के खत्म होने का अनुमान है, इसलिए स्ट्रैटेजी लड़ाई को रोकने से विकास की ओर शिफ्ट हो गई है। रोडमैप में बेहतर रोड कनेक्टिविटी, हेल्थकेयर का विस्तार, आदिवासियों के लिए रोज़गार के मौके और कम्युनिटी द्वारा चलाया जाने वाला शासन शामिल है। यह आदिवासियों के दबदबे वाले बस्तर इलाके के लिए एक बड़ा बदलाव लाने वाला कदम है।
2047 के लिए पुलिसिंग विज़न
कॉन्फ्रेंस में भारत की आज़ादी के 100वें साल से पहले भविष्य के पुलिसिंग ब्लूप्रिंट की रूपरेखा बताई गई। विज़न 2047 फ्रेमवर्क डिजिटाइज़्ड ऑपरेशन, AI-पावर्ड इन्वेस्टिगेशन, एडवांस्ड ट्रेनिंग सिस्टम और सिटिज़न-फ्रेंडली पुलिसिंग पर फोकस करता है। इसका लक्ष्य एक काबिल, भरोसेमंद और ग्लोबल लेवल पर अलाइन्ड पुलिसिंग मॉडल बनाना है जो मुश्किल घरेलू और इंटरनेशनल सिक्योरिटी चुनौतियों का सामना कर सके।
Static Usthadian Current Affairs Table
| Topic | Detail |
| कार्यक्रम | 60वाँ अखिल भारतीय DGP–IGP सम्मेलन |
| स्थल | IIM परिसर, नया रायपुर, छत्तीसगढ़ |
| तिथि | 29 नवम्बर 2025 |
| मेजबान | प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी |
| आयोजक | खुफिया ब्यूरो (IB), गृह मंत्रालय के अंतर्गत |
| मुख्य थीम | विकसित भारत – सुरक्षित भारत |
| प्रमुख फोकस क्षेत्र | आंतरिक सुरक्षा, फॉरेंसिक पुलिसिंग, महिलाओं की सुरक्षा |
| क्षेत्रीय विशेष उल्लेख | बस्तर 2.0 विकास योजना |
| दीर्घकालिक एजेंडा | विज़न 2047 पुलिसिंग सुधार |
| उपस्थित प्रमुख एजेंसियाँ | RAW, NIA, NTRO, NCB, CAPFs |





