दिवस का महत्व
राष्ट्रीय कैंसर जागरूकता दिवस हर वर्ष 7 नवम्बर को मनाया जाता है, जिसका उद्देश्य भारत में कैंसर की प्रारंभिक पहचान, रोकथाम और उपचार के प्रति जागरूकता बढ़ाना है।
इस दिवस की शुरुआत 2014 में उस समय के केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. हर्षवर्धन ने की थी, ताकि देश में बढ़ते कैंसर भार का समाधान किया जा सके।
यह दिन मेरी क्यूरी (Marie Curie) की जन्म जयंती (1867) के साथ मेल खाता है। उन्होंने रेडियोधर्मिता (radioactivity) की खोज की थी, जिसने कैंसर उपचार में आधुनिक विकिरण चिकित्सा (radiation therapy) की नींव रखी।
स्थैतिक जीके तथ्य: भारत में प्रतिवर्ष कई स्वास्थ्य जागरूकता दिवस मनाए जाते हैं, जैसे —
विश्व कैंसर दिवस (4 फरवरी) और विश्व स्वास्थ्य दिवस (7 अप्रैल), जो विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के ढांचे के तहत मनाए जाते हैं।
2025 की थीम और मुख्य फोकस
2025 में भारत के कैंसर जागरूकता अभियान विश्व कैंसर दिवस की थीम “United by Unique” के अनुरूप हैं।
यह थीम इस बात पर बल देती है कि हर व्यक्ति की कैंसर यात्रा अद्वितीय है, लेकिन सभी का उद्देश्य समान है — रोग से एकजुट होकर लड़ना।
अभियान का केंद्र बिंदु:
• व्यक्तिगत देखभाल और भावनात्मक सहयोग।
• कैंसर से उबर चुके लोगों की कहानियों के माध्यम से प्रेरणा।
• स्कूलों, एनजीओ और समुदायों की सहभागिता।
• स्वस्थ जीवनशैली और रोकथाम पर शैक्षिक जागरूकता।
देशभर में स्वास्थ्य संस्थान और एनजीओ — स्क्रीनिंग शिविर, डिजिटल अभियान और जनसंपर्क सत्रों का आयोजन कर रहे हैं, ताकि स्वास्थ्य और आशा का संदेश हर व्यक्ति तक पहुँचाया जा सके।
ऐतिहासिक पृष्ठभूमि
सितम्बर 2014 में इसकी आधिकारिक घोषणा की गई थी, और पहली बार यह दिवस 7 नवम्बर 2014 को मनाया गया।
इस दिन को मेरी क्यूरी के योगदान की स्मृति में चुना गया — जिन्होंने रेडियम और पोलोनियम की खोज की थी, जो प्रारंभिक कैंसर उपचार अनुसंधान के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण तत्व हैं।
यह पहल रोग से जुड़ी सामाजिक कलंक (stigma) को कम करने, लोगों को शिक्षित करने और स्क्रीनिंग में भागीदारी बढ़ाने की दिशा में राष्ट्रीय प्रयास थी।
भारत में कैंसर का परिदृश्य
GLOBCAN 2020 रिपोर्ट के अनुसार, भारत में प्रतिवर्ष लगभग 13.24 लाख नए कैंसर के मामले और 8.51 लाख मौतें दर्ज की जाती हैं।
पुरुषों में सबसे सामान्य कैंसर:
- मुखगुहा (16.2%)
- फेफड़े (8%)
- पेट (6.3%)
महिलाओं में सबसे सामान्य कैंसर:
- स्तन (26.3%)
- गर्भाशय ग्रीवा (18.3%)
- अंडाशय (6.7%)
स्थैतिक जीके टिप: राष्ट्रीय कैंसर रजिस्ट्री कार्यक्रम (NCRP), भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (ICMR) के अधीन कार्य करता है और देशभर से कैंसर डेटा संकलित व विश्लेषित करता है।
रोकथाम और जागरूकता उपाय
अधिकांश कैंसर रोकथाम योग्य हैं यदि स्वास्थ्यकर जीवनशैली और नियमित जांच अपनाई जाए:
• तंबाकू और शराब का पूर्ण परहेज।
• संतुलित आहार और नियमित व्यायाम।
• HPV और हेपेटाइटिस-B के विरुद्ध टीकाकरण।
• सूर्य की पराबैंगनी (UV) किरणों से बचाव और समय-समय पर स्वास्थ्य जांच।
केंद्र और राज्य सरकारें, साथ ही निजी संस्थान — जैसे MoHFW, ICMR, AIIMS और टाटा मेमोरियल हॉस्पिटल — निःशुल्क परामर्श, सार्वजनिक व्याख्यान और जांच शिविरों का आयोजन कर रहे हैं।
स्थैतिक जीके तथ्य: राष्ट्रीय कैंसर संस्थान (NCI), झज्जर (हरियाणा) में स्थित है और यह AIIMS नई दिल्ली के अधीन भारत का शीर्ष कैंसर अनुसंधान एवं उपचार केंद्र है।
प्रमुख संदेश
राष्ट्रीय कैंसर जागरूकता दिवस हमें यह याद दिलाता है कि —
“प्रारंभिक पहचान जीवन बचाती है।”
कैंसर के खिलाफ लड़ाई में जागरूकता, निवारक जीवनशैली और स्वास्थ्य ढाँचे को सुदृढ़ बनाना ही देश के कैंसर बोझ को कम करने की कुंजी है।
Static Usthadian Current Affairs Table
| विषय | विवरण |
| दिवस की तिथि | 7 नवम्बर 2025 |
| स्थापना वर्ष | 2014 |
| आरंभकर्ता | डॉ. हर्षवर्धन |
| स्मरण | वैज्ञानिक मेरी क्यूरी की जन्म जयंती |
| 2025 की थीम | “United by Unique” |
| भारत में प्रमुख कैंसर | मुख, स्तन, गर्भाशय ग्रीवा, फेफड़े |
| आँकड़ा स्रोत | GLOBCAN 2020 रिपोर्ट |
| प्रमुख संस्थान | ICMR, AIIMS, टाटा मेमोरियल हॉस्पिटल |
| गतिविधियाँ | स्क्रीनिंग, कार्यशालाएँ, डिजिटल अभियान |
| प्रमुख संदेश | प्रारंभिक पहचान और स्वस्थ जीवनशैली अपनाएँ |
| राष्ट्रीय शोध निकाय | राष्ट्रीय कैंसर रजिस्ट्री कार्यक्रम (NCRP) |





