महिलाओं के खिलाफ बढ़ती हिंसा पर चिंता
मिजोरम सरकार ने GBV Solve Project (Gender-Based Violence Solve Project) की शुरुआत की है ताकि महिलाओं के खिलाफ बढ़ती लैंगिक हिंसा (GBV) को रोका जा सके और उनके सामाजिक एवं आर्थिक सशक्तिकरण को मजबूत किया जा सके।
इस पहल का शुभारंभ सामाजिक कल्याण, महिला एवं बाल विकास मंत्री लालरिनपुई ने आइजोल में किया। उन्होंने कहा कि “हर महिला को सुरक्षा, समानता और अवसर मिलना चाहिए।”
रिपोर्टों के अनुसार, मिजोरम में GBV मामलों में चार गुना वृद्धि हुई है — 2022–23 में 3,094 से बढ़कर फरवरी 2025 में 12,750 मामले हो गए। सरकार ने इसे एक गंभीर सामाजिक चुनौती के रूप में पहचाना है, जिसके लिए संस्थानों, समुदायों और नागरिक समाज के बीच सहयोग आवश्यक है।
स्थैतिक जीके तथ्य: मिजोरम वर्ष 1987 में भारत का पूर्ण राज्य बना, जिसकी राजधानी आइजोल है।
लैंगिक न्याय के लिए सहयोगात्मक पहल
GBV Solve Project एक संयुक्त पहल है जिसमें Aparajita और J-PAL South Asia साझेदार हैं, जबकि Mission Foundation Movement (MFM) इसे स्थानीय स्तर पर लागू कर रहा है।
यह सहयोग नीति अनुसंधान और सामुदायिक सहभागिता को जोड़कर व्यवहारिक परिवर्तन लाने की दिशा में कार्य कर रहा है।
परियोजना का फोकस है — जागरूकता अभियान, परामर्श सेवाएँ और प्रशिक्षण कार्यक्रम, जिनका उद्देश्य एक लैंगिक-संवेदनशील समाज का निर्माण करना है।
यह स्कूलों, सामुदायिक समूहों और प्रशासनिक संस्थानों को हिंसा की रोकथाम में सक्रिय भागीदार बनाना चाहता है।
स्थैतिक जीके टिप: J-PAL South Asia, Abdul Latif Jameel Poverty Action Lab (J-PAL) का हिस्सा है, जिसका मुख्यालय MIT (Massachusetts Institute of Technology), USA में है।
शिक्षा और कौशल के माध्यम से सशक्तिकरण
परियोजना का मुख्य लक्ष्य शिक्षा और कौशल विकास है।
स्कूलों और सामुदायिक केंद्रों में आयोजित जागरूकता सत्रों के माध्यम से बच्चों में सम्मान और समानता की भावना विकसित की जा रही है।
महिला लाभार्थियों को जीविकोपार्जन और उद्यमिता प्रशिक्षण दिया जाएगा ताकि वे आत्मनिर्भर बन सकें और हिंसा की संवेदनशीलता से मुक्त हों।
आर्थिक सशक्तिकरण को सामाजिक सुधार से जोड़कर, यह परियोजना महिलाओं के सशक्तिकरण को स्थायी बनाना चाहती है।
कौशल विकास की ये पहल राष्ट्रीय कौशल विकास मिशन (2015) के अनुरूप है, जिससे प्रशिक्षण का परिणाम रोजगार-उन्मुख हो सके।
स्थैतिक जीके तथ्य: राष्ट्रीय कौशल विकास मिशन की शुरुआत 2015 में कौशल विकास और उद्यमिता मंत्रालय के तहत की गई थी।
व्यापक दृष्टिकोण और राष्ट्रीय मॉडल
राष्ट्रीय स्तर पर 470 से अधिक प्रस्ताव GBV Solve फ्रेमवर्क के तहत प्रस्तुत किए गए, जिनमें से 6 संगठनों को क्रियान्वयन के लिए चुना गया, जिनमें MFM भी शामिल है।
परियोजना का पहला चरण आइजोल जिले में लागू होगा और बाद में पूरे राज्य में इसका विस्तार किया जाएगा।
यह मॉडल अनुसंधान-आधारित नीति, सामुदायिक सहभागिता और सरकारी सहयोग का उत्कृष्ट उदाहरण है, जिसे अन्य राज्यों में भी लागू किया जा सकेगा।
यह पहल भारत की सतत विकास लक्ष्य (SDG) 5 — लैंगिक समानता के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
स्थैतिक जीके टिप: संयुक्त राष्ट्र का SDG 5 वर्ष 2030 तक सभी महिलाओं और लड़कियों के सशक्तिकरण एवं लैंगिक समानता प्राप्त करने पर केंद्रित है।
Static Usthadian Current Affairs Table
| विषय | विवरण |
| परियोजना का नाम | लैंगिक आधारित हिंसा (GBV) सॉल्व प्रोजेक्ट |
| प्रारंभकर्ता | मिजोरम सरकार |
| उद्घाटनकर्ता | मंत्री लालरिनपुई |
| प्रमुख साझेदार | अपराजिता और जे-पैल साउथ एशिया |
| कार्यान्वयन एजेंसी | मिशन फाउंडेशन मूवमेंट (MFM) |
| रिपोर्टेड हिंसा के मामले | 3,094 (2022–23) से बढ़कर 12,750 (2025) |
| प्रारंभिक क्षेत्र | आइजोल जिला |
| राष्ट्रीय स्तर पर प्राप्त प्रस्ताव | 470 से अधिक |
| चयनित कार्यान्वयन संगठन | 6 संगठन |
| संबंधित सतत विकास लक्ष्य | SDG 5 – लैंगिक समानता |





