कार्यशाला का संदर्भ और उद्देश्य
इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) 13 जनवरी 2026 को नई दिल्ली में BHASHINI समुदाय: भारत के भाषा AI इकोसिस्टम को मजबूत करना विषय पर कार्यशाला का आयोजन करेगा। इस कार्यशाला का आयोजन डिजिटल इंडिया BHASHINI डिवीजन द्वारा किया जा रहा है।
इसका मुख्य उद्देश्य बहुभाषी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर काम करने वाले हितधारकों के बीच सहयोग को गहरा करना है। यह कार्यक्रम पूरे भारत में भाषा प्रौद्योगिकियों के लिए एक साझा इकोसिस्टम बनाने पर केंद्रित है।
स्टेटिक जीके तथ्य: MeitY भारत में डिजिटल शासन, इलेक्ट्रॉनिक्स नीति और सूचना प्रौद्योगिकी के लिए नोडल मंत्रालय है।
BHASHINI समुदाय पहल
BHASHINI समुदाय एक सहयोगी प्लेटफॉर्म-आधारित पहल है जो भाषा विशेषज्ञों, शैक्षणिक संस्थानों, नागरिक समाज संगठनों और डेटा प्रैक्टिशनर्स को एक साथ लाता है। यह एक बंद प्रौद्योगिकी कार्यक्रम के बजाय एक सहभागी इकोसिस्टम के रूप में कार्य करता है।
यह पहल राष्ट्रीय भाषा अनुवाद मिशन के तहत BHASHINI के जनादेश का समर्थन करती है। इसका लक्ष्य डिजिटल और सार्वजनिक सेवाओं तक पहुंच में भाषा की बाधाओं को दूर करना है।
स्टेटिक जीके तथ्य: भारत में संविधान की आठवीं अनुसूची के तहत 22 आधिकारिक तौर पर मान्यता प्राप्त भाषाएँ हैं।
राष्ट्रीय भाषा अनुवाद मिशन
राष्ट्रीय भाषा अनुवाद मिशन का लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि डिजिटल सेवाएँ सभी भारतीय भाषाओं में उपलब्ध हों। BHASHINI इस मिशन की तकनीकी रीढ़ के रूप में कार्य करता है।
यह मिशन सह-निर्माण, नैतिक डेटा प्रथाओं और समावेशी डिजिटल भागीदारी को बढ़ावा देता है। ये सिद्धांत भाषा डेटासेट और AI मॉडल के विकास का मार्गदर्शन करते हैं।
स्टेटिक जीके टिप: भाषा समावेशन डिजिटल शासन और नागरिक-केंद्रित सेवा वितरण का एक प्रमुख घटक है।
नेतृत्व की दूरदर्शिता और नीतिगत दिशा
MeitY और डिजिटल इंडिया BHASHINI डिवीजन के वरिष्ठ नेतृत्व एक संप्रभु और समावेशी भाषा AI इकोसिस्टम के लिए दृष्टिकोण की रूपरेखा तैयार करेंगे। यह इकोसिस्टम सार्वजनिक डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर पर आधारित है।
डिजिटल इंडिया BHASHINI डिवीजन के CEO अमिताभ नाग के साथ एक अनौपचारिक बातचीत में BHASHINI के एक राष्ट्रीय प्लेटफॉर्म के रूप में विकास पर विचार-विमर्श किया जाएगा। चर्चा में शासन, शिक्षा और सार्वजनिक सेवाओं में साझेदारियों पर प्रकाश डाला जाएगा।
प्लेटफ़ॉर्म क्षमताएँ और विस्तार
कार्यशाला में BHASHINI की प्लेटफ़ॉर्म क्षमताओं और रणनीतिक प्राथमिकताओं पर सत्र शामिल होंगे। इन चर्चाओं में राज्यों और कार्यान्वयन भागीदारों के साथ सहयोग पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा। शैलेंद्र पाल सिंह प्लेटफॉर्म विस्तार और इकोसिस्टम जुड़ाव के लिए रोडमैप पेश करेंगे। सभी सेक्टरों में स्केलेबल डिप्लॉयमेंट पर ज़ोर दिया जाएगा।
स्टैटिक GK फैक्ट: भारत में पब्लिक डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर में आधार, UPI और DigiLocker जैसे प्लेटफॉर्म शामिल हैं।
सामुदायिक भागीदारी और भाषादान
लाइव डेमो में BHASHINI को रियल-वर्ल्ड एप्लीकेशन में दिखाया जाएगा। इनमें गवर्नेंस सेवाएं और बहुभाषी कंटेंट डिलीवरी शामिल हैं।
नागरिक योगदान प्लेटफॉर्म भाषादान का एक वॉकथ्रू सामुदायिक नेतृत्व वाले डेटा निर्माण पर प्रकाश डालेगा। नागरिक AI मॉडल को मज़बूत करने के लिए भाषा डेटा का योगदान करते हैं।
स्टैटिक GK टिप: नागरिक-जनित डेटा AI की सटीकता और क्षेत्रीय भाषा कवरेज को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
डेटा पार्टनरशिप और समावेशी AI गवर्नेंस
लंच के बाद के सेशन डेटा सिस्टम और नैतिक पार्टनरशिप पर केंद्रित होंगे। समावेशी और स्केलेबल डेटा सहयोग को मज़बूत करने के लिए एक एक्सप्रेशन ऑफ़ इंटरेस्ट पर चर्चा की जाएगी।
वर्कशॉप का समापन भाषा AI के लोकतंत्रीकरण में BHASHINI के नेतृत्व की पुष्टि के साथ होगा। यह पहल भाषा प्रौद्योगिकी को सामाजिक और आर्थिक सशक्तिकरण के एक उपकरण के रूप में स्थापित करती है।
स्थिर उस्थादियन करंट अफेयर्स तालिका
| विषय | विवरण |
| मेजबान मंत्रालय | इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय |
| आयोजन का नाम | भाषिणी समुदाय कार्यशाला |
| तिथि | 13 जनवरी 2026 |
| आयोजन करने वाला प्रभाग | डिजिटल इंडिया भाषिणी प्रभाग |
| राष्ट्रीय मिशन | राष्ट्रीय भाषा अनुवाद मिशन |
| प्रमुख मंच | भाषिणी |
| नागरिक पहल | भाषा दान |
| फोकस क्षेत्र | शासन हेतु बहुभाषी कृत्रिम बुद्धिमत्ता |
| शासन मॉडल | नैतिक और सहभागितापूर्ण एआई पारिस्थितिकी तंत्र |
| डिजिटल ढांचा | सार्वजनिक डिजिटल अवसंरचना |





