ममल्लापुरम में नया अट्रैक्शन
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री ने एक बड़े नाइट टूरिज्म इनिशिएटिव के तहत राज्य के पहले ममल्लापुरम ग्लो गार्डन का उद्घाटन किया। गार्डन में रोशनी वाली मूर्तियां, चमकते हुए इंस्टॉलेशन और इको–फ्रेंडली लाइटिंग शामिल हैं, जिन्हें सूरज डूबने के बाद विज़िटर्स को आकर्षित करने के लिए डिज़ाइन किया गया है।
इस इनिशिएटिव का उद्देश्य दिन के समय के बाद भी टूरिस्ट एक्टिविटी को बढ़ाना और तमिलनाडु के सबसे प्रसिद्ध हेरिटेज शहरों में से एक में विज़िटर अनुभव को बेहतर बनाना है।
स्टैटिक GK फैक्ट: ममल्लापुरम बंगाल की खाड़ी के कोरोमंडल तट पर चेंगलपट्टू जिले में स्थित है।
नाइट टूरिज्म को बढ़ावा देना
यह प्रोजेक्ट तमिलनाडु की डाइवर्सिफाइड टूरिज्म स्ट्रेटेजी का हिस्सा है। नाइट टूरिज्म से पर्यटकों की संख्या बढ़ती है, स्थानीय रोज़गार पैदा होता है और हैंडीक्राफ्ट तथा खाने–पीने के वेंडर जैसे छोटे व्यवसायों को प्रोत्साहन मिलता है।
ग्लो गार्डन जैसे मॉडर्न आकर्षण के माध्यम से राज्य कल्चरल हेरिटेज को समकालीन टूरिज्म मॉडल से जोड़ रहा है। यह पहल हेरिटेज ज़ोन में पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर को बेहतर बनाने पर सरकार के ज़ोर को भी दर्शाती है।
स्टैटिक GK टिप: घरेलू पर्यटकों की संख्या के मामले में तमिलनाडु लगातार भारत के शीर्ष राज्यों में शामिल है।
ममल्लापुरम का ऐतिहासिक महत्व
ममल्लापुरम, जिसे महाबलीपुरम भी कहा जाता है, एक UNESCO वर्ल्ड हेरिटेज साइट है। यह 7वीं और 8वीं सदी CE में पल्लव वंश के दौरान बने रॉक–कट मंदिरों और मोनोलिथिक स्ट्रक्चर के लिए प्रसिद्ध है।
मुख्य स्मारकों में शोर मंदिर, अर्जुन की तपस्या और पांच रथ शामिल हैं। ये द्रविड़ मंदिर वास्तुकला के प्रारंभिक उदाहरण माने जाते हैं।
ग्लो गार्डन संरक्षित स्मारकों में कोई बदलाव किए बिना एक आधुनिक विज़ुअल डायमेंशन जोड़ता है, जिससे ऐतिहासिक परिवेश और आकर्षक बनता है।
स्टैटिक GK फैक्ट: पल्लव शासक नरसिंहवर्मन I, जिन्हें ममल्ला भी कहा जाता है, ने इस शहर को इसका नाम दिया।
आर्थिक और सांस्कृतिक असर
तमिलनाडु की अर्थव्यवस्था में टूरिज्म का महत्वपूर्ण योगदान है। ग्लो गार्डन से पर्यटकों के ठहरने की औसत अवधि बढ़ने और स्थानीय समुदाय के लिए रेवेन्यू जेनरेशन में वृद्धि की उम्मीद है।
ऐसे प्रोजेक्ट कल्चरल अवेयरनेस को भी बढ़ाते हैं। मॉडर्न आकर्षण से आकर्षित पर्यटक अक्सर आसपास की हेरिटेज साइट्स, म्यूज़ियम और ट्रेडिशनल आर्ट सेंटर्स भी देखते हैं।
यह पहल अनियोजित भीड़ के बजाय रेगुलेटेड और ऑर्गनाइज़्ड नाइट–टाइम एक्टिविटीज़ को बढ़ावा देकर सस्टेनेबल टूरिज्म प्रिंसिपल्स का समर्थन करती है।
तमिलनाडु टेम्पल टूरिज्म, इको–टूरिज्म और हेरिटेज टूरिज्म सर्किट में सक्रिय निवेश कर रहा है। ममल्लापुरम ग्लो गार्डन राज्य को एक प्रमुख कल्चरल टूरिज्म डेस्टिनेशन के रूप में मजबूत करता है।
हेरिटेज और इनोवेशन का इंटीग्रेशन एक ऐसा मॉडल प्रस्तुत करता है जिसे अन्य टूरिस्ट शहर भी अपना सकते हैं। यह ममल्लापुरम की ग्लोबल विज़िबिलिटी को भी बढ़ाता है।
स्टेटिक GK टिप: ममल्लापुरम ने 2019 में इंडिया–चाइना इनफॉर्मल समिट की मेजबानी की थी, जिससे इसके डिप्लोमैटिक और कल्चरल महत्व को वैश्विक स्तर पर रेखांकित किया गया।
Static Usthadian Current Affairs Table
| विषय | विवरण |
| परियोजना | मामल्लापुरम ग्लो गार्डन |
| स्थान | मामल्लापुरम, चेंगलपट्टु जिला, तमिलनाडु |
| उद्घाटन किया | तमिलनाडु के मुख्यमंत्री द्वारा |
| उद्देश्य | रात्रि पर्यटन को बढ़ावा देना और दर्शक समय बढ़ाना |
| विरासत दर्जा | यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल |
| ऐतिहासिक काल | पल्लव वंश (7वीं–8वीं शताब्दी ई.) |
| प्रसिद्ध स्मारक | शोर मंदिर, पाँच रथ, अर्जुन की तपस्या |
| आर्थिक प्रभाव | पर्यटन राजस्व और स्थानीय रोजगार में वृद्धि |





