नेशनल मिल्क डे का महत्व
नेशनल मिल्क डे हर साल 26 नवंबर को डॉ. वर्गीस कुरियन के सम्मान में मनाया जाता है, जिन्हें व्हाइट रेवोल्यूशन के जनक के रूप में जाना जाता है। यह दिन डेयरी प्रोडक्शन में भारत की बदलाव की यात्रा को दिखाता है। यह उस कोऑपरेटिव मूवमेंट को भी पहचान देता है जिसने लाखों ग्रामीण परिवारों को मज़बूत बनाया।
डॉ. कुरियन का शुरुआती जीवन
डॉ. वर्गीस कुरियन का जन्म 1921 में केरल के कोझिकोड में हुआ था। इंजीनियरिंग और डेयरी साइंस में उनकी पढ़ाई ने बाद में भारत की ग्रामीण अर्थव्यवस्था में उनके योगदान को आकार दिया। गुजरात के आनंद में उनका जाना वह अहम पल बन गया जिसने उन्हें कोऑपरेटिव मूवमेंट से जोड़ा।
व्हाइट रेवोल्यूशन के आर्किटेक्ट
डॉ. कुरियन ने दुनिया के सबसे बड़े डेयरी डेवलपमेंट प्रोग्राम, ऑपरेशन फ्लड को लीड किया। इस प्रोग्राम ने भारत को दूध की कमी वाले देश से दुनिया का सबसे बड़ा दूध प्रोड्यूसर बना दिया। उनका विज़न बिचौलियों के बजाय कोऑपरेटिव के ज़रिए किसानों को मज़बूत बनाने पर था।
ऑपरेशन फ्लड के तहत भारत के डेयरी सेक्टर के विस्तार ने दूध का स्टेबल डिस्ट्रीब्यूशन, ग्रामीण इनकम और न्यूट्रिशनल सिक्योरिटी पक्की की।
स्टैटिक GK फैक्ट: भारत दुनिया भर में दूध प्रोडक्शन में लगभग 24% का योगदान देता है, जो दुनिया में सबसे ज़्यादा है।
खास इंस्टीट्यूशन की स्थापना
डॉ. कुरियन ने नेशनल डेयरी डेवलपमेंट बोर्ड (NDDB) के फाउंडर चेयरमैन के तौर पर काम किया। NDDB राज्यों में डेयरी सुधारों और कोऑपरेटिव विस्तार के पीछे सेंट्रल फोर्स बन गया। उन्होंने गुजरात को-ऑपरेटिव मिल्क मार्केटिंग फेडरेशन (GCMMF) को बनाने में भी अहम भूमिका निभाई, जो मशहूर अमूल ब्रांड को मैनेज करता है।
बाद में उन्होंने रूरल डेवलपमेंट और कोऑपरेटिव मैनेजमेंट में युवा प्रोफेशनल्स को ट्रेन करने के लिए इंस्टिट्यूट ऑफ़ रूरल मैनेजमेंट आनंद (IRMA) की स्थापना की। यह इंस्टीट्यूशन भारत के ज़मीनी स्तर के गवर्नेंस सिस्टम को सपोर्ट करता रहता है।
स्टैटिक GK टिप: अमूल की स्थापना 1946 में हुई थी, व्हाइट रेवोल्यूशन से बहुत पहले, लेकिन डॉ. कुरियन ने इसे एक नेशनल मॉडल बना दिया। खाने के तेल और दूसरे सेक्टर पर असर
डेयरी के अलावा, डॉ. कुरियन ने भारत के खाने के तेल सेक्टर में भी सुधार किया। उन्होंने 1979 में पॉपुलर धारा ब्रांड लॉन्च किया, जो सस्ते और अच्छी क्वालिटी वाले खाने के तेल को बढ़ावा देता था। इससे घरेलू बाज़ार को स्थिर करने और इंपोर्ट पर निर्भरता कम करने में मदद मिली।
उनका कोऑपरेटिव-आधारित तरीका कई सेक्टर के लिए एक ब्लूप्रिंट बन गया, जिससे पता चला कि किसान समूह कैसे बड़े पैमाने पर बदलाव ला सकते हैं।
स्टेटिक GK फैक्ट: धारा का नारा “धारा, धारा—शुद्ध धारा” भारत के सबसे यादगार ब्रांड कैंपेन में से एक बन गया।
अवार्ड और सम्मान
डॉ. कुरियन को कई नेशनल और इंटरनेशनल सम्मान मिले। इनमें कम्युनिटी लीडरशिप के लिए रेमन मैग्सेसे अवॉर्ड (1963), वर्ल्ड फ़ूड प्राइज़ (1989), और पद्म विभूषण (1999) शामिल हैं। उनका काम दुनिया भर में ग्रामीण विकास प्रोग्राम और कोऑपरेटिव मॉडल को प्रेरित करता रहता है।
लगातार विरासत
नेशनल मिल्क डे डॉ. कुरियन के आत्मनिर्भर गांवों और सबको साथ लेकर चलने वाले आर्थिक विकास के विज़न की याद दिलाता है। उनकी विरासत इस बात का प्रतीक है कि कैसे साइंटिफिक इनोवेशन, डीसेंट्रलाइज़ेशन और कम्युनिटी की भागीदारी किसी देश की इकॉनमी को नया आकार दे सकती है।
Static Usthadian Current Affairs Table
| Topic | Detail |
| राष्ट्रीय दुग्ध दिवस तिथि | 26 नवम्बर |
| उद्देश्य | डॉ. वर्गीज़ कुरियन का सम्मान करना |
| जन्म वर्ष व स्थान | 1921, कोझिकोडे (केरल) |
| प्रमुख योगदान | श्वेत क्रांति के जनक |
| प्रमुख कार्यक्रम | ऑपरेशन फ़्लड |
| प्रमुख संस्थान | NDDB, GCMMF, IRMA |
| खाद्य तेल सुधार | 1979 में धारा ब्रांड की शुरुआत |
| प्रमुख पुरस्कार | मैग्सेसे 1963, वर्ल्ड फ़ूड प्राइज़ 1989, पद्म विभूषण 1999 |
| भारत की दुग्ध स्थिति | विश्व का सबसे बड़ा दुग्ध उत्पादक |
| मूल दृष्टिकोण | सहकारी आधारित ग्रामीण विकास |





