राज्य भर में सफाई की पहल
कुप्पाई थिरुविझा 2026 तमिलनाडु सरकार द्वारा घोषित तीन दिन का राज्य भर में कचरा कलेक्शन ड्राइव है। इस पहल का मकसद शहरी और ग्रामीण लोकल बॉडीज़ में कचरे को अलग करने, डिस्पोज़ल और रीसाइक्लिंग के तरीकों को बेहतर बनाना है।
यह ड्राइव 21 से 23 जनवरी 2026 तक चलेगी। सभी म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन, नगर पालिकाओं, टाउन पंचायतों और गांव की पंचायतों को इसमें हिस्सा लेना ज़रूरी है।
थूयमाई इयक्कम से लिंक करें
यह प्रोग्राम थूयमाई इयक्कम का हिस्सा है, जो 2025 में घोषित एक बड़ा सफाई कैंपेन है। यह कैंपेन इंस्टीट्यूशनल सफ़ाई, पब्लिक पार्टिसिपेशन और सस्टेनेबल वेस्ट हैंडलिंग पर फोकस करता है। कुप्पाई थिरुविझा कैंपेन का एक मास-एक्शन हिस्सा है। यह नागरिकों और अधिकारियों को ऑफिस और पब्लिक जगहों पर जमा कचरे को साफ करने के लिए बढ़ावा देता है।
स्टैटिक GK फैक्ट: तमिलनाडु उन शुरुआती भारतीय राज्यों में से था जिन्होंने म्युनिसिपल कानूनों के तहत डीसेंट्रलाइज़्ड सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट मॉडल अपनाए थे।
पहले के फेज़ का परफॉर्मेंस
जून और दिसंबर 2025 के बीच, सरकारी ऑफिसों में कचरा कलेक्शन के चार फेज़ किए गए। इन फेज़ में पुराने रिकॉर्ड, ई-वेस्ट, प्लास्टिक और बिना इस्तेमाल होने वाले सामान को टारगेट किया गया।
इन फेज़ के दौरान कुल 2,877 टन कचरा इकट्ठा किया गया। कचरे को डंप करने के बजाय साइंटिफिक तरीके से प्रोसेस किया गया।
स्टैटिक GK टिप: साइंटिफिक रीसाइक्लिंग से लैंडफिल प्रेशर कम होता है और म्युनिसिपैलिटी को सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट रूल्स, 2016 को पूरा करने में मदद मिलती है।
रीसाइक्लिंग से रेवेन्यू
रीसाइकिल किए गए कचरे से राज्य को ₹3.79 करोड़ का रेवेन्यू मिला। यह सिस्टमैटिक वेस्ट सेग्रीगेशन की इकोनॉमिक क्षमता को दिखाता है।
रेवेन्यू जेनरेशन सेल्फ-सस्टेनिंग सैनिटेशन इनिशिएटिव को भी सपोर्ट करता है। इससे वेस्ट मैनेजमेंट के लिए बजट पर निर्भरता कम होती है।
शहरी इंफ्रास्ट्रक्चर पर फोकस
ग्रेटर चेन्नई कॉर्पोरेशन में 200 कचरा कलेक्शन सेंटर बनाए गए हैं। ये सेंटर फेस्टिवल के दौरान कचरा इकट्ठा करने के लिए नोडल पॉइंट के तौर पर काम करेंगे।
शहरी लोकल बॉडीज़ से इस मॉडल को अपनाने की उम्मीद है। टेम्पररी और परमानेंट कलेक्शन पॉइंट लॉजिस्टिक एफिशिएंसी को बेहतर बनाते हैं।
स्टैटिक GK फैक्ट: ग्रेटर चेन्नई कॉर्पोरेशन भारत की सबसे पुरानी म्युनिसिपल संस्था है, जो 1688 में बनी थी।
एडमिनिस्ट्रेटिव और पब्लिक पार्टिसिपेशन
कुप्पई तिरुविझा की सफलता अधिकारियों और नागरिकों के बीच कोऑर्डिनेशन पर निर्भर करती है। लोकल बॉडी स्टाफ, सफाई कर्मचारी और रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन इसमें अहम भूमिका निभाते हैं।
पब्लिक अवेयरनेस ड्राइव कलेक्शन प्रोसेस के साथ-साथ चलती हैं। इससे कचरा हैंडल करने में लंबे समय तक चलने वाले बिहेवियर में बदलाव लाने में मदद मिलती है।
Static Usthadian Current Affairs Table
| विषय | विवरण |
| पहल का नाम | कुप्पै तिरुविझा 2026 |
| अवधि | 21 से 23 जनवरी 2026 |
| कार्यान्वयन प्राधिकरण | तमिलनाडु सरकार |
| संबद्ध अभियान | थूयमई इयक्कम |
| पूर्व चरणों की अवधि | जून से दिसंबर 2025 |
| एकत्रित अपशिष्ट | 2,877 टन |
| अर्जित राजस्व | ₹3.79 करोड़ |
| चेन्नई अवसंरचना | 200 कचरा संग्रह केंद्र |
| मुख्य उद्देश्य | कुशल कचरा संग्रहण और पुनर्चक्रण |
| शासन स्तर | तमिलनाडु की सभी स्थानीय निकायें |





