आक्रामक प्रजातियों की चुनौती का सामना करना
केरल आक्रामक पौधों की प्रजातियों की पहचान और प्रबंधन के उद्देश्य से एक AI-संचालित मोबाइल एप्लिकेशन, NeophyteID लॉन्च करने की तैयारी कर रहा है। इसका औपचारिक लॉन्च केरल साइंस कांग्रेस में होगा, जो प्रौद्योगिकी-संचालित पर्यावरण संरक्षण की दिशा में राज्य के प्रयास को उजागर करेगा।
आक्रामक पौधे स्थानीय वनस्पतियों से प्रतिस्पर्धा करके देशी पारिस्थितिक तंत्र के लिए गंभीर खतरा पैदा करते हैं। केरल की पारिस्थितिक भेद्यता संरक्षण प्रयासों के लिए शीघ्र पता लगाने और त्वरित प्रतिक्रिया को महत्वपूर्ण बनाती है।
AI-संचालित पहचान प्रणाली
NeophyteID को मालाबार बॉटनिकल गार्डन और प्लांट साइंसेज संस्थान के शोधकर्ताओं द्वारा विकसित किया गया है। यह एप्लिकेशन स्मार्टफोन कैमरे से ली गई छवियों के माध्यम से गैर-देशी पौधों की पहचान करने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का उपयोग करता है, जिन्हें आमतौर पर नियोफाइट्स कहा जाता है।
यह ऐप YOLOv11 मशीन लर्निंग मॉडल द्वारा संचालित है, जो त्वरित और सटीक छवि पहचान को सक्षम बनाता है। जियोस्पेशियल टैगिंग प्रत्येक पहचान को स्थान डेटा से जोड़ने की अनुमति देती है, जिससे पारिस्थितिक निगरानी की सटीकता में सुधार होता है।
स्टेटिक जीके तथ्य: YOLO जैसे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस मॉडल का उपयोग वास्तविक समय की छवि विश्लेषण में उनकी गति और सटीकता के कारण वस्तु पहचान में व्यापक रूप से किया जाता है।
वास्तविक समय मैपिंग और सिटीजन साइंस
NeophyteID के माध्यम से प्रत्येक सत्यापित पहचान केरल भर में आक्रामक पौधों की प्रजातियों के वास्तविक समय वितरण मानचित्र में योगदान करती है। यह मैपिंग वैज्ञानिक अनुसंधान, संरक्षण योजना और नीति-स्तरीय निर्णय लेने में सहायता करती है।
यह ऐप अंग्रेजी और मलयालम में उपलब्ध है, जो समावेशिता सुनिश्चित करता है। छात्र, स्थानीय निवासी, शौकिया प्रकृतिवादी और प्रशिक्षित पारिस्थितिकीविद् सभी योगदान दे सकते हैं, जिससे जैव विविधता संरक्षण में सिटीजन साइंस की भागीदारी मजबूत होती है।
स्टेटिक जीके टिप: कम लागत पर बड़े पैमाने पर पर्यावरणीय डेटा एकत्र करने के लिए दुनिया भर में सिटीजन साइंस पहलों का तेजी से उपयोग किया जा रहा है।
समुदाय-संचालित उत्पत्ति
NeophyteID का विचार वायनाड के सुगंधीगिरी ट्राइबल इको विलेज में स्वदेशी आदिवासी समुदायों के साथ क्षेत्र की बातचीत से उभरा। आक्रामक पौधों को हटाने के अभियान के दौरान, गलत पहचान के कारण गलती से देशी प्रजातियों को उखाड़ दिया गया था।
इससे एक सटीक और सुलभ पहचान उपकरण की तत्काल आवश्यकता पर प्रकाश डाला गया। बाद में वैज्ञानिक मार्गदर्शन में एक वेब-आधारित प्रोटोटाइप विकसित किया गया, जो अंततः एक पूर्ण मोबाइल एप्लिकेशन में विकसित हुआ।
केरल के लिए पारिस्थितिक महत्व
केरल पश्चिमी घाट के किनारे स्थित है, जो दुनिया के जैव विविधता हॉटस्पॉट में से एक है। इस क्षेत्र में कई स्थानिक पौधों की प्रजातियाँ पाई जाती हैं जो पारिस्थितिक गड़बड़ी के प्रति बहुत संवेदनशील हैं।
स्टेटिक जीके तथ्य: पश्चिमी घाट को अपनी असाधारण जैविक विविधता के लिए यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल के रूप में मान्यता प्राप्त है।
दायरा और भविष्य की क्षमता
वर्तमान में, NeophyteID को केरल में पाई जाने वाली लगभग 98 आक्रामक पौधों की प्रजातियों के डेटा का उपयोग करके प्रशिक्षित किया गया है। उपयोगकर्ता जंगलों, सार्वजनिक स्थानों और यहाँ तक कि घर के बगीचों में भी पौधों की पहचान कर सकते हैं, जिससे हटाने के प्रयासों के दौरान देशी प्रजातियों की सुरक्षा सुनिश्चित होती है।
इस एप्लिकेशन से शुरुआती पहचान में सुधार होने, पारिस्थितिक क्षति को कम करने और जमीनी स्तर के संरक्षण के साथ प्रौद्योगिकी को एकीकृत करने की उम्मीद है, जिससे भारत में AI-आधारित पर्यावरण शासन के लिए एक मॉडल स्थापित होगा।
Static Usthadian Current Affairs Table
| विषय | विवरण |
| ऐप का नाम | नियोफाइटआईडी (NeophyteID) |
| उद्देश्य | आक्रामक (Invasive) पौध प्रजातियों की पहचान |
| प्रयुक्त तकनीक | कृत्रिम बुद्धिमत्ता और इमेज रिकग्निशन |
| लागू मॉडल | YOLOv11 मशीन लर्निंग मॉडल |
| लॉन्च प्लेटफ़ॉर्म | केरल साइंस कांग्रेस |
| समर्थित भाषाएँ | अंग्रेज़ी और मलयालम |
| प्रजाति कवरेज | लगभग 98 आक्रामक पौध प्रजातियाँ |
| पारिस्थितिक क्षेत्र | पश्चिमी घाट जैव-विविधता हॉटस्पॉट |





