नवम्बर 30, 2025 4:18 पूर्वाह्न

ज्यूडिशियरी और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस व्हाइट पेपर इनसाइट्स

करंट अफेयर्स: सुप्रीम कोर्ट, व्हाइट पेपर, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, ज्यूडिशियरी, ई-कोर्ट्स मिशन मोड प्रोजेक्ट, SUPACE, UNESCO AI एथिक्स, OECD AI प्रिंसिपल्स, EU AI एक्ट, एल्गोरिदमिक रिस्क, ग्लोबल AI गवर्नेंस

Judiciary and Artificial Intelligence White Paper Insights

ओवरव्यू

सुप्रीम कोर्ट के सेंटर फॉर रिसर्च एंड प्लानिंग (CRP) ने एक व्हाइट पेपर जारी किया है जिसमें यह जांच की गई है कि AI को भारत के ज्यूडिशियल सिस्टम में सुरक्षित रूप से कैसे इंटीग्रेट किया जाना चाहिए। यह एथिकल रिस्क को हाईलाइट करता है, प्रैक्टिकल चुनौतियों का रिव्यू करता है, और कोर्ट में ज़िम्मेदार AI के इस्तेमाल को आकार देने वाली ग्लोबल पहलों का सर्वे करता है। पेपर का मकसद ज्यूडिशियल इंडिपेंडेंस, ट्रांसपेरेंसी और कॉन्स्टिट्यूशनल वैल्यूज़ के साथ इनोवेशन को बैलेंस करना है।

स्टैटिक GK फैक्ट: भारत का सुप्रीम कोर्ट 28 जनवरी 1950 को सबसे बड़ी ज्यूडिशियल अथॉरिटी के तौर पर स्थापित हुआ था।

ज्यूडिशियल AI के एथिकल रिस्क

रिपोर्ट में इस बात पर ज़ोर दिया गया है कि AI पर बहुत ज़्यादा डिपेंडेंस ज्यूडिशियल डिस्क्रिप्शन को कमज़ोर कर सकता है। ऑटोमेटेड टूल्स बिना साफ़ रीज़निंग के नतीजे दे सकते हैं, जिससे अकाउंटेबिलिटी में गैप पैदा हो सकते हैं। कई AI मॉडल्स का ओपेक नेचर गलतियों के अनदेखे रहने का रिस्क बढ़ाता है।

AI सिस्टम्स गलतफहमियां भी पैदा कर सकते हैं, जिसमें मनगढ़ंत केस लॉ या साइटेशन शामिल हैं। पेपर में US के केस जैसे रॉबर्टो माटा बनाम एवियनका और कूमर बनाम लिंडेल का ज़िक्र है, जहां AI से बनाए गए झूठे साइटेशन जांच के दायरे में आए थे।

स्टैटिक GK टिप: भारत में ज्यूडिशियल रिव्यू के सिद्धांत को केशवानंद भारती (1973) जैसे लैंडमार्क केस से मजबूती मिली।

एल्गोरिदमिक बायस और डेटा की चिंताएं

पेपर में एल्गोरिदमिक बायस के खिलाफ चेतावनी दी गई है, जिसमें US के COMPAS टूल का उदाहरण दिया गया है, जिसे स्टेट बनाम लूमिस में संभावित नस्लीय बायस को लेकर चुनौती का सामना करना पड़ा था। ऐसे मॉडल्स, अगर बिना सेफगार्ड के दोहराए जाते हैं, तो भारतीय कोर्ट्स में गलत नतीजे आ सकते हैं।

दूसरे रिस्क में डीपफेक और मैनिपुलेटेड सबूत शामिल हैं, जिससे सबूतों से जुड़ी चुनौतियां बढ़ती हैं। चिंताएं प्राइवेसी, कॉन्फिडेंशियलिटी और इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी तक फैली हुई हैं, खासकर जब थर्ड-पार्टी AI टूल सेंसिटिव कोर्ट डेटा को प्रोसेस करते हैं। मुख्य सुझाव

पेपर में कोर्ट के अंदर AI एथिक्स कमेटियां बनाने का सुझाव दिया गया है। इन बॉडी में जज, टेक्नोलॉजिस्ट और कानूनी जानकार होने चाहिए जो AI टूल्स का रिव्यू करें और नैतिक नियमों के पालन पर नज़र रखें।

यह कोर्ट को डेटा-सिक्योरिटी और जोखिम के जोखिम को कम करने के लिए बाहरी प्लेटफॉर्म पर निर्भर रहने के बजाय सुरक्षित इन-हाउस AI सिस्टम बनाने के लिए प्रोत्साहित करता है।

एक फॉर्मल एथिकल AI पॉलिसी में ऑथराइज़्ड इस्तेमाल के मामले, ज़िम्मेदारी का बंटवारा और इंसानी निगरानी के तरीके साफ़ तौर पर बताए जाने चाहिए।

अतिरिक्त सुझावों में सख्त डिस्क्लोज़र नियम, ज़रूरी ऑडिट ट्रेल्स और न्यायिक अधिकारियों के लिए पूरी कैपेसिटी-बिल्डिंग ट्रेनिंग शामिल हैं।

न्यायपालिका में भारत की AI पहल

मुख्य डिजिटल न्याय पहलों में ई-कोर्ट्स मिशन मोड प्रोजेक्ट शामिल है, जो बैकलॉग कम करने, भाषा की रुकावटों को दूर करने और प्रोसेस को आसान बनाने के लिए AI का इस्तेमाल करता है।

SUPACE जैसे टूल जज को केस रिकॉर्ड का एनालिसिस करने और समरी बनाने में मदद करते हैं, जिससे काम करने की क्षमता बढ़ती है।

SUVAS ट्रांसलेशन टूल ने सुप्रीम कोर्ट के 36,000 से ज़्यादा फैसलों को 19 भारतीय भाषाओं में बदला है, जिससे एक्सेसिबिलिटी में मदद मिली है। दूसरे टूल्स में TERES (AI-बेस्ड ट्रांसक्रिप्शन) और LegRAA (लीगल रिसर्च एनालिसिस) शामिल हैं।

स्टैटिक GK फैक्ट: भारत में 25 हाई कोर्ट हैं, जिनमें से हर एक का अधिकार क्षेत्र एक या ज़्यादा राज्यों या केंद्र शासित प्रदेशों पर है।

ग्लोबल डेवलपमेंट

ग्लोबल लेवल पर, UNESCO जैसे ऑर्गनाइज़ेशन ने “आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के एथिक्स पर रिकमेंडेशन” जारी किया है, जबकि OECD ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर अपने प्रिंसिपल्स (2019) बनाए हैं, जो दुनिया का पहला इंटर-गवर्नमेंटल AI स्टैंडर्ड है।

EU AI एक्ट हाई-रिस्क ज्यूडिशियल AI एप्लीकेशन को रेगुलेट करता है। ब्राज़ील (ATHOS) और सिंगापुर (LawNet AI) जैसे देशों ने खास ज्यूडिशियल AI टूल्स डेवलप किए हैं, जो भारत के लिए कम्पेरेटिव मॉडल देते हैं।

Static Usthadian Current Affairs Table

Topic Detail
श्वेत पत्र का फोकस न्यायपालिका में एआई का सुरक्षित और नैतिक उपयोग
प्रमुख संस्था सुप्रीम कोर्ट सेंटर फ़ॉर रिसर्च एंड प्लानिंग
प्रमुख जोखिम अत्यधिक निर्भरता, hallucinations, पक्षपात (bias), गोपनीयता समस्याएँ
उल्लेखनीय अमेरिकी मामले Roberto Mata v. Avianca; Coomer v. Lindell
पक्षपात उदाहरण State v. Loomis में COMPAS टूल को चुनौती
मुख्य सिफ़ारिश न्यायालयों में एआई एथिक्स समितियों की स्थापना
भारत की पहलें e-Courts, SUPACE, SUVAS, TERES, LegRAA
यूनेस्को की भूमिका वैश्विक एआई नैतिकता अनुशंसा
OECD की भूमिका 2019 एआई सिद्धांत
ईयू पहल उच्च-जोखिम प्रणालियों को विनियमित करने वाला EU AI Act
Judiciary and Artificial Intelligence White Paper Insights
  1. भारत की ज्यूडिशियरी एक नए व्हाइट पेपर के ज़रिए AI इंटीग्रेशन को एक्सप्लोर कर रही है।
  2. यह डॉक्यूमेंट ज़िम्मेदारी और एथिक्सड्रिवन AI अपनाने पर ज़ोर देता है।
  3. AI टूल्स का मकसद पेंडेंसी और केस बैकलॉग को कम करना है।
  4. ऑटोमेशन डॉक्यूमेंट क्लासिफिकेशन और रिसर्च को सपोर्ट करता है।
  5. ज्यूडिशियरी एल्गोरिदमिक ट्रांसपेरेंसी को प्रायोरिटी देती है।
  6. AI को लीगल डिसीजनसपोर्ट सिस्टम में बायस से बचना चाहिए।
  7. यह पेपर ह्यूमनइनकंट्रोल फ्रेमवर्क को सपोर्ट करता है।
  8. AI कॉम्प्लेक्स केस रिकॉर्ड को समराइज़ करने में मदद करता है।
  9. यह इनिशिएटिव भारत के डिजिटल जस्टिस डिलीवरी विज़न के साथ अलाइन है।
  10. पायलट प्रोजेक्ट्स AI-एडेड कोर्ट ट्रांसक्रिप्शन को एक्सप्लोर करते हैं।
  11. ज्यूडिशियरी यह पक्का करती है कि डेटा यूज़, प्राइवेसी और लीगल कम्प्लायंस का सम्मान हो।
  12. लॉ स्कूलों और रिसर्च बॉडीज़ के साथ कोलैबोरेशन प्लान किया गया है।
  13. ओपनसोर्स ज्यूडिशियल AI मॉडल्स पर ज़ोर।
  14. AI अपनाने से ज्यूडिशियल इंडिपेंडेंस से कोई समझौता नहीं होना चाहिए।
  15. टेक्नोलॉजी नागरिकों के लिए बेहतर कानूनी एक्सेस में मदद करती है।
  16. भारत की अदालतों का लक्ष्य सुरक्षित डिजिटल प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल करके मॉडर्न बनना है।
  17. ट्रेनिंग प्रोग्राम ज्यूडिशियल टेक कैपेसिटी बनाएंगे।
  18. व्हाइट पेपर साइबर सिक्योरिटी रिस्क के खिलाफ रेजिलिएंस को सपोर्ट करता है।
  19. सफलता इंटरइंस्टीट्यूशनल कोऑपरेशन पर निर्भर करती है।
  20. AI का इस्तेमाल सख्त ज्यूडिशियल निगरानी में धीरे-धीरे बढ़ेगा।

Q1. न्यायपालिका में AI पर व्हाइट पेपर किस संगठन ने जारी किया?


Q2. Roberto Mata v. Avianca मामले में किस AI समस्या को उजागर किया गया?


Q3. State v. Loomis मामले में किस अमेरिकी AI टूल पर पक्षपात (Bias) का आरोप लगा?


Q4. कौन-सा प्रोजेक्ट भारतीय न्यायिक फैसलों के अनुवाद में मदद करता है?


Q5. उच्च-जोखिम न्यायिक AI को कौन सा वैश्विक ढांचा नियंत्रित करता है?


Your Score: 0

Current Affairs PDF November 29

Descriptive CA PDF

One-Liner CA PDF

MCQ CA PDF​

CA PDF Tamil

Descriptive CA PDF Tamil

One-Liner CA PDF Tamil

MCQ CA PDF Tamil

CA PDF Hindi

Descriptive CA PDF Hindi

One-Liner CA PDF Hindi

MCQ CA PDF Hindi

News of the Day

Premium

National Tribal Health Conclave 2025: Advancing Inclusive Healthcare for Tribal India
New Client Special Offer

20% Off

Aenean leo ligulaconsequat vitae, eleifend acer neque sed ipsum. Nam quam nunc, blandit vel, tempus.