रणनीतिक क्वांटम सहयोग
तमिलनाडु ने iTNT हब और XeedQ GmbH के बीच क्वांटम कंप्यूटिंग सहयोग के माध्यम से उभरती हुई टेक्नोलॉजी की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है।
Umagine 2026 में एक लेटर ऑफ इंटेंट (LoI) पर हस्ताक्षर किए गए, जो राज्य में संरचित क्वांटम कार्यक्रमों की शुरुआत का प्रतीक है।
यह पहल तमिलनाडु को भारत के क्वांटम इकोसिस्टम में शुरुआती कदम उठाने वालों में से एक के रूप में स्थापित करती है। यह डीप-टेक इनोवेशन और भविष्य के लिए तैयार कौशल पर राज्य की नीतिगत फोकस को भी दर्शाता है।
पहला चरण क्वांटम एक्सेस
कार्यक्रम का पहला चरण क्षमता निर्माण और अनुभव पर केंद्रित है।
तमिलनाडु में छात्रों और स्टार्टअप्स को XeedQ द्वारा विकसित 4-क्विबिट क्वांटम कंप्यूटर तक रिमोट एक्सेस मिलेगा।
यह एक्सेस सीखने वालों को सिमुलेशन के बजाय वास्तविक क्वांटम हार्डवेयर के साथ प्रयोग करने की अनुमति देता है।
क्वांटम एल्गोरिदम, क्यूबिट्स और क्वांटम लॉजिक ऑपरेशंस को समझने के लिए इस तरह का व्यावहारिक अनुभव महत्वपूर्ण है।
स्टेटिक जीके तथ्य: सुपरपोजिशन के सिद्धांत के कारण एक क्यूबिट एक साथ कई अवस्थाओं में मौजूद हो सकता है, जबकि क्लासिकल बिट्स सख्ती से 0 या 1 होते हैं।
संस्थागत ढांचा
यह कार्यक्रम iTNT हब द्वारा लागू किया जाएगा, जो तमिलनाडु सरकार द्वारा समर्थित एक पब्लिक-प्राइवेट पहल के रूप में कार्य करता है।
यह मॉडल उद्योग-संचालित निष्पादन के साथ-साथ नीतिगत समर्थन सुनिश्चित करता है।
भौतिक सुविधा अन्ना यूनिवर्सिटी, चेन्नई में iTNT हब परिसर के भीतर स्थित होगी।
यह स्थान उन्नत कंप्यूटिंग में शिक्षा जगत-उद्योग सहयोग को मजबूत करता है।
स्टेटिक जीके टिप: अन्ना यूनिवर्सिटी की स्थापना 1978 में हुई थी और यह भारत के प्रमुख तकनीकी विश्वविद्यालयों में से एक है, जिसका इंजीनियरिंग और अनुप्रयुक्त विज्ञान पर विशेष ध्यान है।
XeedQ GmbH की भूमिका
XeedQ GmbH साझेदारी में एक केंद्रीय तकनीकी भूमिका निभाएगी।
कंपनी कार्यक्रम प्रतिभागियों के लिए क्वांटम हार्डवेयर, तकनीकी रखरखाव और सीखने में सहायता प्रदान करेगी।
जर्मन फर्मों को सटीक इंजीनियरिंग और अनुप्रयुक्त अनुसंधान के लिए विश्व स्तर पर मान्यता प्राप्त है।
यह साझेदारी अंतरराष्ट्रीय सर्वोत्तम प्रथाओं को सीधे तमिलनाडु के इनोवेशन इकोसिस्टम में लाती है।
दूसरे चरण की महत्वाकांक्षा
दूसरे चरण का रणनीतिक राष्ट्रीय महत्व है।
तमिलनाडु अपने इनोवेशन इकोसिस्टम के लिए समर्पित एक भौतिक क्वांटम कंप्यूटर की मेजबानी करने वाला पहला भारतीय राज्य बनने का लक्ष्य रखता है। ऐसी सुविधा रिसर्च, स्टार्टअप और सरकार समर्थित इनोवेशन प्रोग्राम को सपोर्ट करेगी।
यह नेशनल क्वांटम मिशन के तहत भारत के बड़े प्रयासों के भी अनुरूप है।
स्टैटिक GK फैक्ट: क्वांटम कंप्यूटिंग से क्रिप्टोग्राफी, मटीरियल साइंस, ड्रग डिस्कवरी और ऑप्टिमाइजेशन प्रॉब्लम जैसे क्षेत्रों में क्रांति आने की उम्मीद है।
व्यापक महत्व
यह पहल तमिलनाडु की एक टेक्नोलॉजी-फॉरवर्ड राज्य के रूप में प्रतिष्ठा को बढ़ाती है।
यह एक ऐसे क्षेत्र में शुरुआती टैलेंट पाइपलाइन भी बनाती है जहां कुशल मैनपावर की दुनिया भर में कमी है।
पॉलिसी सपोर्ट, एकेडेमिया, स्टार्टअप और ग्लोबल टेक्नोलॉजी प्रोवाइडर्स को इंटीग्रेट करके, यह प्रोग्राम दूसरे राज्यों के लिए एक स्केलेबल मॉडल तैयार करता है।
स्थिर उस्थादियन समसामयिक घटनाएँ तालिका
| विषय | विवरण |
| समझौते का प्रकार | आशय पत्र |
| आयोजन | उमैजिन 2026 |
| कार्यान्वयन निकाय | आईटीएनटी हब |
| प्रौद्योगिकी साझेदार | ज़ीडक्यू जीएमबीएच |
| प्रारंभिक पहुँच | 4-क्यूबिट क्वांटम कंप्यूटर तक दूरस्थ पहुँच |
| लाभार्थी | छात्र और स्टार्टअप |
| सुविधा का स्थान | आईटीएनटी हब, अन्ना विश्वविद्यालय परिसर, चेन्नई |
| सरकारी समर्थन | तमिलनाडु सरकार |
| द्वितीय चरण का लक्ष्य | भौतिक क्वांटम कंप्यूटर की मेजबानी |
| रणनीतिक प्रभाव | तमिलनाडु के क्वांटम नवाचार पारिस्थितिकी तंत्र को सुदृढ़ करना |





