नेशनल स्ट्रैटेजी की पुष्टि
भारत ने AMR 2025–29 पर नेशनल एक्शन प्लान लॉन्च करके एंटीमाइक्रोबियल रेजिस्टेंस (AMR) के बढ़ते खतरे को रोकने के लिए एक मजबूत स्ट्रैटेजी पेश की है। वर्ल्ड AMR अवेयरनेस वीक के दौरान नई दिल्ली में जारी किया गया यह प्लान, जीवन बचाने वाले एंटीमाइक्रोबियल्स के असर को बनाए रखने के लिए एक नए नेशनल कमिटमेंट का संकेत देता है। यह 2017 में पेश किए गए पहले के फ्रेमवर्क को अपडेट करता है और बड़े नेशनल और ग्लोबल सबक को जोड़ता है।
स्टैटिक GK फैक्ट: वर्ल्ड AMR अवेयरनेस वीक हर साल 18–24 नवंबर तक मनाया जाता है।
वन हेल्थ अप्रोच को मजबूत किया गया
अपडेट किया गया प्लान इंसान, जानवर, खेती और पर्यावरण सेक्टर को जोड़ते हुए एक गहरा वन हेल्थ अप्रोच अपनाता है। 20 से ज़्यादा मंत्रालयों को तय बजट और टाइमलाइन के साथ कोऑर्डिनेटेड भूमिकाएँ दी गई हैं। इस कोशिश का मकसद पिछले सालों में लागू करने में देखी गई कमियों को खत्म करना है, खासकर अकाउंटेबिलिटी, इंटरसेक्टोरल कम्युनिकेशन और डेटा शेयरिंग के मामले में।
स्टैटिक GK फैक्ट: वन हेल्थ कॉन्सेप्ट को वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गनाइजेशन (WHO) ने आपस में जुड़े हेल्थ रिस्क को दूर करने के लिए ऑफिशियली मान्यता दी थी।
बढ़ते हेल्थ रिस्क
AMR ज़रूरी दवाओं के असर को कम करके रूटीन सर्जरी, मैटरनल केयर और कैंसर ट्रीटमेंट के लिए खतरा बना हुआ है। हॉस्पिटल, फार्म और फूड सिस्टम में एंटीबायोटिक्स के ज़्यादा इस्तेमाल और गलत इस्तेमाल ने रेजिस्टेंट पैथोजन्स के उभरने को तेज़ कर दिया है। नया प्लान इन सिस्टमिक ड्राइवर्स से सख्त रेगुलेशन और बेहतर मैनेजमेंट प्रैक्टिस के ज़रिए निपटने पर ज़ोर देता है। यह इस रिस्क को हाईलाइट करता है कि अगर 2050 तक AMR को कंट्रोल नहीं किया गया तो इससे दुनिया भर में लाखों मौतें हो सकती हैं।
स्टैटिक GK टिप: एंटीबायोटिक्स की खोज सबसे पहले 1928 में अलेक्जेंडर फ्लेमिंग ने की थी, जो मॉडर्न मेडिसिन में एक बड़ा माइलस्टोन है।
प्लान के मुख्य उद्देश्य
NAP-AMR 2.0 में अवेयरनेस, सर्विलांस, इन्फेक्शन कंट्रोल, एंटीमाइक्रोबियल मैनेजमेंट, रिसर्च और गवर्नेंस को कवर करने वाले छह मुख्य उद्देश्य बताए गए हैं। लैबोरेटरी नेटवर्क को मज़बूत करना एक बड़ी प्राथमिकता है, जिसमें नेशनल रेफरेंस लैब और राज्य-स्तर की डायग्नोस्टिक क्षमता को बढ़ाना शामिल है। यह प्लान फ़ूड चेन में एंटीबायोटिक के बचे हुए हिस्सों की मॉनिटरिंग बढ़ाने और सरकारी और प्राइवेट दोनों जगहों पर बेहतर इन्फेक्शन रोकने के सिस्टम बनाने पर भी फ़ोकस करता है।
स्टैटिक GK फ़ैक्ट: AMR पर भारत का पहला नेशनल एक्शन प्लान 2017 में लॉन्च किया गया था।
रिसर्च और इनोवेशन
यह प्लान नए डायग्नोस्टिक्स, वैक्सीन, इलाज और इलाज के दूसरे तरीकों पर रिसर्च को बढ़ावा देता है। उन इनोवेशन को प्राथमिकता दी जाती है जिन्हें प्राइमरी हेल्थकेयर सेटिंग्स या कम रिसोर्स वाले माहौल में इस्तेमाल किया जा सकता है। ग्लोबल साइंटिफिक संस्थाओं के साथ मिलकर काम करने से AMR से जुड़ी रिसर्च में भारत का योगदान बेहतर होने की उम्मीद है।
स्टैटिक GK टिप: इंडियन काउंसिल ऑफ़ मेडिकल रिसर्च (ICMR) भारत में बायोमेडिकल रिसर्च के लिए सबसे बड़ी संस्था है।
लागू करना और मिलकर काम करना
हर हिस्सा लेने वाला मंत्रालय अगले पाँच सालों के लिए डिटेल में लागू करने का रोडमैप बनाएगा। प्राइवेट अस्पतालों, जानवरों की देखभाल करने वाले सर्विस देने वालों, इंडस्ट्री ग्रुप, कोऑपरेटिव, एकेडेमिया और इंटरनेशनल पार्टनर के साथ मिलकर काम करना नए फ्रेमवर्क का एक अहम हिस्सा है। मज़बूत गवर्नेंस और मॉनिटरिंग सिस्टम का मकसद सभी सेक्टर में लगातार एक्शन, बेहतर रिपोर्टिंग और ऐसी प्रोग्रेस पक्का करना है जिसे मापा जा सके।
स्टैटिक GK फैक्ट: स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय, नेशनल सेंटर फॉर डिज़ीज़ कंट्रोल (NCDC) के ज़रिए राष्ट्रीय AMR कोशिशों को लीड करता है।
स्टैटिक उस्तादियन करेंट अफेयर्स टेबल
| विषय | विवरण |
| राष्ट्रीय योजना अवधि | 2025–29 |
| प्रमुख क्षेत्र | मानव, पशु, कृषि, पर्यावरण |
| मुख्य दृष्टिकोण | एक स्वास्थ्य (वन हेल्थ) |
| प्रमुख कार्यान्वयन संस्था | रोग नियंत्रण केंद्र, स्वास्थ्य तथा परिवार कल्याण मंत्रालय के अंतर्गत |
| पहला एएमआर योजना | वर्ष 2017 में प्रारम्भ |
| प्रमुख उद्देश्य संख्या | छह मुख्य उद्देश्य |
| जन-जागरूकता सप्ताह | प्रतिवर्ष 18–24 नवम्बर |
| शोध प्राथमिकता | निदान, टीके, नई उपचार पद्धतियाँ |
| समन्वय क्षेत्र | 20 से अधिक मंत्रालय |
| उच्च जोखिम वाले क्षेत्र | सामान्य शल्यक्रिया, कैंसर उपचार, मातृ देखभाल |





