एक लैंडमार्क सेमीकंडक्टर माइलस्टोन
भारत ने बेंगलुरु में क्वालकॉम द्वारा डिज़ाइन की गई 2 नैनोमीटर सेमीकंडक्टर चिप के लॉन्च के साथ एक बड़ा टेक्नोलॉजिकल माइलस्टोन हासिल किया। केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव की लीडरशिप में हुए इस इवेंट ने कटिंग-एज सेमीकंडक्टर डिज़ाइन में भारत की बढ़ती क्षमता को हाईलाइट किया। इसने सर्विसेज़-लेड IT से डीप टेक्नोलॉजी लीडरशिप में एक स्ट्रेटेजिक बदलाव को अंडरलाइन किया।
इस लॉन्च ने दिखाया कि भारत अब ग्लोबल चिप इंजीनियरिंग के सबसे एडवांस्ड लेवल पर कंट्रीब्यूट कर रहा है। सब-3 nm नोड दुनिया भर में सेमीकंडक्टर इनोवेशन के फ्रंटियर को रिप्रेजेंट करता है।
2 नैनोमीटर टेक्नोलॉजी क्यों मैटर करती है
2 nm नोड एक सिलिकॉन चिप पर बहुत ज़्यादा हाई ट्रांजिस्टर डेंसिटी को दिखाता है। छोटे नोड्स सीधे हाई कंप्यूटिंग परफॉर्मेंस, कम पावर कंजम्पशन और बेहतर थर्मल एफिशिएंसी में ट्रांसलेट होते हैं। ये फीचर्स आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, 5G और 6G टेलीकॉम, और हाई-परफॉर्मेंस कंप्यूटिंग के लिए ज़रूरी हैं।
स्टैटिक GK फैक्ट: नैनोमीटर नोड्स ट्रांजिस्टर फीचर्स के स्केल को दिखाते हैं, चिप के फिजिकल साइज़ को नहीं।
इस लेवल पर सिर्फ़ कुछ ही ग्लोबल प्लेयर्स काम करते हैं, जिससे भारत एक एलीट टेक्नोलॉजिकल ब्रैकेट में आता है।
इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन और स्ट्रेटेजिक रीसेट
यह लॉन्च इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन (ISM) के मकसद से काफी मिलता-जुलता है। मिशन ने एक कैलिब्रेटेड अप्रोच अपनाया, जिसकी शुरुआत 28 nm टेक्नोलॉजी से हुई, जो मौजूदा इंडस्ट्रियल डिमांड का लगभग 75% पूरा करती है। इनमें ऑटोमोटिव इलेक्ट्रॉनिक्स, पावर मैनेजमेंट, टेलीकॉम इक्विपमेंट, और डिफेंस सिस्टम शामिल हैं।
अभी तक, भारत में 10 सेमीकंडक्टर यूनिट्स बन रही हैं। चार यूनिट्स पायलट प्रोडक्शन में आ गई हैं, जिनका वैलिडेशन और कस्टमर क्वालिफिकेशन चल रहा है। यह भारत के पॉलिसी इंटेंट से मैन्युफैक्चरिंग रियलिटी में बदलाव को दिखाता है।
स्टैटिक GK टिप: सेमीकंडक्टर फैब्स को पूरा कमर्शियल प्रोडक्शन शुरू होने से पहले सालों के वैलिडेशन की ज़रूरत होती है।
टैलेंट भारत का मुख्य फ़ायदा है
इस इवेंट के दौरान भारत की बढ़ती सेमीकंडक्टर टैलेंट पाइपलाइन एक बड़ी ताकत थी। 2022 से, 315 यूनिवर्सिटीज़ को ग्लोबल टेक्नोलॉजी लीडर्स द्वारा दिए गए एडवांस्ड EDA टूल्स से लैस किया गया है। देश भर के स्टूडेंट्स अब चिप डिज़ाइन, टेप-आउट और फंक्शनल वैलिडेशन में शामिल हैं।
चिप डिज़ाइन एजुकेशन का यह डेमोक्रेटाइज़ेशन हाई-स्किल इंजीनियरों की लगातार सप्लाई पक्का करता है। यह भारत को डिज़ाइन-लेड सेमीकंडक्टर वैल्यू चेन में लंबे समय तक कॉम्पिटिटिव फ़ायदा देता है।
ISM 2.0 के पीछे का विज़न
सरकार ज़्यादा ज़रूरी प्रायोरिटीज़ के साथ इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन 2.0 शुरू करने का प्लान बना रही है। पहला फ़ोकस एरिया डिज़ाइन-सेंट्रिक स्टार्टअप्स और ऐसी फ़र्में होंगी जो प्रोडक्ट्स को कॉन्सेप्ट से मार्केट तक ले जाने में काबिल हों। दूसरा ज़ोर इक्विपमेंट, स्पेशलिटी केमिकल्स, गैस, टेस्टिंग और पैकेजिंग सहित एक पूरा घरेलू इकोसिस्टम बनाने पर होगा।
तीसरे पिलर में एडवांस्ड स्किल डेवलपमेंट शामिल है, जो इंडस्ट्री और यूनिवर्सिटीज़ के बीच स्ट्रक्चर्ड कोलेबोरेशन से चलता है।
स्टैटिक GK फैक्ट: सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम फैब्स से कहीं आगे तक फैले हुए हैं और इसमें 20 से ज़्यादा स्पेशलाइज़्ड सब-सेक्टर शामिल हैं।
5वीं इंडस्ट्रियल क्रांति और सहयोग
यह लॉन्च 5वीं इंडस्ट्रियल क्रांति के संदर्भ में किया गया था, जो इंसानी-केंद्रित और टेक्नोलॉजी से चलने वाली ग्रोथ पर ज़ोर देती है। मंत्री ने लगातार इनोवेशन के लिए इंडस्ट्री-एकेडेमिया-सरकार के सहयोग को ज़रूरी बताया। लगातार अपस्किलिंग, प्रैक्टिकल अनुभव और प्रॉब्लम-सॉल्विंग रिसर्च को प्राथमिकता के तौर पर बताया गया।
2 nm चिप लॉन्च इस इंटीग्रेटेड नेशनल अप्रोच को दिखाता है।
Static Usthadian Current Affairs Table
| विषय | विवरण |
| समाचार में क्यों | भारत में 2 नैनोमीटर सेमीकंडक्टर चिप का लॉन्च |
| लॉन्च करने वाले | Ashwini Vaishnaw (केंद्रीय मंत्री) |
| कंपनी | Qualcomm |
| स्थान | Bengaluru |
| प्रौद्योगिकी नोड | 2 नैनोमीटर |
| संबंधित मिशन | इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन |
| विनिर्माण स्थिति | 10 इकाइयाँ निर्माणाधीन |
| शिक्षा प्रोत्साहन | 315 विश्वविद्यालय EDA उपकरणों का उपयोग कर रहे हैं |
| भविष्य की योजना | इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन 2.0 |
| रणनीतिक लक्ष्य | पूर्ण सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम का निर्माण |





