एशियन स्किल्स प्लेटफॉर्म में भारत की एंट्री
भारत ने वर्ल्डस्किल्स एशिया 2025 में ऐतिहासिक शुरुआत की है, और अपना पहला 23 सदस्यों का दल चीनी ताइपे भेजा है। यह इवेंट पूरे एशिया के टॉप युवा प्रोफेशनल्स को एडवांस्ड स्किल कैटेगरी में मुकाबला करने के लिए एक साथ लाता है। यह लॉन्च स्किल्स इकोसिस्टम में अपनी ग्लोबल स्थिति को मजबूत करने की भारत की इच्छा के मुताबिक है। स्टैटिक GK फैक्ट: वर्ल्डस्किल्स कॉम्पिटिशन पहली बार 1950 में दुनिया भर में वोकेशनल एक्सीलेंस को बढ़ावा देने के लिए आयोजित किए गए थे।
भारतीय दल की बनावट
भारतीय टीम में 21 स्किल कैटेगरी में भाग लेने वाले 23 प्रतियोगी हैं, जिन्हें 21 एक्सपर्ट्स का सपोर्ट है जो कैंडिडेट्स को गाइड और मेंटर करते हैं। इन पार्टिसिपेंट्स को इंडस्ट्री स्पेशलिस्ट और सेक्टर स्किल काउंसिल की लीडरशिप में एक नेशनल स्क्रीनिंग प्रोसेस के ज़रिए चुना गया था। उनकी ट्रेनिंग इंटरनेशनल लेवल पर कॉम्पिटिटिव टैलेंट डेवलप करने के भारत के कमिटमेंट को दिखाती है।
हिस्सा लेने का महत्व
इस इवेंट में भारत की मौजूदगी ग्लोबल स्किल इकॉनमी में अपनी जगह बढ़ाने की दिशा में एक बड़ा कदम है। यह प्लेटफॉर्म पार्टिसिपेंट्स को एशियाई साथियों के साथ मुकाबला करने, इंटरनेशनल बेंचमार्क का अनुभव पाने और ग्लोबल फोरम पर परफॉर्मेंस बेहतर करने का मौका देता है।
स्टेटिक GK टिप: मेडल टैली के मामले में वर्ल्डस्किल्स इंटरनेशनल कॉम्पिटिशन 2022 में भारत 13वें स्थान पर रहा।
दिखाई गई स्किल कैटेगरी
कॉम्पिटिटर मेक्ट्रोनिक्स, CNC मिलिंग, मोबाइल रोबोटिक्स, वेब डेवलपमेंट, ग्राफिक डिज़ाइन टेक्नोलॉजी और क्लाउड कंप्यूटिंग जैसे अलग-अलग और फ्यूचर-सेंट्रिक स्किल एरिया में हिस्सा लेंगे। ये डोमेन मॉडर्न इंडस्ट्री के लिए बहुत ज़रूरी हैं और एडवांस्ड टेक्नोलॉजी-ड्रिवन स्किलसेट की ओर बदलाव को दिखाते हैं। इन कैटेगरी में भारत का रिप्रेजेंटेशन इसकी बढ़ती इंडस्ट्रियल कैपेबिलिटी को दिखाता है।
स्किलिंग एक्सीलेंस के लिए सरकार का ज़ोर
विदाई सेरेमनी में, स्किल डेवलपमेंट मिनिस्टर जयंत चौधरी ने युवाओं को ग्लोबली रेलिवेंट स्किल के साथ एम्पावर करने पर सरकार के फोकस पर ज़ोर दिया। उनके मैसेज में ग्लोबल स्टेज पर कोलेबोरेशन, कॉम्पिटिटिवनेस और कंट्रीब्यूशन पर ज़ोर दिया गया। यह भारत के “दुनिया की स्किल कैपिटल” बनने के लॉन्ग-टर्म विज़न से मेल खाता है।
NSDC और वर्ल्डस्किल्स इंडिया की भूमिका
नेशनल स्किल डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन (NSDC) भारतीय डेलीगेशन को लीड करता है और इंटरनेशनल पार्टिसिपेशन को कोऑर्डिनेट करता है। वर्ल्डस्किल्स इंडिया इम्प्लीमेंटेशन और नॉलेज पार्टनर के तौर पर काम करता है। साथ मिलकर, वे यह पक्का करने के लिए ट्रेनिंग कैंप, इंडस्ट्री कोलेबोरेशन और टेक्निकल मेंटरशिप करते हैं कि कैंडिडेट इंटरनेशनल स्टैंडर्ड को पूरा करें।
स्टेटिक GK फैक्ट: NSDC को 2008 में फाइनेंस मिनिस्ट्री के तहत भारत के स्किल इकोसिस्टम को कैटलाइज़ करने के लिए बनाया गया था।
भारत के स्किल इकोसिस्टम पर बड़ा असर
इस पहली बार पार्टिसिपेशन से भारतीय युवाओं में वोकेशनल करियर के प्रति उत्साह बढ़ने की उम्मीद है। यह भारत की स्किलिंग पहलों के लिए क्रेडिबिलिटी भी बढ़ाता है और लॉन्ग-टर्म कॉम्पिटिटिवनेस को सपोर्ट करता है। यह कदम इंडस्ट्री, एकेडेमिया और स्किल इंस्टीट्यूशन के बीच मज़बूत पार्टनरशिप को बढ़ावा देता है। ग्लोबल कॉम्पिटिशन का रास्ता
वर्ल्डस्किल्स एशिया में हिस्सा लेने से वर्ल्डस्किल्स इंटरनेशनल कॉम्पिटिशन के लिए भारत की तैयारी मज़बूत होती है, जहाँ देश 60 से ज़्यादा स्किल कैटेगरी में मुकाबला करते हैं। रीजनल लेवल पर बेंचमार्किंग से भारत को अपने ट्रेनिंग मॉडल को बेहतर बनाने और दुनिया भर में मेडल जीतने की संभावना को बेहतर बनाने में मदद मिलती है।
स्टेटिक GK टिप: वर्ल्डस्किल्स इंटरनेशनल कॉम्पिटिशन हर दो साल में होता है।
Static Usthadian Current Affairs Table
| Topic | Detail |
| कार्यक्रम | वर्ल्डस्किल्स एशिया 2025 |
| स्थान | चीनी ताइपे |
| भारतीय प्रतियोगी | 23 |
| भारतीय विशेषज्ञ | 21 |
| कौशल श्रेणियाँ | 21 |
| प्रमुख संगठन | राष्ट्रीय कौशल विकास निगम (NSDC) |
| कार्यान्वयन भागीदार | वर्ल्डस्किल्स इंडिया |
| प्रारम्भ तिथि | 27 नवम्बर 2025 |
| भागीदारी का प्रकार | भारत की पहली-बार उपस्थिति |
| मुख्य फोकस | वैश्विक व्यावसायिक कौशल बेंचमार्किंग |





