CPI बेस ईयर में बदलाव
मिनिस्ट्री ऑफ़ स्टैटिस्टिक्स एंड प्रोग्राम इम्प्लीमेंटेशन (MoSPI) ने 13 फरवरी 2026 को नए बेस ईयर 2024 के साथ रिवाइज्ड कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स (CPI) जारी किया। यह बदलाव हाउसहोल्ड कंजम्पशन पैटर्न, इकोनॉमिक स्ट्रक्चर और मॉडर्न लाइफस्टाइल की जरूरतों में बदलाव को दिखाता है। बेस ईयर को अपडेट करने से मौजूदा इकोनॉमी में महंगाई का ज्यादा सटीक मापन पक्का होता है।
पिछला CPI बेस ईयर 2012 था, और टेक्नोलॉजी में तरक्की और बदलते कंजम्पशन बिहेवियर की वजह से समय-समय पर बदलाव जरूरी है। रिवाइज्ड CPI आज की भारतीय इकोनॉमी, खासकर डिजिटल और सर्विस सेक्टर की ग्रोथ को बेहतर ढंग से दिखाता है।
स्टैटिक GK फैक्ट: MoSPI भारत में ऑफिशियल स्टैटिस्टिकल डेटा इकट्ठा करने, प्रोसेस करने और पब्लिश करने के लिए ज़िम्मेदार नोडल मिनिस्ट्री है।
हाउसहोल्ड कंजम्पशन एक्सपेंडिचर सर्वे की भूमिका
नया CPI बेस ईयर हाउसहोल्ड कंजम्पशन एक्सपेंडिचर सर्वे (HCES) 2023–24 पर आधारित है, जो हाउसहोल्ड खर्च के पैटर्न पर डिटेल्ड डेटा देता है। सर्वे में ग्रामीण और शहरी दोनों तरह के हाउसहोल्ड शामिल हैं, जिससे बैलेंस्ड रिप्रेजेंटेशन पक्का होता है।
यह सर्वे कंज्यूमर की पसंद में बदलावों की पहचान करता है, जिसमें डिजिटल सर्विस, हेल्थकेयर, हाउसिंग और एजुकेशन पर बढ़ा हुआ खर्च शामिल है। ये इनसाइट्स CPI बास्केट में आइटम वेट को एडजस्ट करने में मदद करती हैं।
स्टैटिक GK टिप: हाउसहोल्ड कंजम्पशन एक्सपेंडिचर सर्वे MoSPI के तहत नेशनल सैंपल सर्वे ऑफिस करता है।
इन्फ्लेशन रेट और लेटेस्ट डेटा
रिवाइज्ड CPI डेटा के मुताबिक, जनवरी 2025 की तुलना में जनवरी 2026 के लिए साल-दर-साल इन्फ्लेशन रेट 2.75% (प्रोविजनल) थी। ग्रामीण महंगाई 2.73% दर्ज की गई, जबकि शहरी महंगाई 2.77% रही।
महंगाई का यह ठीक-ठाक लेवल दिखाता है कि रिटेल कीमतें काफ़ी स्थिर हैं। भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) रेपो रेट एडजस्टमेंट जैसी मॉनेटरी पॉलिसी तय करने के लिए CPI महंगाई पर करीब से नज़र रखता है।
स्टैटिक GK फैक्ट: RBI 2016 से अपने महंगाई टारगेटिंग फ्रेमवर्क के लिए CPI महंगाई को मुख्य इंडिकेटर के तौर पर इस्तेमाल करता है।
CPI बास्केट आइटम में बदलाव
बदले हुए CPI बास्केट में नए आइटम शामिल हैं जो मॉडर्न कंजम्पशन पैटर्न को दिखाते हैं। नए जोड़े गए आइटम में OTT सब्सक्रिप्शन, ग्रामीण घर का किराया, वैल्यू–एडेड डेयरी प्रोडक्ट, पेन ड्राइव, बेबीसिटिंग सर्विस और फिटनेस इक्विपमेंट शामिल हैं।
VCR, DVD प्लेयर और टेप रिकॉर्डर जैसे पुराने आइटम इस्तेमाल में कमी के कारण हटा दिए गए हैं। इससे यह पक्का होता है कि CPI असल कंजम्पशन ट्रेंड को दिखाए।
स्टैटिक GK फैक्ट: CPI बास्केट में खाना, घर, कपड़े, फ्यूल, ट्रांसपोर्ट, शिक्षा और हेल्थकेयर जैसे सामान और सर्विस शामिल हैं।
कैलकुलेशन का तरीका और महत्व
MoSPI हर महीने ग्रामीण, शहरी और मिले-जुले सेक्टर के लिए CPI इकट्ठा करता है। यह लैसपेयर इंडेक्स फ़ॉर्मूला का इस्तेमाल करता है, जो फिक्स्ड वेट का इस्तेमाल करके मौजूदा कीमतों की तुलना बेस ईयर की कीमतों से करता है।
यह फ़ॉर्मूला तीन खास चीज़ों का इस्तेमाल करता है: बेस ईयर की कीमत, बेस ईयर का वेट और मौजूदा कीमत।
CPI रिटेल महंगाई को मापने, खरीदने की ताकत का अंदाज़ा लगाने और आर्थिक पॉलिसी के फ़ैसलों को गाइड करने में मदद करता है।
स्टैटिक GK टिप: CPI को रिटेल महंगाई भी कहा जाता है, जबकि होलसेल प्राइस इंडेक्स (WPI) होलसेल लेवल पर महंगाई को मापता है।
स्टैटिक उस्थादियन करंट अफेयर्स तालिका
| विषय | विवरण |
| जारी किया गया द्वारा | सांख्यिकी एवं कार्यक्रम क्रियान्वयन मंत्रालय |
| नया आधार वर्ष | 2024 |
| पूर्व आधार वर्ष | 2012 |
| प्रयुक्त सर्वेक्षण | घरेलू उपभोग व्यय सर्वेक्षण 2023–24 |
| मुद्रास्फीति दर जनवरी 2026 | 2.75% |
| ग्रामीण मुद्रास्फीति | 2.73% |
| शहरी मुद्रास्फीति | 2.77% |
| प्रयुक्त सूत्र | लास्पेयरेस सूचकांक सूत्र |
| जोड़ी गई नई वस्तुएँ | ऑनलाइन प्रसारण सदस्यता, शिशु देखभाल सेवा, व्यायाम उपकरण |
| हटाई गई वस्तुएँ | वीडियो कैसेट रिकॉर्डर, डीवीडी प्लेयर, टेप रिकॉर्डर |
| नीतिगत महत्व | भारतीय रिज़र्व बैंक द्वारा मुद्रास्फीति लक्ष्य निर्धारण एवं मौद्रिक नीति में उपयोग |





