खबरों में क्यों
भारत-यूएई संयुक्त सैन्य अभ्यास डेजर्ट साइक्लोन II का दूसरा संस्करण 30 दिसंबर, 2025 को अबू धाबी में संपन्न हुआ।
दो सप्ताह के इस अभ्यास ने दोनों देशों के सशस्त्र बलों के बीच बढ़ते रक्षा सहयोग और परिचालन विश्वास को उजागर किया।
अभ्यास की पृष्ठभूमि
डेजर्ट साइक्लोन II भारतीय सेना और यूएई भूमि बलों के बीच आयोजित एक द्विपक्षीय सेना-स्तरीय अभ्यास है।
यह अभ्यास 18 से 30 दिसंबर, 2025 तक अबू धाबी में एक आधुनिक युद्ध प्रशिक्षण सुविधा, अल-हमरा प्रशिक्षण शहर में आयोजित किया गया था।
स्टेटिक जीके तथ्य: भारत और यूएई ने 2017 में अपने संबंधों को एक व्यापक रणनीतिक साझेदारी में अपग्रेड किया, जिसमें रक्षा एक मुख्य स्तंभ था।
भाग लेने वाली टुकड़ियाँ
भारतीय दल में 45 कर्मी शामिल थे, मुख्य रूप से मशीनीकृत इन्फैंट्री रेजिमेंट की एक बटालियन से।
यूएई दल का प्रतिनिधित्व 53 मशीनीकृत इन्फैंट्री बटालियन ने किया, जो बल संरचना में समानता को दर्शाता है।
इस संतुलित भागीदारी ने यथार्थवादी संयुक्त प्रशिक्षण और परिचालन प्रथाओं के प्रभावी आदान-प्रदान को सक्षम बनाया।
मुख्य प्रशिक्षण उद्देश्य
प्राथमिक उद्देश्य शहरी युद्ध और उप-पारंपरिक अभियानों में अंतरसंचालनीयता को बढ़ाना था।
संयुक्त राष्ट्र के जनादेश के तहत किए गए अभियानों पर विशेष ध्यान दिया गया, जो आधुनिक शांति स्थापना की वास्तविकताओं को दर्शाता है।
स्टेटिक जीके टिप: घनी आबादी वाले शहरों में बढ़ते संघर्षों के कारण शहरी युद्ध प्रशिक्षण आधुनिक सेनाओं के लिए केंद्रीय हो गया है।
मुख्य प्रशिक्षण गतिविधियाँ
प्रशिक्षण में कक्षा निर्देश को क्षेत्र-स्तरीय निष्पादन के साथ जोड़ा गया।
प्रमुख गतिविधियों में शहरी युद्ध अभ्यास, कमरे में घुसने की तकनीक, इमारतों की पहचान और सफाई, और IED जागरूकता शामिल थी।
हताहतों को निकालने और प्राथमिक उपचार प्रक्रियाओं जैसे चिकित्सा प्रतिक्रिया अभ्यासों का भी बड़े पैमाने पर अभ्यास किया गया।
उन्नत संयुक्त अभियान
इस अभ्यास में हेलीकॉप्टर संचालन और हवाई हमले के अभ्यास शामिल थे, जो शहरी युद्ध प्रशिक्षण में एक ऊर्ध्वाधर आयाम जोड़ते हैं।
ये अभ्यास एकीकृत आक्रामक और रक्षात्मक शहरी अभियानों में परिणत हुए, जो संयुक्त योजना और निष्पादन क्षमता को प्रदर्शित करते हैं।
ऐसे जटिल अभ्यासों ने दोनों बलों के बीच आपसी विश्वास और युद्धक्षेत्र समन्वय को मजबूत किया।
व्यापक रक्षा सहयोग संदर्भ
भारत और यूएई नियमित रूप से संयुक्त अभ्यास, प्रशिक्षण आदान-प्रदान और उच्च-स्तरीय रक्षा वार्ता आयोजित करते हैं। ये जुड़ाव क्षेत्रीय सुरक्षा में योगदान देते हैं और पश्चिम एशियाई रक्षा कूटनीति में भारत की बढ़ती भूमिका का समर्थन करते हैं।
स्टैटिक जीके फैक्ट: भारत संयुक्त राष्ट्र शांति अभियानों में सबसे बड़े योगदानकर्ताओं में से एक है, जो संयुक्त राष्ट्र द्वारा अनिवार्य अभ्यास परिदृश्यों को व्यावहारिक प्रासंगिकता देता है।
रणनीतिक महत्व
डेजर्ट साइक्लोन II सैन्य-से-सैन्य संबंधों को मजबूत करता है और बहुराष्ट्रीय मिशनों के लिए तैयारी में सुधार करता है।
यह क्षेत्रीय स्थिरता, आतंकवाद विरोधी सहयोग और नियम-आधारित अंतर्राष्ट्रीय सुरक्षा के प्रति साझा प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
यह अभ्यास बदलते वैश्विक सुरक्षा चुनौतियों के बीच भारत-यूएई रक्षा संबंधों की परिपक्वता का भी संकेत देता है।
Static Usthadian Current Affairs Table
| विषय | विवरण |
| अभ्यास का नाम | डेज़र्ट साइक्लोन II |
| भाग लेने वाले देश | भारत और संयुक्त अरब अमीरात |
| अभ्यास अवधि | 18–30 दिसंबर, 2025 |
| स्थान | अल-हमरा प्रशिक्षण नगर, अबू धाबी |
| भारतीय दल | मैकेनाइज्ड इन्फैंट्री के 45 जवान |
| यूएई दल | 53वीं मैकेनाइज्ड इन्फैंट्री बटालियन |
| प्रमुख फोकस क्षेत्र | शहरी युद्ध, आतंकवाद-रोधी अभियान, संयुक्त राष्ट्र द्वारा अनिवार्य ऑपरेशन |
| रणनीतिक परिणाम | अंतर-संचालन क्षमता में वृद्धि और रक्षा सहयोग को मजबूती |





