मालदीव को स्ट्रेटेजिक फेरी हैंडओवर
भारत ने हाई इम्पैक्ट कम्युनिटी डेवलपमेंट प्रोजेक्ट (HICDP) फेज़ III के तहत Maldives को अपनी पहली हाई–स्पीड फेरी गिफ्ट की, जो दोनों देशों के बीच सहयोग में एक अहम कदम है। यह फेरी राज्जे ट्रांसपोर्ट लिंक (RTL) नेटवर्क के तहत चलेगी, जो फाफू और धालू एटोल को जोड़ेगी। यह प्रोजेक्ट अलग-अलग आइलैंड्स में मोबिलिटी को बढ़ाता है और ज़रूरी सर्विसेज़ तक पहुंच को बेहतर बनाता है।
यह फेरी 12 हाई–स्पीड वेसल डिलीवर करने के एक बड़े कमिटमेंट का हिस्सा है, जो मरीन ट्रांसपोर्ट इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करता है। यह पहल इंडियन ओशन रीजन (IOR) में एक भरोसेमंद डेवलपमेंट पार्टनर के तौर पर भारत की भूमिका को दिखाती है।
स्टेटिक GK फैक्ट: मालदीव लगभग 1,192 कोरल आइलैंड का एक ग्रुप है, जो 26 एटोल में बंटा हुआ है, जिससे समुद्री ट्रांसपोर्ट ज़रूरी हो जाता है।
ग्रांट मदद और प्रोजेक्ट फ्रेमवर्क
फेरी प्रोजेक्ट को जनवरी 2025 में साइन किए गए HICDP फेज़ III एग्रीमेंट के तहत MVR 100 मिलियन (लगभग ₹55 करोड़) के ग्रांट से फंड किया गया है। भारत और मालदीव ने फेरी सर्विस और कम्युनिटी इंफ्रास्ट्रक्चर को बढ़ाने के लिए 13 मेमोरेंडम ऑफ़ अंडरस्टैंडिंग (MoU) पर भी साइन किए।
भारत ने चार HICDP फेज़ में USD 29.5 मिलियन का योगदान दिया है, जो हेल्थकेयर, कोस्टल प्रोटेक्शन, ट्रांसपोर्ट, स्पोर्ट्स और एजुकेशन जैसे सेक्टर को सपोर्ट करता है। ये प्रोजेक्ट ज़मीनी स्तर पर विकास और रोज़ी–रोटी में सुधार पर फोकस करते हैं।
फेरी सिस्टम ट्रांसपोर्टेशन को बेहतर बनाएगा और दूर के आइलैंड का अकेलापन कम करेगा। यह मछली पालन और टूरिज्म जैसी आर्थिक गतिविधियों को भी सपोर्ट करता है, जो मालदीव की अर्थव्यवस्था के लिए ज़रूरी हैं।
स्टेटिक GK टिप: मालदीव की राजधानी Malé है, जो काफू एटोल में है, और यह दुनिया भर में सबसे ज़्यादा आबादी वाले शहरों में से एक है।
राज्जे ट्रांसपोर्ट लिंक नेटवर्क का महत्व
राज्जे ट्रांसपोर्ट लिंक (RTL) एक देशव्यापी फेरी नेटवर्क है जिसे द्वीपों के बीच सस्ता और कुशल ट्रांसपोर्ट देने के लिए डिज़ाइन किया गया है। यह समुद्र की बड़ी दूरी से अलग-अलग बिखरे हुए द्वीपों की वजह से होने वाली भौगोलिक चुनौतियों का समाधान करता है।
फेरी नेटवर्क शिक्षा, हेल्थकेयर और रोज़गार के मौकों तक पहुँच को बेहतर बनाता है। यह द्वीप समुदायों के बीच आर्थिक एकीकरण को भी मज़बूत करता है।
RTL सुरक्षित और सस्ते समुद्री ट्रांसपोर्टेशन को बढ़ावा देकर सस्टेनेबल डेवलपमेंट को सपोर्ट करता है। यह मालदीव की लंबे समय की राष्ट्रीय विकास प्राथमिकताओं के साथ मेल खाता है।
नेबरहुड फर्स्ट पॉलिसी और समुद्री रणनीति में भूमिका
फेरी पहल भारत की नेबरहुड फर्स्ट पॉलिसी के साथ मेल खाती है, जो पड़ोसी देशों के साथ सहयोग को प्राथमिकता देती है। यह विजन महासागर (क्षेत्रों में सुरक्षा और विकास के लिए आपसी और समग्र उन्नति) के तहत भारत के समुद्री विज़न का भी समर्थन करता है।
Narendra Modi के जुलाई 2025 में मालदीव दौरे और Mohamed Muizzu के अक्टूबर 2024 में भारत दौरे समेत नेताओं के बीच हाई–लेवल दौरे से डिप्लोमैटिक रिश्ते मज़बूत हुए। इन मुलाकातों से स्ट्रेटेजिक और इकोनॉमिक सहयोग में सुधार दिखता है।
मालदीव हिंद महासागर में खास ग्लोबल समुद्री रास्तों पर होने की वजह से काफी अहमियत रखता है, जो इंटरनेशनल ट्रेड और एनर्जी ट्रांसपोर्ट के लिए बहुत ज़रूरी हैं।
स्टैटिक GK फैक्ट: Indian Ocean तीसरा सबसे बड़ा महासागर है और ग्लोबल समुद्री तेल ट्रेड का लगभग 80% हिस्सा यहीं से आता है, जिससे यह स्ट्रेटेजिक रूप से अहम है।
स्ट्रेटेजिक और इकोनॉमिक अहमियत
फेरी प्रोजेक्ट मालदीव की इकोनॉमिक ग्रोथ में मदद करते हुए हिंद महासागर क्षेत्र में भारत के असर को मज़बूत करता है। बेहतर कनेक्टिविटी से ट्रेड, टूरिज्म और कम्युनिटी वेलफेयर बढ़ता है।
यह पहल रीजनल स्टेबिलिटी और कोऑपरेटिव डेवलपमेंट के लिए भारत के कमिटमेंट को दिखाती है। यह साउथ एशिया में एक अहम समुद्री पार्टनर के तौर पर भारत की भूमिका को भी मज़बूत करता है।
Static Usthadian Current Affairs Table
| विषय | विवरण |
| परियोजना का नाम | हाई इम्पैक्ट कम्युनिटी डेवलपमेंट प्रोजेक्ट चरण–III |
| प्रमुख पहल | भारत ने मालदीव को पहली हाई-स्पीड फेरी भेंट की |
| फेरी नेटवर्क | राज्जे ट्रांसपोर्ट लिंक जो फाफू और धालू एटोल्स को जोड़ता है |
| कुल प्रस्तावित फेरी | 12 हाई-स्पीड फेरी |
| अनुदान राशि | 100 मिलियन मालदीवी रूफिया (लगभग ₹55 करोड़) |
| कुल भारतीय सहायता | चार एचआईसीडीपी चरणों के अंतर्गत 29.5 मिलियन अमेरिकी डॉलर |
| सामरिक नीति | नेबरहुड फर्स्ट नीति |
| समुद्री दृष्टि | विजन महासागर |
| सामरिक क्षेत्र | Indian Ocean Region |
| मालदीव की राजधानी | Male |





