एक्सरसाइज़ लामितिये 2026 सेशेल्स में शुरू हुआ
इंडिया–सेशेल्स जॉइंट मिलिट्री एक्सरसाइज़ लामितिये 2026 का 11वां एडिशन सेशेल्स डिफेंस एकेडमी में 9 से 20 मार्च 2026 तक शुरू हुआ। इस एक्सरसाइज़ में इंडियन आर्म्ड फोर्सेज़ और सेशेल्स डिफेंस फोर्सेज़ (SDF) शामिल हैं और इसका फोकस दोनों देशों के बीच ऑपरेशनल कोऑर्डिनेशन को मज़बूत करना है।
यह एडिशन इसलिए ज़रूरी है क्योंकि इसमें इंडिया की ट्राई–सर्विस पार्टिसिपेशन शामिल है, जिसमें इंडियन आर्मी, इंडियन नेवी और इंडियन एयर फोर्स शामिल हैं। जॉइंट ट्रेनिंग प्रोग्राम का मकसद मिलिट्री इंटरऑपरेबिलिटी, पीसकीपिंग कोऑर्डिनेशन और टैक्टिकल तैयारी को बढ़ाना है।
स्टैटिक GK फैक्ट: सेशेल्स एक आइलैंड देश है जो पश्चिमी हिंद महासागर में, मेडागास्कर के उत्तर–पूर्व में है, जिसमें लगभग 115 आइलैंड हैं।
लैमिटिये एक्सरसाइज का मतलब और विकास
जॉइंट एक्सरसाइज लैमिटिये भारत और सेशेल्स के बीच गहरी डिफेंस पार्टनरशिप को दिखाता है। क्रियोल भाषा में “लैमिटिये” शब्द का मतलब “दोस्ती” होता है, जो मिलिट्री एंगेजमेंट के कोऑपरेटिव नेचर को दिखाता है।
यह एक्सरसाइज हर दो साल में होती है, मतलब यह हर दो साल में होती है, और 2001 से सेशेल्स में होस्ट की जा रही है। पिछले कुछ सालों में, यह कैपेसिटी बिल्डिंग, ऑपरेशनल एक्सचेंज और मैरीटाइम सिक्योरिटी कोऑपरेशन के लिए एक ज़रूरी प्लेटफॉर्म बन गया है।
यह एक्सरसाइज दोनों देशों को ऑपरेशनल एक्सपीरियंस शेयर करने और रीजनल सिक्योरिटी चैलेंज का जवाब देने में कोऑर्डिनेशन को मज़बूत करने का मौका देती है।
स्टैटिक GK टिप: इंडियन ओशन रीजन (IOR) ग्लोबल ट्रेड के लिए स्ट्रेटेजिक रूप से महत्वपूर्ण है, क्योंकि दुनिया का लगभग 80% मैरीटाइम ऑयल ट्रेड इसके समुद्री रास्तों से होकर गुजरता है।
इंडियन आर्म्ड फोर्सेज़ का हिस्सा
एक्सरसाइज़ LAMITIYE 2026 की एक बड़ी खासियत भारत की तीनों सेनाओं की टुकड़ियों की तैनाती है। इंडियन आर्मी की असम रेजिमेंट के सैनिक ज़मीन पर होने वाली ट्रेनिंग एक्टिविटीज़ में हिस्सा ले रहे हैं।
इंडियन नेवी ने गाइडेड–मिसाइल फ्रिगेट INS त्रिकंद को तैनात किया है, जो भारत के तलवार–क्लास स्टील्थ फ्रिगेट का हिस्सा है। यह जहाज़ समुद्री सुरक्षा एक्सरसाइज़ और कोऑर्डिनेशन ड्रिल्स में मदद करता है।
इंडियन एयर फ़ोर्स एक C-130 ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट के साथ हिस्सा ले रही है, जो एक्सरसाइज़ के दौरान लॉजिस्टिक्स, सैनिकों की मूवमेंट और हवाई ऑपरेशनल कोऑर्डिनेशन में मदद करता है।
यह मिली–जुली हिस्सेदारी भारत के इंटीग्रेटेड मिलिट्री ऑपरेशन्स और जॉइंट सर्विस कोऑर्डिनेशन पर बढ़ते फोकस को दिखाती है।
स्टैटिक GK फैक्ट: 1941 में बनी असम रेजिमेंट, इंडियन आर्मी की सबसे पुरानी इन्फेंट्री रेजिमेंट्स में से एक है।
टैक्टिकल ड्रिल्स और ट्रेनिंग एक्टिविटीज़
12 दिन की इस मिलिट्री एक्सरसाइज़ में कई ट्रेनिंग मॉड्यूल शामिल हैं, जिन्हें दोनों सेनाओं के बीच टैक्टिकल एफिशिएंसी और ऑपरेशनल समझ को बेहतर बनाने के लिए डिज़ाइन किया गया है।
खास एक्टिविटीज़ में फील्ड ट्रेनिंग एक्सरसाइज़ (FTX) शामिल हैं, जो असली बैटलफील्ड सिनेरियो की नकल करती हैं। ये एक्सरसाइज़ सैनिकों को जॉइंट कॉम्बैट स्ट्रेटेजी और कोऑर्डिनेशन टेक्नीक की प्रैक्टिस करने में मदद करती हैं।
इस प्रोग्राम में कॉम्बैट डिस्कशन, टैक्टिकल प्लानिंग सेशन, मिलिट्री ऑपरेशन की केस स्टडी, लेक्चर और टेक्नोलॉजी डेमोंस्ट्रेशन भी शामिल हैं। ऐसी एक्टिविटीज़ नॉलेज शेयरिंग को बढ़ाती हैं और जॉइंट ऑपरेशनल कैपेबिलिटी को मज़बूत करती हैं।
ये ट्रेनिंग सेशन हिस्सा लेने वाली सेनाओं के बीच आपसी भरोसा, कम्युनिकेशन और ऑपरेशनल कम्पैटिबिलिटी डेवलप करने के लिए डिज़ाइन किए गए हैं।
हिंद महासागर क्षेत्र के लिए स्ट्रेटेजिक महत्व
एक्सरसाइज़ LAMITIYE 2026 हिंद महासागर क्षेत्र में भारत की स्ट्रेटेजिक प्रेजेंस को मज़बूत करने में अहम भूमिका निभाती है। सेशेल्स पश्चिमी हिंद महासागर में एक अहम ज्योग्राफिकल जगह पर है, जो इसे समुद्री निगरानी और क्षेत्रीय स्थिरता के लिए ज़रूरी बनाता है।
भारत और सेशेल्स समुद्री सुरक्षा, एंटी–पायरेसी ऑपरेशन और मानवीय सहायता जैसे क्षेत्रों में मिलकर काम करते हैं। जॉइंट मिलिट्री एक्सरसाइज़ इस क्षेत्र में सुरक्षा खतरों का असरदार तरीके से जवाब देने की दोनों देशों की क्षमता को बेहतर बनाती हैं।
LAMITIYE जैसी एक्सरसाइज़ के ज़रिए, भारत हिंद महासागर में एक सुरक्षा पार्टनर के तौर पर अपनी भूमिका को मज़बूत करता है, और क्षेत्रीय शांति और स्थिरता को सपोर्ट करता है।
Static Usthadian Current Affairs Table
| Topic | Detail |
| अभ्यास का नाम | संयुक्त सैन्य अभ्यास LAMITIYE 2026 |
| संस्करण | 11वां संस्करण |
| स्थान | सेशेल्स डिफेंस अकादमी |
| अवधि | 9 से 20 मार्च 2026 |
| भाग लेने वाले देश | भारत और सेशेल्स |
| भारतीय सेना की भागीदारी | असम रेजिमेंट के सैनिक |
| भारतीय नौसेना संसाधन | आईएनएस त्रिकंद युद्धपोत |
| भारतीय वायु सेना संसाधन | सी-130 परिवहन विमान |
| अभ्यास की आवृत्ति | द्विवार्षिक सैन्य अभ्यास |
| रणनीतिक महत्व | हिंद महासागर क्षेत्र में सुरक्षा सहयोग को मजबूत करना |





