वीज़ा फ़्रीज़ का बैकग्राउंड
भारत ने 2020 में पूर्वी लद्दाख में बॉर्डर पर तनाव और COVID-19 के दुनिया भर में फैलने के बाद चीनी नागरिकों के लिए टूरिस्ट वीज़ा सस्पेंड कर दिया था। इससे लोगों के बीच आना-जाना और टूरिज्म फ्लो रुक गया। डायरेक्ट कमर्शियल फ्लाइट्स पर भी रोक लगा दी गई, जिससे दोनों देशों के बीच आना-जाना और भी कम हो गया।
स्टैटिक GK फैक्ट: भारत चीन के साथ 3,488 km लंबा बॉर्डर शेयर करता है, जो इसे दुनिया की सबसे लंबी इंटरनेशनल सीमाओं में से एक बनाता है।
2025 में फिर से शुरू
टूरिस्ट वीज़ा जारी करना 24 जुलाई, 2025 से फिर से शुरू हुआ, जो दोनों देशों के बीच जुड़ाव में एक सावधानी भरा रीसेट दिखाता है। यह दोनों देशों द्वारा डिप्लोमैटिक और ट्रेड बातचीत के ज़रिए संबंधों को स्थिर करने की कोशिशों के मुताबिक है। 2025 की शुरुआत में डायरेक्ट पैसेंजर फ़्लाइट्स के फिर से खुलने के बाद यह फिर से खुल रहा है।
स्टेटिक GK टिप: बीजिंग, शंघाई और ग्वांगझू चीन के टॉप इकॉनमिक हब हैं और टूरिस्ट वीज़ा प्रोसेस करने के लिए इंडियन वीज़ा एप्लीकेशन सेंटर यहीं हैं।
इंडियन टूरिज़्म सेक्टर को बढ़ावा
चीन ने पहले से ही भारत में विदेशी टूरिस्ट के आने (FTAs) में बड़ा योगदान दिया है। चीन से ज़्यादा खर्च करने वाले टूरिस्ट होटल, ट्रैवल ऑपरेटर और लोकल क्राफ़्ट मार्केट को सपोर्ट करते हैं। फिर से खुलने के साथ, गोवा, राजस्थान, केरल और उत्तर प्रदेश जैसे टूरिज़्म पर निर्भर राज्यों को रेवेन्यू में सुधार की उम्मीद है।
भारत के वेलनेस, हेरिटेज और बुद्धिस्ट टूरिज़्म सर्किट ज़्यादा विज़िटर को आकर्षित कर सकते हैं, जिससे कल्चरल लिंक मज़बूत होंगे।
डिप्लोमैटिक महत्व
यह कदम सेंसिटिव बॉर्डर एरिया में स्ट्रेटेजिक हितों से समझौता किए बिना, कॉन्फिडेंस-बिल्डिंग को मज़बूत करने की भारत की इच्छा का संकेत देता है। यह रीजनल स्टेबिलिटी को सपोर्ट करने वाला एक सोचा-समझा कदम है।
स्टेटिक GK फैक्ट: भारत और चीन नई दिल्ली और बीजिंग में मिशन और शंघाई और ग्वांगझू में कॉन्सुलेट के ज़रिए डिप्लोमैटिक रिलेशन बनाए रखते हैं। इम्प्लीमेंटेशन और सिक्योरिटी मॉनिटरिंग
टूरिस्ट वीज़ा स्टैंडर्ड ऑनलाइन सिस्टम से जारी किए जाएँगे, जिसमें वेरिफिकेशन के लिए तय इन-पर्सन अपॉइंटमेंट होंगे। इससे भारत के नेशनल सिक्योरिटी फ्रेमवर्क के तहत स्क्रीन्ड और सिक्योर वीज़ा प्रोसेसिंग पक्की होती है।
रेगुलेटेड एंट्री अनसुलझे बॉर्डर विवादों पर नज़र रखते हुए इकोनॉमिक रिकवरी में मदद करती है।
Static Usthadian Current Affairs Table
| Topic | Detail |
| वीज़ा पुनः प्रारंभ तिथि | 24 जुलाई 2025 |
| निलंबन का कारण | सीमा तनाव और कोविड-19 |
| प्रभावित अवधि | पाँच वर्ष |
| प्रसंस्करण विधि | ऑनलाइन वीज़ा + प्रत्यक्ष सत्यापन |
| चीन में प्रमुख वीज़ा केंद्र | बीजिंग, शंघाई, ग्वांगझू |
| प्रभाव क्षेत्र | पर्यटन और आर्थिक पुनरुद्धार |
| कूटनीतिक दृष्टिकोण | सावधानीपूर्वक सहभागिता |
| पर्यटन लाभार्थी | आतिथ्य क्षेत्र और संबंधित उद्योग |
| उड़ान स्थिति | 2025 की शुरुआत में प्रत्यक्ष उड़ानें बहाल |
| सीमा लंबाई | भारत–चीन सीमा 3,488 किमी |





