BIOFACH 2026
भारत को दुनिया के सबसे बड़े ऑर्गेनिक ट्रेड फेयर, BIOFACH 2026 में कंट्री ऑफ़ द ईयर चुना गया है। यह इवेंट 10–13 फरवरी 2026 तक नूर्नबर्ग, जर्मनी में होगा। यह पहचान भारत को ग्लोबल ऑर्गेनिक मूवमेंट में सबसे आगे रखती है।
यह सम्मान सर्टिफाइड ऑर्गेनिक प्रोडक्ट्स के एक भरोसेमंद सप्लायर के तौर पर भारत की बढ़ती क्रेडिबिलिटी को दिखाता है। यह इंटरनेशनल ऑर्गेनिक मार्केट में भारत की विज़िबिलिटी को भी बढ़ाता है।
BIOFACH क्यों ज़रूरी है
BIOFACH को दुनिया भर में सबसे असरदार ट्रेड फेयर के तौर पर पहचाना जाता है जो खास तौर पर ऑर्गेनिक फ़ूड और एग्रीकल्चर के लिए डेडिकेटेड है। इस एग्ज़िबिशन में अलग-अलग कॉन्टिनेंट्स से खरीदार, सर्टिफ़िकेशन एजेंसियां, पॉलिसी बनाने वाले और प्रोड्यूसर हिस्सा लेते हैं। कंट्री ऑफ़ द ईयर चुने जाने से भारत को सस्टेनेबिलिटी और ट्रेसेबिलिटी पर ग्लोबल बातचीत में स्ट्रेटेजिक फ़ायदा मिलता है। यह पर्यावरण के प्रति ज़िम्मेदार खेती में एक लीडर के तौर पर भारत की ब्रांडिंग को मज़बूत करता है।
स्टैटिक GK फैक्ट: जर्मनी यूरोप की सबसे बड़ी इकॉनमी है और ऑर्गेनिक प्रोडक्ट्स का एक बड़ा इंपोर्टर है।
APEDA की स्ट्रेटेजिक लीडरशिप
भारत की भागीदारी को कॉमर्स और इंडस्ट्री मिनिस्ट्री के तहत एग्रीकल्चरल एंड प्रोसेस्ड फ़ूड प्रोडक्ट्स एक्सपोर्ट डेवलपमेंट अथॉरिटी (APEDA) लीड कर रही है। APEDA ने एक दशक से ज़्यादा समय से भारतीय ऑर्गेनिक प्रोडक्ट्स को इंटरनेशनल लेवल पर प्रमोट किया है।
2026 एडिशन भारत के एंगेजमेंट में एक स्केल-अप दिखाता है। यह भारतीय ऑर्गेनिक चावल, मसालों और प्रोसेस्ड फ़ूड की बढ़ती ग्लोबल डिमांड को दिखाता है।
स्टैटिक GK टिप: APEDA की स्थापना 1986 में पार्लियामेंट के एक एक्ट के ज़रिए एग्रीकल्चरल एक्सपोर्ट को बढ़ावा देने के लिए की गई थी।
इंडिया कंट्री पवेलियन हाइलाइट्स
इंडिया कंट्री पवेलियन 1,074 स्क्वायर मीटर में फैला होगा, जो इसे मेले में सबसे बड़े नेशनल रिप्रेजेंटेशन में से एक बनाता है। इसमें 67 को-एग्ज़िबिटर शामिल होंगे, जिनमें एक्सपोर्टर, किसान प्रोड्यूसर ऑर्गनाइज़ेशन (FPO), कोऑपरेटिव, लैब और स्टेट एजेंसियां शामिल हैं।
इस तरह की इंस्टीट्यूशनल भागीदारी ऑर्गेनिक खेती को बढ़ावा देने के लिए भारत के कोऑर्डिनेटेड अप्रोच को दिखाती है। यह किसानों के ग्लोबल वैल्यू चेन के साथ इंटीग्रेशन को भी दिखाता है।
अलग-अलग तरह का ऑर्गेनिक शोकेस
भारत चावल, तिलहन, दालें, जड़ी-बूटियां, मसाले, काजू, हल्दी, अदरक, बड़ी इलायची, दालचीनी, आम प्यूरी और एसेंशियल ऑयल सहित कई तरह के ऑर्गेनिक प्रोडक्ट दिखाएगा।
यह खेती की उपज से लेकर वैल्यू-एडेड एक्सपोर्ट तक पूरी ऑर्गेनिक वैल्यू चेन में भारत की ताकत दिखाता है।
स्टैटिक GK फैक्ट: भारत में दुनिया के सबसे ज़्यादा ऑर्गेनिक किसान हैं।
राज्यों और UTs की भागीदारी
BIOFACH 2026 में 20 से ज़्यादा राज्य और केंद्र शासित प्रदेश भाग ले रहे हैं। इनमें असम, मेघालय, मणिपुर, अरुणाचल प्रदेश, गुजरात, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, राजस्थान, केरल, कर्नाटक, तमिलनाडु, तेलंगाना, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, जम्मू और कश्मीर, और पश्चिम बंगाल शामिल हैं।
यह बड़ी भागीदारी भारत की एग्रो-क्लाइमैटिक डाइवर्सिटी को दिखाती है। ऑर्गेनिक खेती अलग-अलग इलाकों में लगातार बढ़ रही है।
स्टैटिक GK फैक्ट: भारत में 15 मुख्य एग्रो-क्लाइमैटिक ज़ोन हैं, जो फसल डाइवर्सिटी को सपोर्ट करते हैं।
GI-टैग्ड चावल और कुलिनरी प्रमोशन
एक खास आकर्षण ऑर्गेनिक बासमती चावल और मसालों के साथ क्यूरेटेड फ़ूड टेस्टिंग होगी। भारत पाँच GI-टैग्ड चावल की किस्में—इंद्रायणी, नवारा, गोबिंदभोग, रेड राइस, और चक हाओ (ब्लैक राइस) भी दिखाएगा।
ये हेरिटेज किस्में भारत की एग्रीकल्चरल बायोडायवर्सिटी और पारंपरिक नॉलेज सिस्टम को दिखाती हैं।
स्टेटिक GK टिप: भारत में जियोग्राफिकल इंडिकेशन (GI) टैग, जियोग्राफिकल इंडिकेशन्स ऑफ़ गुड्स एक्ट, 1999 के तहत आते हैं।
BIOFACH 2026 में भारत को मिली पहचान, उसकी सस्टेनेबल खेती की यात्रा में एक मील का पत्थर है। यह सर्टिफाइड ऑर्गेनिक फ़ूड एक्सपोर्ट के लिए ग्लोबल हब बनने के भारत के सपने को और पक्का करता है।
स्टैटिक उस्थादियन करंट अफेयर्स तालिका
| विषय | विवरण |
| आयोजन | BIOFACH 2026 |
| मान्यता | भारत को कंट्री ऑफ द ईयर नामित किया गया |
| स्थान | नूर्नबर्ग, जर्मनी |
| तिथियाँ | 10–13 फरवरी 2026 |
| प्रमुख एजेंसी | कृषि एवं प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण |
| मंडप का आकार | 1,074 वर्ग मीटर |
| सह-प्रदर्शक | 67 प्रतिभागी |
| प्रमुख प्रदर्शनी | ऑर्गेनिक चावल, मसाले, जीआई-टैग्ड किस्में |
| जीआई के लिए शासकीय कानून | भौगोलिक संकेतक वस्तु अधिनियम, 1999 |





