तटीय रक्षा में स्वदेशी सुदृढ़ीकरण
भारत 24 नवंबर को एएसडब्ल्यू क्राफ्ट माही को कमीशन करने जा रहा है, जो तटीय सुरक्षा को मजबूत करने वाला एक अत्यंत फुर्तीला प्लेटफॉर्म है।
यह उथले पानी वाले क्षेत्रों में पनडुब्बी खतरों पर तेजी से प्रतिक्रिया देने के लिए डिजाइन किया गया है, जहाँ त्वरित पहचान और कार्रवाई अत्यंत महत्वपूर्ण होती है।
लिटरल (तटीय) ऑपरेशन्स के लिए उन्नत क्षमताएँ
माही में लाइटवेट टॉरपीडो, एएसडब्ल्यू रॉकेट सिस्टम, और उन्नत रडार–सोनार सेंसर लगे हैं।
इन तकनीकों के माध्यम से तट के पास काम कर रही शत्रु पनडुब्बियों की तुरंत पहचान और निरोध संभव होता है।
Static GK fact: भारतीय नौसेना का पहला स्वदेशी युद्धपोत INS Ajay था, जिसे 1960 में कमीशन किया गया।
नई एएसडब्ल्यू श्रेणी का पहला जहाज
माही, कोचीन शिपयार्ड लिमिटेड द्वारा निर्मित आठ उथले-पानी एएसडब्ल्यू क्राफ्ट की श्रेणी में पहला जहाज है।
इस श्रेणी को छोटे ढांचे, बेहतर संचालन क्षमता और तेज़ प्रतिक्रिया के लिए डिजाइन किया गया है—जो तटीय क्षेत्रों के लिए अत्यंत आवश्यक विशेषताएँ हैं।
Static GK Tip: कोचीन शिपयार्ड लिमिटेड भारत की सबसे बड़ी शिपबिल्डिंग और मेंटेनेंस सुविधा है, जिसकी स्थापना 1972 में हुई थी।
समुद्री विरासत से प्रेरित डिजाइन
इस जहाज का नाम पुडुचेरी के ऐतिहासिक तटीय क्षेत्र माही से लिया गया है।
जहाज के क्रेस्ट में उरुमी दर्शाया गया है—जो कलारीपयट्टू की प्रसिद्ध लचीली तलवार है, प्रतीक है गति और सटीकता का।
Static GK fact: कलारीपयट्टू विश्व की सबसे प्राचीन मार्शल आर्ट्स प्रणालियों में से एक है, जिसका उद्गम केरल में हुआ।
स्वदेशी नौसैनिक निर्माण को मजबूती
80% से अधिक स्वदेशी घटकों के साथ माही, आत्मनिर्भर भारत के अंतर्गत नौसैनिक निर्माण में भारत की क्षमता को प्रदर्शित करता है।
मुंबई के नेवल डॉकयार्ड में इसका कमीशन भारत की उन्नत अंडरवाटर युद्ध प्रणालियों को स्वदेशी रूप से एकीकृत करने की क्षमता का प्रमाण है।
Static GK Tip: मुंबई का Naval Dockyard 18वीं सदी में ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी द्वारा स्थापित किया गया था।
तटीय सुरक्षा ढांचे में भूमिका
माही श्रेणी भारत की लिटरल सुरक्षा को मजबूत करेगी—
• पनडुब्बी ट्रैकिंग
• तटीय गश्त
• सी-लेन सुरक्षा
इन जहाजों का कॉम्पैक्ट आकार और त्वरित तैनाती उन्हें भारत के अत्यधिक व्यस्त तटीय क्षेत्रों के लिए आदर्श बनाता है।
Static GK fact: भारत की तटरेखा 7,516 किमी लंबी है—इसलिए तटीय रक्षा अत्यंत महत्वपूर्ण है।
संचालनात्मक तत्परता में वृद्धि
माही का कमीशन उथले जल क्षेत्रों के लिए आधुनिक एएसडब्ल्यू तकनीकों को चुस्त प्लेटफॉर्मों के साथ एकीकृत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
यह श्रेणी भारत की तटीय रक्षा रणनीति में प्रथम पंक्ति की भूमिका निभाएगी और ब्लू-वॉटर नौसेना संसाधनों का प्रभावी पूरक बनेगी।
स्टैटिक उस्तादियन करंट अफेयर्स टेबल
| विषय (Topic) | विवरण (Detail) |
| कमीशनिंग तिथि | 24 नवंबर |
| शिपयार्ड | कोचीन शिपयार्ड लिमिटेड |
| एएसडब्ल्यू क्राफ्ट की संख्या | कुल आठ |
| स्वदेशी सामग्री | 80% से अधिक |
| नाम की उत्पत्ति | माही, पुडुचेरी |
| मुख्य हथियार | लाइटवेट टॉरपीडो और एएसडब्ल्यू रॉकेट |
| सेंसर | उन्नत रडार और सोनार सूट |
| कमीशनिंग स्थान | नेवल डॉकयार्ड, मुंबई |
| क्रेस्ट का प्रतीक | कलारीपयट्टू का उरुमी |
| संचालनात्मक भूमिका | तटीय एएसडब्ल्यू और लिटरल सुरक्षा |





