इंडिया ने बड़ी ग्लोबल AI मीटिंग होस्ट की
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नई दिल्ली के भारत मंडपम में इंडिया AI इम्पैक्ट समिट 2026 का उद्घाटन किया, जो इंडिया की टेक्नोलॉजिकल लीडरशिप में एक अहम मील का पत्थर है। इस समिट में 100 से ज़्यादा देशों के रिप्रेजेंटेटिव शामिल हुए, जिनमें 20 हेड ऑफ़ स्टेट, 60 मिनिस्टर और 500 से ज़्यादा ग्लोबल AI लीडर और CEO शामिल थे।
समिट की थीम, “सर्वजन हिताय, सर्वजन सुखाय,” ने सबको साथ लेकर चलने वाले और इंसानी विकास पर ज़ोर दिया। इंडिया ने यह पक्का करने के अपने कमिटमेंट पर ज़ोर दिया कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) ज़िम्मेदारी से इंसानियत की सेवा करे और सभी देशों को बराबर फ़ायदा पहुँचाए। स्टैटिक GK फैक्ट: भारत मंडपम का उद्घाटन 2023 में प्रगति मैदान इंटीग्रेटेड एग्जीबिशन कॉम्प्लेक्स के हिस्से के तौर पर हुआ था, और इसने G20 लीडर्स समिट 2023 को होस्ट किया था।
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एक बदलाव लाने वाला मील का पत्थर
प्रधानमंत्री ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को आग, लिखने और वायरलेस कम्युनिकेशन जैसे इन्वेंशन के बराबर एक बड़ा टर्निंग पॉइंट बताया। उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि AI की असली वैल्यू इंसानी इंटेलिजेंस की जगह लेने के बजाय इंसानी प्रोडक्टिविटी को बढ़ाने में है।
AI से हेल्थकेयर, एग्रीकल्चर, एजुकेशन और गवर्नेंस जैसे सेक्टर को नया आकार मिलने की उम्मीद है। भारत का फोकस यह पक्का करना है कि AI डेवलपमेंट एथिकल, ट्रांसपेरेंट और अकाउंटेबल बना रहे, और टेक्नोलॉजिकल प्रोग्रेस को इंसानी भलाई के साथ जोड़े।
स्टैटिक GK टिप: आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का मतलब ऐसी मशीनें हैं जिन्हें इंसानी इंटेलिजेंस की ज़रूरत वाले काम करने के लिए डिज़ाइन किया गया है, जैसे सीखना, तर्क करना और फैसला लेना।
ज़िम्मेदार AI के लिए M.A.N.A.V विज़न
समिट का एक खास हाइलाइट M.A.N.A.V विज़न का लॉन्च था, जो एथिकल AI गवर्नेंस को गाइड करने वाला एक फ्रेमवर्क है। इसका मतलब है:
• M – नैतिक और एथिकल सिस्टम
• A – अकाउंटेबल गवर्नेंस
• N – डेटा पर नेशनल सॉवरेनिटी
• A – एक्सेसिबल और इनक्लूसिव AI
• V – वैलिड और लेजिटिमेट AI सिस्टम
यह फ्रेमवर्क भारत को दुनिया भर में नैतिक AI स्टैंडर्ड्स की वकालत करने वाले लीडर के तौर पर दिखाता है। यह यह भी पक्का करता है कि AI डेवलपमेंट नेशनल सॉवरेनिटी का सम्मान करे और नागरिकों के डिजिटल अधिकारों की रक्षा करे।
ग्लोबल बराबरी के लिए AI को डेमोक्रेटाइज़ करना
भारत ने AI को डेमोक्रेटाइज़ करने और कुछ देशों या कॉर्पोरेशन्स में इसके कंसंट्रेशन को रोकने की ज़रूरत पर ज़ोर दिया। सरकार ओपन इनोवेशन, शेयर्ड डेवलपमेंट और इनक्लूसिव एक्सेस को सपोर्ट करती है, खासकर डेवलपिंग देशों के लिए।
इस समिट ने AI को ग्लोबल कॉमन गुड के तौर पर भारत के विज़न को मज़बूत किया, जिससे टेक्नोलॉजिकल एडवांसमेंट तक सभी की बराबर पहुँच पक्की हुई। यह ग्लोबल साउथ के हितों को रिप्रेजेंट करने में भारत की लीडरशिप भूमिका से मेल खाता है।
स्टैटिक GK फैक्ट: ग्लोबल साउथ शब्द का मतलब मुख्य रूप से एशिया, अफ्रीका और लैटिन अमेरिका के डेवलपिंग देशों से है, जो आम आर्थिक और डेवलपमेंटल चुनौतियों का सामना करते हैं।
जोखिमों को दूर करना और भरोसेमंद AI सिस्टम बनाना
प्रधानमंत्री ने डीपफेक, गलत जानकारी और AI टेक्नोलॉजी के गलत इस्तेमाल जैसे जोखिमों पर ज़ोर दिया। भारत ने भरोसा और ट्रांसपेरेंसी पक्का करने के लिए डिजिटल वॉटरमार्किंग, ऑथेंटिसिटी लेबल और ग्लोबल रेगुलेटरी स्टैंडर्ड जैसे उपायों का सुझाव दिया।
भारत सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग, डेटा सेंटर, क्वांटम कंप्यूटिंग रिसर्च और स्टार्टअप इनोवेशन के ज़रिए अपने AI इकोसिस्टम को भी मज़बूत कर रहा है। इन कोशिशों का मकसद भारत को ज़िम्मेदार AI डेवलपमेंट के लिए एक ग्लोबल हब बनाना है।
स्टैटिक GK फैक्ट: भारत ने AI इंफ्रास्ट्रक्चर, इनोवेशन और टैलेंट डेवलपमेंट को बढ़ावा देने के लिए 2024 में IndiaAI मिशन लॉन्च किया।
AI के भविष्य के लिए भारत का विज़न
भारत का नज़रिया ह्यूमन–सेंट्रिक AI पर फोकस करता है, जहाँ इंसान और मशीनें प्रोडक्टिविटी और इनोवेशन को बढ़ाने के लिए मिलकर काम करती हैं। सरकार भविष्य की AI-ड्रिवन नौकरियों के लिए वर्कफोर्स को तैयार करने के लिए स्किलिंग, रीस्किलिंग और डिजिटल एजुकेशन को बढ़ावा दे रही है।
इस समिट ने “भारत में डिज़ाइन और डेवलप करें, दुनिया को डिलीवर करें” के लिए भारत के ग्लोबल इनविटेशन को और मज़बूत किया। यह एथिकल, इनक्लूसिव और ट्रांसफॉर्मेटिव AI टेक्नोलॉजी में ग्लोबल लीडर बनने की भारत की इच्छा को दिखाता है।
स्थैतिक उस्थादियन समसामयिक विषय तालिका
| विषय | विवरण |
| शिखर सम्मेलन का नाम | इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026 |
| स्थल | भारत मंडपम, नई दिल्ली |
| उद्घाटन किया | नरेंद्र मोदी |
| प्रारंभ किया गया प्रमुख ढांचा | एम.ए.एन.ए.वी दृष्टि – एआई शासन के लिए |
| सम्मेलन का विषय | सर्वजन हिताय, सर्वजन सुखाय |
| भाग लेने वाले देश | 100 से अधिक देश |
| मुख्य फोकस | नैतिक, समावेशी और लोकतांत्रिक कृत्रिम बुद्धिमत्ता |
| प्रमुख चिंता | डीपफेक और एआई के दुरुपयोग |
| सहायक पहल | इंडिया एआई मिशन |
| भारत का लक्ष्य | उत्तरदायी एआई विकास में वैश्विक नेतृत्व |





