नवम्बर 30, 2025 5:04 पूर्वाह्न

गरुड़ 2025 के लिए भारतीय वायुसेना की टुकड़ी फ्रांस पहुँची

चालू घटनाएँ: गरुड़-2025, भारत-फ्रांस रक्षा संबंध, सुखोई-30 एमकेआई, राफेल, इंटरऑपरेबिलिटी, मों-दे-मार्सां, वायु युद्धाभ्यास, सामरिक युद्धक चालें, द्विपक्षीय साझेदारी, सैन्य तैयारी

IAF Contingent Lands in France for Garuda 2025

सामरिक पृष्ठभूमि

भारतीय वायुसेना (IAF) फ्रांस के Mont-de-Marsan Air Base पहुँच चुकी है, जहाँ 16 से 27 नवंबर 2025 तक Exercise Garuda-2025 आयोजित किया जा रहा है।
यह भारत–फ्रांस रक्षा सहयोग में एक और महत्वपूर्ण कदम है।
यह द्विवार्षिक (biennial) युद्धाभ्यास दोनों वायु सेनाओं के बीच विश्वास बढ़ाता है और संचालनात्मक समन्वय को मजबूत करता है।

क्या है एक्सरसाइज गरुड़?

गरुड़ भारत और फ्रांस की वायु सेनाओं के बीच होने वाला द्विपक्षीय वायु-युद्ध प्रशिक्षण अभ्यास है।
इसे 2003 में शुरू किया गया था और यह भारत के सबसे महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय वायु-युद्ध अभ्यासों में से एक बन चुका है।
यह जटिल हवाई मिशनों और संयुक्त प्रशिक्षण के लिए एक महत्वपूर्ण मंच प्रदान करता है।

गरुड़-2025 की प्रमुख विशेषताएँ

  • भारत अपनेSu-30 MKI लड़ाकू विमानों की तैनाती कर रहा है, जो लंबी दूरी और उत्कृष्ट युद्धक क्षमताओं के लिए प्रसिद्ध हैं।
    • फ्रांस अपने उन्नत Rafale विमानों को तैनात कर रहा है, जिससे उच्च-तीव्रता वाले सिम्युलेटेड युद्धाभ्यास संभव होंगे।
    • अभ्यास का फोकस:
    – इंटरऑपरेबिलिटी
    – एयर-कॉम्बैट मैनुवर्स
    – हवाई ईंधन भरना
    – फॉर्मेशन फ्लाइंग
    – मिशन प्लानिंग मॉड्यूल
    दोनों देशों की वायु सेनाएँ एक-दूसरे की युद्धक शैली और संचालनात्मक सिद्धांतों से सीखेंगी।

सामरिक महत्व

गरुड़-2025 भारत की वायु शक्ति को अंतरराष्ट्रीय स्तर के यथार्थवादी युद्ध अभ्यासों का अनुभव प्रदान करता है।
यह फ्रांस को भारत के सबसे विश्वसनीय रक्षा साझेदारों में से एक के रूप में स्थापित करता है।
यह अभ्यास भारत की एविएशन डिप्लोमेसी और यूरोप के साथ रणनीतिक सहयोग को भी बढ़ाता है।
फ्रांसीसी युद्धक पद्धतियों और सहयोगी प्रणालियों की समझ भारत के आधुनिकीकरण प्रयासों के लिए महत्वपूर्ण है।

मों-दे-मार्सां एयर बेस

अभ्यास Mont-de-Marsan Air Base (Base Aérienne 118) पर आयोजित हो रहा है, जो फ्रांस के प्रमुख फाइटर बेसों में से एक है।

Static GK fact: इस बेस की रनवे लंबाई 3.6 किमी से अधिक है, जो इसे उच्च-तीव्रता वाले एयर-कॉम्बैट ऑपरेशनों के लिए आदर्श बनाती है।

यह बेस राफेल स्क्वॉड्रनों और कई प्रयोगात्मक एविएशन परियोजनाओं का केंद्र है।

भारत–फ्रांस रक्षा साझेदारी

भारत और फ्रांस ने 1998 में औपचारिक रणनीतिक साझेदारी स्थापित की थी, जिसमें रक्षा तकनीक, सुरक्षा सहयोग और सैन्य प्रशिक्षण शामिल हैं।

Static GK Tip: भारत और फ्रांस तीन प्रमुख संयुक्त अभ्यास करते हैं —
Garuda (Air)
Varuna (Navy)
Shakti (Army)

यह त्रि-सेवा सहयोग फ्रांस को भारत के सबसे व्यापक रक्षा साझेदारों में शामिल करता है।

व्यापक प्रभाव

गरुड़-2025 सिर्फ एक सैन्य अभ्यास नहीं, बल्कि एक मजबूत भू-राजनीतिक संकेत है।
यह भारत की बढ़ती वैश्विक भूमिका, बहु-क्षेत्रीय युद्धक क्षमताओं और यूरोपीय सहयोगियों के साथ गहरे होते संबंधों को दर्शाता है।
राफेल के साथ उड़ान और फ्रांसीसी रणनीतियों का अनुभव पायलटों की वास्तविक युद्ध स्थितियों के लिए तैयारी को मजबूत करता है।

स्टैटिक उस्तादियन करंट अफेयर्स टेबल

विषय (Topic) विवरण (Detail)
अभ्यास का नाम गरुड़-2025
तिथियाँ 16–27 नवंबर 2025
स्थान मों-दे-मार्सां एयर बेस, फ्रांस
भारतीय विमान सुखोई Su-30 MKI
फ्रांसीसी विमान राफेल
भाग लेने वाली सेनाएँ भारतीय वायुसेना और फ्रेंच एयर एंड स्पेस फोर्स
मुख्य फोकस क्षेत्र इंटरऑपरेबिलिटी, एयर-कॉम्बैट प्रशिक्षण, रिफ्यूलिंग, सामरिक युद्धक चालें
सामरिक महत्व द्विपक्षीय रक्षा संबंधों को मजबूत करना और भारत की वायु शक्ति बढ़ाना
पहली गरुड़ एक्सरसाइज 2003
भारत–फ्रांस रक्षा साझेदारी 1998 में स्थापित
IAF Contingent Lands in France for Garuda 2025
  1. गरुड़-2025 अभ्यास फ्रांस के मोंटडेमार्सन में आयोजित किया जा रहा है।
  2. यह 16-27 नवंबर 2025 तक चलेगा।
  3. भारत ने इस अभ्यास के लिए Su-30 MKI लड़ाकू विमान तैनात किए हैं।
  4. फ्रांस अपने राफेल लड़ाकू विमान के साथ भाग ले रहा है।
  5. यह अभ्यास दोनों वायु सेनाओं के बीच अंतरसंचालन क्षमता को बढ़ाता है।
  6. मुख्य फोकस क्षेत्रों में हवाईयुद्धाभ्यास और फॉर्मेशन फ्लाइंग शामिल हैं।
  7. यह अभ्यास भारत-फ्रांस की 25+ वर्षों की रणनीतिक साझेदारी को और गहरा करता है।
  8. गरुड़ की शुरुआत 2003 में एक प्रमुख द्विपक्षीय हवाई अभ्यास के रूप में हुई थी।
  9. यह अभ्यास भारतीय वायुसेना के पायलटों की सामरिक तत्परता में सुधार करता है।
  10. यह भारत को फ्रांसीसी परिचालन सिद्धांतों का अध्ययन करने में मदद करता है।
  11. मोंटडेमार्सन बेस राफेल स्क्वाड्रनों की मेजबानी करता है।
  12. इस बेस में उन्नत लड़ाकू अभियानों के लिए 6 किलोमीटर का रनवे है।
  13. यह अभ्यास यूरोप में भारत की विमानन कूटनीति को बढ़ावा देता है।
  14. यह बहु-क्षेत्रीय युद्ध में भारत की वायुशक्ति क्षमता को मज़बूत करता है।
  15. गरुड़, वरुण और शक्ति जैसे भारत-फ्रांस अभ्यासों का पूरक है।
  16. संयुक्त योजना मॉड्यूल मिशन समन्वय में सुधार करते हैं।
  17. भारतीय वायुसेना के पायलटों को वैश्विक युद्ध वातावरण का अनुभव प्राप्त होता है।
  18. यह अभ्यास फ्रांस को भारत के विश्वसनीय रक्षा साझेदार के रूप में पुष्ट करता है।
  19. यह भारत के व्यापक वायुसेना आधुनिकीकरण लक्ष्यों का समर्थन करता है।
  20. गरुड़-2025 यूरोप के साथ रक्षा सहयोग को गहरा करने का संकेत देता है।

Q1. गरुड़-2025 में कौन-सा भारतीय विमान भाग ले रहा है?


Q2. गरुड़-2025 अभ्यास कहाँ आयोजित किया जा रहा है?


Q3. गरुड़ अभ्यास की शुरुआत कब हुई थी?


Q4. गरुड़-2025 का मुख्य उद्देश्य क्या है?


Q5. फ्रांस इस संस्करण में कौन-सा विमान तैनात कर रहा है?


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