फ़रवरी 28, 2026 12:29 अपराह्न

हिमाचल पब्लिक एजुकेशन में AI पावर्ड लर्निंग लाया

करंट अफेयर्स: पढ़ाई विद AI, हिमाचल प्रदेश, सुखविंदर सिंह सुक्खू, एजुकेशन में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, बिलासपुर जिला, NTPC सपोर्ट, डिजिटल लर्निंग इकोसिस्टम, कॉम्पिटिटिव एग्जाम के उम्मीदवार, जियोथर्मल MoU

Himachal Brings AI Powered Learning To Public Education

पढ़ाई विद AI का लॉन्च

हिमाचल प्रदेश ने पढ़ाई विद AI शुरू किया है, जो डिस्ट्रिक्ट लेवल पर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर आधारित एजुकेशन इनिशिएटिव है। यह प्रोग्राम 9 फरवरी, 2026 को बिलासपुर जिले के बरथिन में मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने लॉन्च किया था।

इस इनिशिएटिव का मकसद आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) को पब्लिक एजुकेशन में इंटीग्रेट करना है। यह मुख्य रूप से कॉम्पिटिटिव और सरकारी एग्जाम की तैयारी करने वाले स्टूडेंट्स पर फोकस करता है।

स्टैटिक GK फैक्ट: हिमाचल प्रदेश 25 जनवरी 1971 को एक फुल-फ्लेज्ड स्टेट के तौर पर बना था, और इसकी राजधानी शिमला है।

कॉम्पिटिटिव एग्जाम के उम्मीदवारों पर फोकस

यह प्लेटफॉर्म स्ट्रक्चर्ड डिजिटल कंटेंट, एग्जाम-ओरिएंटेड स्टडी मटीरियल और पर्सनलाइज्ड एकेडमिक सपोर्ट देने के लिए डिज़ाइन किया गया है। यह खास तौर पर उन स्टूडेंट्स को फायदा पहुंचाता है जिनके पास महंगे प्राइवेट कोचिंग सेंटर तक एक्सेस नहीं है। AI टूल्स का इस्तेमाल करके, इस प्रोग्राम का मकसद शहरी और ग्रामीण इलाकों के बीच सीखने के गैप को कम करना है। डिजिटल प्लेटफॉर्म स्टूडेंट्स को डिस्ट्रिक्ट लेवल पर ही रिसोर्स एक्सेस करने देता है।

AI-बेस्ड सिस्टम परफॉर्मेंस को ट्रैक कर सकते हैं, कमजोर एरिया की पहचान कर सकते हैं और कस्टमाइज़्ड लर्निंग प्लान दे सकते हैं। इससे तैयारी ज़्यादा सिस्टमैटिक और आउटकम-ड्रिवन हो जाती है।

बराबर एक्सेस और एकेडमिक काउंसलिंग

AI के साथ पढ़ाई का एक मुख्य मकसद अच्छी क्वालिटी की एजुकेशन तक बराबर एक्सेस पक्का करना है। यह प्लेटफॉर्म डिजिटल इकोसिस्टम के ज़रिए कभी भी और कहीं भी सीखने में मदद करता है।

कंटेंट डिलीवरी के साथ, इस पहल में लगातार एकेडमिक काउंसलिंग भी शामिल है। स्टूडेंट्स को तैयारी की स्ट्रेटेजी, सब्जेक्ट क्लैरिटी और एग्जाम प्लानिंग पर गाइडेंस मिलता है।

इससे प्राइवेट कोचिंग इंस्टीट्यूशन पर डिपेंडेंस कम होती है और पब्लिक एजुकेशन में इनक्लूसिविटी को बढ़ावा मिलता है।

स्टैटिक GK टिप: भारत की नेशनल एजुकेशन पॉलिसी 2020 (NEP 2020) लर्निंग आउटकम को बेहतर बनाने के लिए एजुकेशन में टेक्नोलॉजी और AI के इस्तेमाल को बढ़ावा देती है।

डिस्ट्रिक्ट एडमिनिस्ट्रेशन और NTPC की भूमिका

इस प्रोग्राम को बिलासपुर डिस्ट्रिक्ट एडमिनिस्ट्रेशन ने NTPC के इंस्टीट्यूशनल सपोर्ट से लागू किया है। यह कोलेबोरेशन राज्य सरकार और पब्लिक सेक्टर एंटरप्राइजेज के बीच कोऑर्डिनेटेड कोशिश को दिखाता है। लॉन्च के दौरान ज़िले के अधिकारियों समेत सीनियर अधिकारी मौजूद थे। पार्टनरशिप मॉडल एडमिनिस्ट्रेटिव निगरानी और टेक्नोलॉजिकल सपोर्ट पक्का करता है।

स्टैटिक GK फैक्ट: NTPC लिमिटेड भारत की सबसे बड़ी पावर जेनरेशन कंपनी है और मिनिस्ट्री ऑफ़ पावर के तहत काम करती है।

एजुकेशन में AI और बड़ा असर

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, अडैप्टिव लर्निंग और डेटा-ड्रिवन इवैल्यूएशन को मुमकिन बनाकर एजुकेशन सेक्टर को बदल रहा है। AI के साथ पढ़ाई जैसी पहल दिखाती है कि कैसे नई टेक्नोलॉजी ज़िला-लेवल पर एजुकेशन डिलीवरी को मज़बूत कर सकती हैं।

यह प्रोग्राम भारत में बड़े डिजिटल गवर्नेंस सुधारों के साथ भी जुड़ा हुआ है। यह यह पक्का करके बराबर विकास में मदद करता है कि दूर-दराज के इलाकों के स्टूडेंट्स को भी मेट्रोपॉलिटन सेंटर्स जैसी ही क्वालिटी की तैयारी मिले।

इसके अलावा, जियोट्रॉपी इंडिया के साथ जियोथर्मल एनर्जी कोलेबोरेशन से जुड़े एक MoU पर भी रोशनी डाली गई, जो कई सेक्टर्स में इनोवेशन की ओर राज्य के कदम को दिखाता है।

टेक्नोलॉजी, गवर्नेंस और इनक्लूसिविटी को मिलाकर, हिमाचल प्रदेश ने खुद को एक प्रोग्रेसिव पहाड़ी राज्य के तौर पर स्थापित किया है जो पब्लिक वेलफेयर के लिए AI-ड्रिवन सॉल्यूशन अपना रहा है।

Static Usthadian Current Affairs Table

विषय विवरण
पहल का नाम पढ़ाई विद एआई
राज्य हिमाचल प्रदेश
लॉन्च तिथि 9 फ़रवरी, 2026
लॉन्च स्थान बरठीं, बिलासपुर ज़िला
मुख्यमंत्री Sukhvinder Singh Sukhu
लक्षित समूह प्रतियोगी परीक्षा अभ्यर्थी
प्रमुख तकनीक कृत्रिम बुद्धिमत्ता
सहयोगी भागीदार NTPC
अतिरिक्त विकास Geotropy India के साथ भू-तापीय ऊर्जा हेतु समझौता ज्ञापन
Himachal Brings AI Powered Learning To Public Education
  1. Himachal Pradesh ने9 फरवरी 2026 को Bilaspur district में AI के साथ पढ़ाई शुरू की।
  2. यह पहल जिला स्तर पर पब्लिक एजुकेशन में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को जोड़ती है।
  3. इस प्रोग्राम का उद्घाटन Sukhvinder Singh Sukhu ने किया।
  4. यह मुख्य रूप से कॉम्पिटिटिव और सरकारी एग्जाम के उम्मीदवारों को टारगेट करता है।
  5. यह प्लेटफॉर्म स्ट्रक्चर्ड डिजिटल और एग्जाम-ओरिएंटेड कंटेंट देता है।
  6. AI टूल्स परफॉर्मेंस को ट्रैक करते हैं और लर्निंग गैप की पहचान करते हैं।
  7. यह सिस्टम पर्सनलाइज्ड एकेडमिक सपोर्ट और काउंसलिंग देता है।
  8. यह पहल प्राइवेट कोचिंग सेंटर पर निर्भरता कम करती है।
  9. यह प्रोग्राम टेक्नोलॉजी के जरिए शहरी-ग्रामीण शिक्षा अंतर को कम करता है।
  10. बिलासपुर जिला प्रशासन ने इस प्रोजेक्ट को स्थानीय स्तर पर लागू किया।
  11. NTPC Limited ने इंस्टीट्यूशनल और टेक्नोलॉजिकल सपोर्ट दिया।
  12. यह पहल National Education Policy 2020 के डिजिटल विजन के अनुरूप है।
  13. यह प्लेटफॉर्म अच्छी क्वालिटी की शिक्षा तक सभी की पहुंच सुनिश्चित करता है।
  14. स्टूडेंट्स डिस्ट्रिक्ट-लेवल डिजिटल इकोसिस्टम के जरिए रिसोर्स एक्सेस कर सकते हैं।
  15. AI डेटा-ड्रिवन और आउटकम-ओरिएंटेड तैयारी स्ट्रेटेजी को सक्षम बनाता है।
  16. यह प्रोग्राम समावेशी और बराबर सीखने के मौके प्रदान करता है।
  17. हिमाचल प्रदेश25 जनवरी 1971 को एक पूर्ण राज्य बना।
  18. Shimla हिमाचल प्रदेश की राजधानी है।
  19. जियोथर्मल एनर्जी कोलेबोरेशन पर एक MoU पर भी चर्चा हुई।
  20. यह पहल एजुकेशन में टेक्नोलॉजी-ड्रिवन गवर्नेंस रिफॉर्म को दर्शाती है।

Q1. हिमाचल प्रदेश में “पढ़ाई विद एआई” पहल कब शुरू की गई?


Q2. “पढ़ाई विद एआई” कार्यक्रम को किस जिला प्रशासन ने लागू किया?


Q3. यह पहल मुख्य रूप से किस छात्र समूह पर केंद्रित है?


Q4. इस पहल को किस सार्वजनिक क्षेत्र उपक्रम का समर्थन प्राप्त हुआ?


Q5. यह पहल एआई के उपयोग को प्रोत्साहित करने वाले किस राष्ट्रीय शिक्षा सुधार के अनुरूप है?


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