साइबर पुलिसिंग में ऐतिहासिक कदम
गोवा भारत का पहला राज्य बन गया है जिसने साइबर फ्रॉड कॉल्स के लिए 100 प्रतिशत प्रतिक्रिया दर हासिल की है। क्लाउड-आधारित 1930 कॉल सेंटर की शुरुआत ने सुनिश्चित किया है कि हर नागरिक की शिकायत तुरंत दर्ज हो और अनदेखी न हो।
परिचालन मॉडल और संरचना
यह प्रणाली 24×7 संचालित होती है, जिसमें नौ प्रशिक्षित कर्मचारी कॉल संभालते हैं। यह कॉलर का नाम, फोन नंबर और कॉल का समय स्वतः रिकॉर्ड करती है। उन्नत रिकॉर्डिंग प्रणाली बेहतर ध्वनि गुणवत्ता और पूरी डॉक्यूमेंटेशन क्षमता प्रदान करती है।
गुणवत्ता नियंत्रण और निगरानी
कॉल सेंटर निजी क्षेत्र के सर्विस मॉडल जैसी गुणवत्ता समीक्षा प्रक्रिया का पालन करता है। पर्यवेक्षक नियमित रूप से कॉल रिकॉर्डिंग की जांच करते हैं ताकि शिष्टाचार और सटीकता बनी रहे। वरिष्ठ अधिकारी लाइव कॉल भी मॉनिटर कर सकते हैं, और प्रणाली संयुक्त प्रतिक्रिया के लिए कॉन्फ्रेंस कॉलिंग का समर्थन करती है।
नागरिकों पर प्रभाव
कॉल सेंटर अब तक 5,000 से अधिक कॉल्स संभाल चुका है और 581 औपचारिक शिकायतें दर्ज की गई हैं। अधिकारियों ने लगभग 1,500 मिस्ड कॉल्स को भी वापस किया, जिससे गोवा की प्रतिक्रिया प्रणाली सभी नागरिकों तक पहुंच सुनिश्चित करती है। तेज रिपोर्टिंग के कारण फंड-ट्रेसिंग समय पर संभव हुई है, जिससे नागरिकों के नुकसान में कमी आई है।
फ्रॉड का पैमाना और गोवा की प्रतिक्रिया
गोवा में इस वर्ष साइबर फ्रॉड से होने वाला नुकसान ₹100 करोड़ से अधिक हो गया है, जिससे प्रभावी रिपोर्टिंग और प्रतिक्रिया प्रणाली की आवश्यकता स्पष्ट होती है। नया कॉल सेंटर गोवा में तकनीक-आधारित, नागरिक-केंद्रित पुलिसिंग की दिशा में बड़े बदलाव का संकेत है।
बढ़ती चुनौतियाँ
तेज़ प्रतिक्रिया व्यवस्था के बावजूद, गोवा में साइबर अपराध पिछले वर्षों में लगातार बढ़ा है। डिटेक्शन दर अब भी चुनौती है। जांच क्षमताओं और जन-जागरूकता को मजबूत करने के प्रयास जारी हैं ताकि अपराध और प्रतिक्रिया के बीच का अंतर कम किया जा सके।
Static GK fact: गोवा का क्षेत्रफल 3,702 वर्ग किमी है, जिससे यह भारत के सबसे छोटे राज्यों में से एक है।
Static GK fact: गोवा 30 मई 1987 को भारत का 25वां राज्य बना; इससे पहले यह केंद्र शासित प्रदेश था।
स्टैटिक उस्तादियन करंट अफेयर्स टेबल
| विषय | विवरण |
| राज्य | गोवा |
| पहल | क्लाउड-आधारित 1930 साइबर फ्रॉड रिस्पॉन्स कॉल सेंटर |
| प्रतिक्रिया दर | 100 प्रतिशत पहुंच |
| कॉल हैंडलिंग | 5,000 से अधिक कॉल और 581 दर्ज शिकायतें |
| मिस्ड कॉल | लगभग 1,500 मिस्ड कॉल वापस की गईं |
| मुख्य विशेषताएँ | कॉलर मेटाडाटा कैप्चर, ऑटो-रिकॉर्डिंग, बेहतर वॉयस क्लैरिटी |
| निगरानी | रियल-टाइम सुपरविजन और कॉन्फ्रेंस कॉलिंग |
| वित्तीय हानि | इस वर्ष लगभग ₹100 करोड़ का साइबर फ्रॉड नुकसान |
| पुलिसिंग दृष्टिकोण | नागरिक-केंद्रित और तकनीक आधारित |
| महत्व | साइबर फ्रॉड प्रतिक्रिया प्रणाली में पूर्ण पहुंच वाला भारत का पहला राज्य |





