इंडेक्स के बारे में
ग्लोबल टेररिज्म इंडेक्स (GTI) 2026 को इंस्टिट्यूट फॉर इकोनॉमिक्स एंड पीस (IEP) ने जारी किया है। यह 163 देशों में आतंकवाद के प्रभाव को मापता है और इसके लिए मौतों, घटनाओं, चोटों और कुछ अन्य प्रभाव संकेतकों का उपयोग करता है। IEP इस रिपोर्ट के लिए Terrorism Tracker और अन्य स्रोतों के डेटा का इस्तेमाल करता है।
यह इंडेक्स ग्लोबल टेरर ट्रेंड्स को समझने के लिए एक अहम टूल माना जाता है और सिक्योरिटी असेसमेंट तथा पॉलिसी निर्माण में इसका व्यापक उपयोग होता है।
स्टैटिक GK फैक्ट: IEP Global Peace Index भी प्रकाशित करता है, जो देशों को शांति के आधार पर रैंक करता है।
मुख्य ग्लोबल नतीजे
GTI 2026 में पाकिस्तान को आतंकवाद से सबसे अधिक प्रभावित देश के रूप में रैंक किया गया है। रिपोर्ट के अनुसार, आतंकवाद से होने वाली मौतें दुनिया भर में 28% घटकर 5,582 रह गईं, जबकि हमलों/घटनाओं की संख्या लगभग 22% घटकर 2,944 पर आ गई, जो 2007 के बाद का सबसे निचला स्तर है।
रिपोर्ट यह भी बताती है कि लगभग 70% आतंकवाद–संबंधी मौतें केवल पाँच देशों में केंद्रित थीं: पाकिस्तान, बुर्किना फ़ासो, नाइजीरिया, नाइजर और DRC। इससे साफ़ है कि आतंकवाद का भार अब कुछ खास क्षेत्रों, खासकर साहेल और दक्षिण एशिया, में बहुत अधिक केंद्रित है।
स्टेटिक GK टिप: बुर्किना फ़ासो और नाइजर साहेल क्षेत्र का हिस्सा हैं, जो हाल के वर्षों में कट्टरपंथी हिंसा का बड़ा हॉटस्पॉट बना है।
सबसे खतरनाक आतंकवादी संगठन
रिपोर्ट के अनुसार, 2025 में सबसे अधिक मौतों के लिए ज़िम्मेदार चार बड़े आतंकवादी संगठन थे: इस्लामिक स्टेट (IS), जमात नुसरत अल–इस्लाम वल मुस्लिमीन (JNIM), तहरीक–ए–तालिबान पाकिस्तान (TTP) और अल–शबाब। ये चारों मिलकर 3,869 मौतों, यानी कुल आतंकवाद-संबंधी मौतों के लगभग 70%, के लिए ज़िम्मेदार थे।
इनमें TTP एकमात्र ऐसा संगठन था जिसकी मौतों की संख्या पिछले वर्ष के मुकाबले बढ़ी; जबकि बाकी तीन में गिरावट दर्ज हुई। रिपोर्ट के अनुसार IS और उसके सहयोगी संगठन 2025 में भी दुनिया के सबसे घातक आतंकवादी नेटवर्क बने रहे।
स्टैटिक GK फैक्ट: अल–शबाब मुख्य रूप से सोमालिया में सक्रिय है और इसका संबंध अल–कायदा से माना जाता है।
भारत की स्थिति
GTI 2026 में भारत 13वें स्थान पर है। यह आपके दिए हुए दावे से मेल खाता है। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार, भारत में आतंकवाद के प्रभाव में गिरावट देखी गई है, और यह सुधार काउंटर–टेररिज्म उपायों, बेहतर इंटेलिजेंस कोऑर्डिनेशन, और सुरक्षा ढांचे की मजबूती से जुड़ा माना जा रहा है।
हालाँकि, भारत के लिए चुनौतियाँ पूरी तरह खत्म नहीं हुई हैं। लेकिन दक्षिण एशिया के व्यापक संदर्भ में देखें तो भारत की स्थिति पाकिस्तान जैसे देशों की तुलना में अपेक्षाकृत अधिक स्थिर दिखाई देती है।
स्टैटिक GK टिप: भारत में आतंकवाद-संबंधी मामलों की जांच के लिए नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (NIA) जैसी विशेष एजेंसियाँ कार्य करती हैं।
ट्रेंड और मतलब
दुनिया भर में आतंकवाद से मौतों में गिरावट इस बात का संकेत है कि कई क्षेत्रों में सुरक्षा उपाय और काउंटर–टेररिज्म रणनीतियाँ असर दिखा रही हैं। लेकिन दूसरी तरफ, हिंसा का भौगोलिक जमावड़ा कुछ देशों और सीमावर्ती क्षेत्रों में और गहरा हुआ है। रिपोर्ट के अनुसार, 2025 में 76% से अधिक हमले अंतरराष्ट्रीय सीमाओं से 100 किमी के भीतर हुए।
रिपोर्ट यह भी दिखाती है कि पश्चिमी देशों में आतंकवाद से मौतों में तेज़ उछाल आया, जबकि साहेल अब भी वैश्विक आतंकवाद का मुख्य केंद्र बना हुआ है। इसका मतलब है कि कुल वैश्विक गिरावट के बावजूद खतरा खत्म नहीं हुआ, बल्कि उसका पैटर्न बदल रहा है।
अफ्रीका, खासकर साहेल, में आतंकवादी समूहों की बढ़ती गतिविधियाँ बताती हैं कि गरीबी, राजनीतिक अस्थिरता, कमजोर शासन, और सीमावर्ती असुरक्षा जैसे मूल कारणों को सुलझाए बिना दीर्घकालिक सुधार मुश्किल रहेगा।
Static Usthadian Current Affairs Table
| विषय | विवरण |
| रिपोर्ट का नाम | ग्लोबल टेररिज्म इंडेक्स 2026 |
| प्रकाशक | इंस्टीट्यूट फॉर इकोनॉमिक्स एंड पीस |
| शीर्ष स्थान वाला देश | पाकिस्तान |
| प्रमुख प्रभावित देश | पाकिस्तान, बुर्किना फासो, नाइजीरिया, नाइजर, डीआरसी |
| मृत्यु का हिस्सा | लगभग 70% मौतें 5 देशों में |
| मौतों में गिरावट | 28% की कमी |
| हमलों में गिरावट | लगभग 22% की कमी |
| सबसे घातक समूह | आईएस, जेएनआईएम, टीटीपी, अल-शबाब |
| भारत की रैंक | 13वीं |
| प्रमुख प्रवृत्ति | आतंकवाद कुछ विशिष्ट क्षेत्रों में केंद्रित है |





