ग्लोबल ट्रेंड्स इन पासपोर्ट पावर
Henley Passport Index 2025 अंतरराष्ट्रीय गतिशीलता में बड़े बदलावों को उजागर करता है, जो राजनयिक संबंधों और बदलती यात्रा नीतियों से प्रभावित हैं। यह रैंकिंग 199 पासपोर्ट का IATA के एक्सक्लूसिव डेटा के आधार पर विश्लेषण करती है और 227 गंतव्यों तक वीज़ा-फ्री या वीज़ा-ऑन-अराइवल पहुंच को मापती है।
एशियाई देश—सिंगापुर, दक्षिण कोरिया और जापान—सूची में शीर्ष स्थान पर बने हुए हैं।
भारत ने हालांकि गिरावट दर्ज की है और अब 57 गंतव्यों तक पहुँच के साथ 85वें स्थान पर आ गया है।
Static GK Fact: Henley Passport Index 2006 से हर साल प्रकाशित किया जा रहा है और यह वैश्विक मोबिलिटी रैंकिंग में सबसे अधिक उद्धृत सूचियों में से एक है।
2025 रैंकिंग में शीर्ष देश
सिंगापुर 193 गंतव्यों तक पहुँच के साथ पहले स्थान पर है, जो इसके मजबूत द्विपक्षीय संबंधों और वैश्विक प्रतिष्ठा को दर्शाता है।
दक्षिण कोरिया 190 गंतव्यों के साथ दूसरे और जापान 189 गंतव्यों के साथ तीसरे स्थान पर है।
यूरोपीय देश भी ऊपरी रैंकिंग में बड़ी संख्या में शामिल हैं, जो EU और शेंगेन क्षेत्र के लंबे समय से मौजूद मोबिलिटी लाभों को दर्शाते हैं।
Static GK Tip: शेंगेन क्षेत्र 27 यूरोपीय देशों का समूह है जहाँ पासपोर्ट-फ्री यात्रा संभव है।
भारत की मोबिलिटी में गिरावट
भारत 80वें स्थान से फिसलकर 85वें स्थान पर पहुँच गया है। भारतीय पासपोर्ट वर्तमान में केवल 57 देशों तक वीज़ा-फ्री/वीज़ा-ऑन-अराइवल पहुंच प्रदान करता है, और यह संख्या लंबे समय से स्थिर है।
इस गिरावट का मुख्य कारण नए द्विपक्षीय वीज़ा समझौतों की कमी और एशियाई व खाड़ी देशों की तेज़ कूटनीतिक प्रगति की तुलना में भारत की धीमी बातचीत प्रक्रिया है।
Static GK Fact: भारत का पहला पासपोर्ट 1920 में ब्रिटिश इंडियन पासपोर्ट रूल्स के तहत जारी हुआ था।
पासपोर्ट रैंकिंग क्यों महत्वपूर्ण है?
पासपोर्ट की मजबूती सीधे बिज़नेस, पर्यटन, शिक्षा और आपातकालीन परिस्थितियों में नागरिकों की यात्रा क्षमता को प्रभावित करती है।
मजबूत पासपोर्ट वाले देशों को कम दस्तावेज़ों की आवश्यकता होती है, तेज़ यात्रा की सुविधा मिलती है और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अधिक विश्वास प्राप्त होता है।
यह सूचकांक यह भी दर्शाता है कि विदेश नीति, व्यापार समझौते और वैश्विक धारणा नागरिकों की यात्रा स्वतंत्रता को कैसे प्रभावित करते हैं।
Static GK Tip: ICAO (International Civil Aviation Organization) वैश्विक पासपोर्ट और ट्रैवल डॉक्यूमेंट मानक तय करता है।
बदलते वैश्विक पैटर्न
2025 की रैंकिंग एशिया की बढ़ती मोबिलिटी शक्ति और कई पश्चिमी देशों की धीमी प्रगति को दर्शाती है।
संयुक्त राज्य अमेरिका पहली बार शीर्ष 10 से बाहर होकर लगभग 180 गंतव्यों तक पहुंच के साथ 12वें स्थान के आसपास पहुँच गया है।
यह बदलाव उभरते भू-राजनीतिक समीकरणों, एशिया में बढ़ते आर्थिक सहयोग और मजबूत होते क्षेत्रीय समझौतों को दर्शाता है।
Static Usthadian Current Affairs Table
| विषय (Topic) | विवरण (Detail) |
| सूचकांक का नाम | Henley Passport Index 2025 |
| डाटा स्रोत | IATA डेटासेट |
| कुल पासपोर्ट रैंक किए गए | 199 |
| कुल गंतव्य शामिल | 227 |
| शीर्ष स्थान वाला देश | सिंगापुर (193 गंतव्य) |
| भारत की रैंकिंग | 85वाँ स्थान |
| भारत की पहुंच संख्या | 57 गंतव्य |
| मुख्य प्रवृत्ति | एशियाई पासपोर्ट का उदय |
| अमेरिका की स्थिति | लगभग 12वाँ स्थान |
| भारत की गिरावट का कारण | नए द्विपक्षीय वीज़ा समझौतों की कमी |





