फ्लाईओवर का नामकरण
कोयंबटूर की अविनाशी रोड फ्लाईओवर का नाम जी. डी. नायडू के नाम पर रखा जाएगा, जिन्हें “भारत के एडिसन” के रूप में व्यापक रूप से जाना जाता है। नायडू एक प्रख्यात आविष्कारक और नवप्रवर्तक थे जिनके योगदान ऑटोमोबाइल, इलेक्ट्रॉनिक्स और औद्योगिक तकनीक तक फैले हुए थे। यह निर्णय शहर के विज्ञान-प्रौद्योगिकी क्षेत्र के स्थानीय महानायकों के सम्मान को दर्शाता है।
स्थैतिक जीके तथ्य: जी. डी. नायडू को 20वीं सदी के प्रारम्भ में विद्युत और यांत्रिक आविष्कारों में योगदान के लिए “एडिसन ऑफ इंडिया” कहा गया।
अवसंरचना का महत्व
यह फ्लाईओवर तमिलनाडु का सबसे लंबा एलिवेटेड कॉरिडोर है और भारत में दूसरा सबसे लंबा—इससे लंबा केवल हैदराबाद का पी. वी. नरसिंहा राव एक्सप्रेसवे है।
फ्लाईओवर का उद्देश्य कोयंबटूर की महत्वपूर्ण धमनियों में से एक अविनाशी रोड पर ट्रैफिक जाम को कम करना है। आधुनिक डिज़ाइन तत्त्व सुरक्षा, टिकाऊपन और यातायात प्रवाह को बेहतर बनाने के लिए सम्मिलित किए गए हैं, जिससे यात्रा समय में उल्लेखनीय कमी आएगी।
स्थैतिक जीके टिप: कोयंबटूर को “दक्षिण भारत का मैनचेस्टर” कहा जाता है—यहाँ की मजबूत टेक्सटाइल इंडस्ट्री और औद्योगिक नवाचार के कारण।
शहरी गतिशीलता में योगदान
एलिवेटेड कॉरिडोर से दैनिक यात्रियों और वाणिज्यिक वाहनों के लिए भीड़भाड़ घटेगी तथा शहर की औद्योगिक और आईटी हब के रूप में प्रगति को बल मिलेगा। परियोजना सतत शहरी नियोजन के साथ आधुनिक अवसंरचना के एकीकरण पर जोर देती है।
ट्रैफ़िक प्रबंधन अध्ययन के अनुसार, फ्लाईओवर चालू होने पर अविनाशी रोड पर 25–30% तक विलंब में कमी आने की उम्मीद है। यह औद्योगिक क्षेत्रों, अस्पतालों और शैक्षणिक संस्थानों से बेहतर कनेक्टिविटी भी सुनिश्चित करेगा।
नवाचार को सम्मान
फ्लाईओवर का नाम जी. डी. नायडू के नाम पर रखना शहर की नवप्रवर्तकों को सम्मानित करने और विज्ञान शिक्षा को प्रोत्साहन देने की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। यह आधुनिक अवसंरचना को भारतीय आविष्कारकों की विरासत से जोड़ने वाला प्रतीकात्मक कदम है।
स्थैतिक जीके तथ्य: जी. डी. नायडू ने भारत की शुरुआती ऑटोमोबाइल निर्माण इकाइयों में से एक की स्थापना की थी और प्रारम्भिक इलेक्ट्रिक मोटर विकास में भी योगदान दिया।
स्थैतिक “Usthadian” वर्तमान घटनाओं की सारणी
| विषय | विवरण |
| फ्लाईओवर का नाम | जी. डी. नायडू फ्लाईओवर |
| स्थान | अविनाशी रोड, कोयंबटूर, तमिलनाडु |
| लंबाई/स्थिति | तमिलनाडु का सबसे लंबा, भारत में दूसरा सबसे लंबा |
| भारत का अधिक लंबा फ्लाईओवर | पी. वी. नरसिंहा राव एक्सप्रेसवे, हैदराबाद |
| सम्मानित व्यक्तित्व | जी. डी. नायडू – आविष्कारक और नवप्रवर्तक |
| महत्त्व | ट्रैफिक जाम में कमी, शहरी गतिशीलता में सुधार |
| आर्थिक प्रभाव | औद्योगिक एवं वाणिज्यिक परिवहन दक्षता को समर्थन |
| विरासत | “भारत के एडिसन” का सम्मान, नवाचार जागरूकता को बढ़ावा |





