एक्सरसाइज ओवरव्यू
एक्सरसाइज धर्म गार्डियन का 7वां एडिशन 24 फरवरी 2026 को उत्तराखंड के चौबटिया में फॉरेन ट्रेनिंग नोड में शुरू हुआ। यह एक्सरसाइज 9 मार्च 2026 तक चलेगी। यह इंडियन आर्मी और जापान ग्राउंड सेल्फ–डिफेंस फोर्स (JGSDF) के बीच एक सालाना बाइलेटरल मिलिट्री ड्रिल है।
यह एक्सरसाइज भारत और जापान में बारी-बारी से की जाती है, जो गहरे होते डिफेंस संबंधों का प्रतीक है। यह दो इंडो–पैसिफिक पार्टनर्स के बीच बढ़ते स्ट्रेटेजिक मेल को दिखाता है।
स्टैटिक GK फैक्ट: उत्तराखंड 2000 में बना था और इसकी राजधानी देहरादून (सर्दियों में) और गैरसैंण (गर्मियों में) है।
हिस्सा लेने वाली टुकड़ियाँ
हर देश ने 120 लोगों की टुकड़ी भेजी है। JGSDF डेलीगेशन को 32वीं इन्फैंट्री रेजिमेंट के सैनिक रिप्रेजेंट कर रहे हैं।
भारतीय पक्ष को लद्दाख स्काउट्स रिप्रेजेंट कर रहे हैं, यह रेजिमेंट हाई–एल्टीट्यूड वॉरफेयर में अपनी एक्सपर्टीज़ के लिए जानी जाती है। लद्दाख स्काउट्स ने कारगिल युद्ध (1999) के दौरान ऑपरेशन्स में अहम भूमिका निभाई थी।
स्टेटिक GK टिप: भारतीय सेना 1895 में बनी थी, और भारत के राष्ट्रपति इसके सुप्रीम कमांडर हैं।
ड्रिल के मकसद
एक्सरसाइज़ धर्म गार्डियन का मुख्य मकसद दोनों सेनाओं के बीच इंटरऑपरेबिलिटी को बढ़ाना है। इंटरऑपरेबिलिटी जॉइंट मिशन के दौरान बिना रुकावट के कोऑर्डिनेशन पक्का करती है।
ड्रिल का मकसद मिलिट्री कोलेबोरेशन को मज़बूत करना और कंबाइंड ऑपरेशनल कैपेबिलिटी को बेहतर बनाना भी है। इसका मुख्य फोकस सेमी–अर्बन माहौल में जॉइंट ऑपरेशन करने पर है, जो मॉडर्न कॉन्फ्लिक्ट सिनेरियो को दिखाता है।
इस एक्सरसाइज में मॉडर्न मिलिट्री टेक्नोलॉजी, सिंक्रोनाइज़्ड टैक्टिकल मैनूवर और कोऑर्डिनेटेड प्लानिंग प्रोसीजर को इंटीग्रेट किया गया है।
टैक्टिकल पार्ट्स
दो हफ़्ते के एंगेजमेंट के दौरान, सैनिक एक टेम्पररी ऑपरेटिंग बेस बनाने में शामिल होते हैं। वे बैटलफील्ड अवेयरनेस बढ़ाने के लिए एक इंटेलिजेंस, सर्विलांस और रिकॉनिसेंस (ISR) ग्रिड भी डेवलप करते हैं।
दूसरी एक्टिविटीज़ में मोबाइल व्हीकल चेक पोस्ट बनाना, कॉर्डन और सर्च ऑपरेशन करना और हेलीबोर्न ऑपरेशन करना शामिल है। क्लोज–क्वार्टर कॉम्बैट स्किल्स को बेहतर बनाने के लिए हाउस इंटरवेंशन ड्रिल्स की जाती हैं।
ये एक्टिविटीज़ फिजिकल एंड्योरेंस, सिचुएशनल अवेयरनेस और रियलिस्टिक कंडीशंस में जॉइंट कॉम्बैट रेडीनेस को बेहतर बनाती हैं।
स्ट्रेटेजिक इंपॉर्टेंस
एक्सरसाइज़ धर्मा गार्डियन इंडिया-जापान डिफेंस कोऑपरेशन का एक ज़रूरी पिलर है। यह ऑपरेशनल सिनर्जी को बढ़ाता है और आर्म्ड फोर्सेज़ के बीच आपसी भरोसा बनाता है।
दोनों देश इंडो–पैसिफिक रीजन में मुख्य स्टेकहोल्डर्स हैं, जहाँ मैरीटाइम सिक्योरिटी और रीजनल स्टेबिलिटी क्रिटिकल कंसर्न्स बनी हुई हैं। मज़बूत डिफेंस कोऑपरेशन एक रूल–बेस्ड इंटरनेशनल ऑर्डर को सपोर्ट करता है।
स्टैटिक GK फैक्ट: इंडिया और जापान ने 2014 में अपने रिलेशनशिप को एक स्पेशल स्ट्रेटेजिक और ग्लोबल पार्टनरशिप में अपग्रेड किया। जापान की कैपिटल टोक्यो है, और इसकी पार्लियामेंट को नेशनल डाइट कहा जाता है।
धर्म गार्डियन का लगातार काम, इलाके में शांति, आपदा से निपटने की तैयारी और मिलकर सुरक्षा की कोशिशों के लिए दोनों देशों के कमिटमेंट को दिखाता है।
स्टैटिक उस्तादियन करंट अफेयर्स तालिका
| विषय | विवरण |
| अभ्यास का नाम | धर्म गार्जियन |
| संस्करण | 7वाँ संस्करण |
| अवधि | 24 फरवरी – 9 मार्च 2026 |
| स्थान | विदेशी प्रशिक्षण नोड, चौबटिया, उत्तराखंड |
| भारतीय दल | लद्दाख स्काउट्स, भारतीय सेना |
| जापानी दल | 32वीं इन्फैंट्री रेजिमेंट, जापान ग्राउंड सेल्फ डिफेंस फोर्स |
| सैनिक संख्या | प्रत्येक पक्ष से 120 सदस्य |
| प्रमुख फोकस क्षेत्र | अंतःसंचालन क्षमता, अर्ध-शहरी युद्ध, निगरानी एवं टोही जाल, हेलिबोर्न अभियान |
| सामरिक संदर्भ | भारत–जापान रक्षा साझेदारी को सुदृढ़ करना |





