जलवायु कार्रवाई में अग्रणी भूमिका निभाते शहर
दिल्ली घोषणा (Delhi Declaration on Local Action for Global Climate Goals) को 9 अक्टूबर 2025 को नई दिल्ली में आयोजित पहले एराइज़ सिटीज़ फोरम (ARISE Cities Forum) में अपनाया गया। यह घोषणा ग्लोबल साउथ (Global South) के शहरों की वैश्विक जलवायु कार्रवाई में प्रमुख भूमिका को रेखांकित करती है।
इसने शहरी आवाज़ों को सशक्त बनाते हुए यह सुनिश्चित किया कि स्थानीय सरकारों को जलवायु शासन में प्रमुख साझेदार के रूप में मान्यता मिले।
स्थैतिक जीके तथ्य: COP30 सम्मेलन वर्ष 2025 में बेलें (Belém), ब्राज़ील में आयोजित होगा।
शहरों में जनसंख्या, उत्सर्जन और जलवायु जोखिम केंद्रित होते हैं। वे समाधान के भी केंद्र हैं — जैसे कि कुशल अवसंरचना, सार्वजनिक परिवहन, अपशिष्ट प्रबंधन, जल प्रणाली और प्रकृति-आधारित ठंडक समाधान।
ऐतिहासिक रूप से, अंतरराष्ट्रीय जलवायु वार्ताओं में शहरी प्राथमिकताएँ हाशिए पर रही हैं, जिसे यह घोषणा बदलने का प्रयास करती है।
एराइज़ सिटीज़ फोरम और उसके उद्देश्य
ARISE का अर्थ है Adaptive, Resilient, Innovative, Sustainable, and Equitable — यह ICLEI South Asia का प्रमुख शहरी लचीलापन मंच है।
2025 संस्करण, जिसका थीम था “From Bharat to Belém”, में 25 देशों के 60 शहरों से आए 200 से अधिक प्रतिनिधियों ने भाग लिया।
इस मंच में महापौरों, नगर नेताओं, राष्ट्रीय प्रतिनिधियों, निजी क्षेत्र और अंतरराष्ट्रीय संगठनों की सक्रिय भागीदारी रही।
दिल्ली घोषणा इस बैठक का सामूहिक परिणाम है, जिसे COP30 अध्यक्षता को सौंपा गया है।
स्थैतिक जीके टिप: ICLEI की स्थापना 1990 में सतत शहरी विकास को बढ़ावा देने के लिए की गई थी।
दिल्ली घोषणा की मुख्य प्रतिबद्धताएँ
यह घोषणा स्थानीय स्तर पर जलवायु कार्रवाई को मजबूत करने के लिए निम्नलिखित प्राथमिकताएँ प्रस्तुत करती है:
• संसाधन-संपन्न बहु-स्तरीय NDCs (NDCs 3.0) विकसित करना
• अनुकूलन, परिपत्र अर्थव्यवस्था और प्रकृति-आधारित समाधानों के माध्यम से समावेशी शहरी लचीलापन को बढ़ावा देना
• न्यायसंगत और सहभागी हरित संक्रमण (Just Green Transition) को प्रोत्साहित करना
• नागरिकों, महिलाओं, युवाओं और समुदायों को जलवायु शासन में सशक्त बनाना
• बहु-स्तरीय शासन और पारदर्शी, अंतर-संचालन योग्य डेटा प्रणाली को मजबूत करना
• जलवायु वित्त (Climate Finance) को सुलभ बनाना और शहरों के लिए प्रत्यक्ष पहुंच बढ़ाना
• ग्लोबल साउथ नेतृत्व को दक्षिण-दक्षिण एवं त्रिकोणीय सहयोग के माध्यम से सशक्त बनाना
विषयगत फोकस क्षेत्र
दो दिवसीय फोरम में शहरों के लिए व्यावहारिक चुनौतियों और समाधानों पर चर्चा की गई:
• राष्ट्रीय जलवायु लक्ष्यों और स्थानीय क्रियान्वयन के बीच की खाई को पाटना
• जल और अपशिष्ट प्रणालियों में परिपत्रता (Circularity)
• सतत शहरी खाद्य प्रणाली
• प्रकृति-आधारित जलवायु समाधान और शहरी गर्मी प्रबंधन
• स्वच्छ गतिशीलता, ट्रांजिट-उन्मुख विकास, और आपदा प्रबंधन
• डिजिटल प्लानिंग टूल्स, जलवायु वित्त साधन और शासन नवाचार
स्थैतिक जीके तथ्य: नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ अर्बन अफेयर्स (NIUA) ने ICLEI साउथ एशिया के साथ मिलकर एराइज़ सिटीज़ फोरम 2025 का आयोजन किया।
दिल्ली घोषणा स्थानीय स्तर पर आधारित जलवायु कार्रवाई के लिए एक नया मानक स्थापित करती है।
यह ग्लोबल साउथ के शहरों को सशक्त बनाकर सुनिश्चित करती है कि उनकी प्राथमिकताएँ COP30 और उससे आगे की वैश्विक जलवायु वार्ताओं में केंद्र में रहें।
स्थैतिक “Usthadian” वर्तमान घटनाओं की सारणी
| विषय | विवरण |
| आयोजन का नाम | एराइज़ सिटीज़ फोरम 2025 |
| घोषणा का नाम | वैश्विक जलवायु लक्ष्यों हेतु स्थानीय कार्रवाई पर दिल्ली घोषणा |
| अंगीकरण की तिथि | 9 अक्टूबर 2025 |
| स्थान | नई दिल्ली, भारत |
| आयोजक | ICLEI साउथ एशिया और नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ अर्बन अफेयर्स (NIUA) |
| प्रतिभागी | 25 देशों के 60 शहरों से आए 200 से अधिक प्रतिनिधि |
| मुख्य फोकस | शहरी लचीलापन, जलवायु वित्त, प्रकृति-आधारित समाधान, समावेशी संक्रमण |
| COP संदर्भ | घोषणा को बेलें, ब्राज़ील में COP30 अध्यक्षता को सौंपा गया |
| प्रमुख थीम | परिपत्रता, स्वच्छ गतिशीलता, शहरी खाद्य प्रणाली, बहु-स्तरीय शासन |
| लक्षित समूह | नागरिक, महिलाएँ, युवा, स्थानीय सरकारें, ग्लोबल साउथ नेतृत्व |





