नवम्बर 30, 2025 5:45 पूर्वाह्न

भारत की हॉकी उत्कृष्टता के 100 वर्षों का गौरव शतक

चालू घटनाएँ: मेजर ध्यानचंद नेशनल स्टेडियम, भारतीय हॉकी शताब्दी 2025, हॉकी इंडिया, डॉ. मनसुख मांडविया, किरेन रिजिजू, उदयनिधि स्टालिन, ओलंपिक गौरव, जमीनी स्तर का विकास, स्मारक ग्रंथ, प्रदर्शनी मैच, लैंगिक समानता

Century of Glory India’s 100 Years of Hockey Excellence

नई दिल्ली में शताब्दी समारोह

भारत ने 7 नवम्बर 2025 को नई दिल्ली के मेजर ध्यानचंद नेशनल स्टेडियम में भव्य समारोह के साथ हॉकी उत्कृष्टता के 100 वर्ष पूरे होने का जश्न मनाया। यह शताब्दी कार्यक्रम खेल की उस ऐतिहासिक यात्रा को समर्पित था जो औपनिवेशिक काल से शुरू होकर राष्ट्रीय गौरव का प्रतीक बन गई।
इस अवसर पर डॉ. मनसुख मांडविया, किरेन रिजिजू और उदयनिधि स्टालिन सहित अनेक गणमान्य व्यक्तियों, ओलंपियन खिलाड़ियों और सैकड़ों युवा खिलाड़ियों ने भाग लिया।

स्थैतिक जीके तथ्य: मेजर ध्यानचंद नेशनल स्टेडियम, जो भारत के महानतम हॉकी खिलाड़ी ध्यानचंद के नाम पर है, वर्ष 1933 में बनाया गया था और 2010 राष्ट्रमंडल खेलों से पहले इसका नवीनीकरण किया गया।

गौरवशाली विरासत को श्रद्धांजलि

इस शताब्दी समारोह ने ध्यानचंद और बलबीर सिंह सीनियर जैसे दिग्गज खिलाड़ियों को श्रद्धांजलि दी, जिन्होंने भारत के हॉकी स्वर्ण युग की नींव रखी।
इस अवसर पर “100 इयर्स ऑफ इंडियन हॉकी” शीर्षक से एक विशेष स्मारक ग्रंथ जारी किया गया, जिसमें भारत की हॉकी यात्रा को 1928 के एम्स्टर्डम ओलंपिक से लेकर वर्तमान तक दर्ज किया गया है।

इस पुस्तक में 1928 से 1980 तक भारत के आठ ओलंपिक स्वर्ण पदकों और 2009 के बाद हॉकी इंडिया द्वारा खेल के पेशेवरकरण एवं जमीनी ढांचे में सुधार की कहानी बताई गई है।

स्थैतिक जीके टिप: भारत ने अपना पहला ओलंपिक हॉकी स्वर्ण पदक 1928 में जीता था, जिसमें ध्यानचंद ने पूरे टूर्नामेंट में 14 गोल किए थे।

राष्ट्रीय सहभागिता और जमीनी विकास

शताब्दी वर्ष के अवसर पर पूरे देश में 550 ज़िलों में 1,400 से अधिक हॉकी मैच आयोजित किए गए। इस अभियान का उद्देश्य स्कूलों, कॉलेजों और स्थानीय क्लबों को जोड़कर जमीनी स्तर पर हॉकी के पारिस्थितिकी तंत्र को सुदृढ़ बनाना था।

मुख्य कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्रियों की टीम (Union Ministers’ XI) और हॉकी इंडिया मिश्रित टीम (पुरुष एवं महिला) के बीच एक प्रदर्शनी मैच हुआ, जो समावेशन, लैंगिक समानता और टीम भावना का प्रतीक था।

प्रदर्शनी और ऐतिहासिक झलकियाँ

एक विशेष फोटो प्रदर्शनी में भारत की हॉकी यात्रा को 1936 के बर्लिन ओलंपिक से लेकर 2020 के टोक्यो ओलंपिक कांस्य पदक तक दर्शाया गया।
दर्शकों ने दुर्लभ तस्वीरें, पुरानी हॉकी स्टिक्स और टीम स्मृति चिन्ह देखे, जिसने भारत की सफलता और संघर्ष की दृश्य यात्रा प्रस्तुत की।

स्थैतिक जीके तथ्य: 1936 के बर्लिन ओलंपिक में ध्यानचंद की कप्तानी में भारत ने जर्मनी को 8–1 से हराया था — यह हॉकी इतिहास की सबसे महान जीतों में से एक मानी जाती है।

राष्ट्रीय गौरव का प्रतीक

शताब्दी संदेश ने इस बात पर बल दिया कि हॉकी केवल एक खेल नहीं बल्कि भारतीय पहचान की धड़कन है।
13 ओलंपिक पदक विजयों के साथ भारत अभी भी विश्व का सबसे सफल हॉकी राष्ट्र है।
यह शताब्दी समारोह न केवल अतीत की उपलब्धियों को सम्मानित करता है, बल्कि भविष्य के लिए नवाचार, समावेशन और संस्थागत सहयोग के माध्यम से भारतीय हॉकी के पुनरुत्थान का संकल्प भी मजबूत करता है।

Static Usthadian Current Affairs Table

विषय विवरण
कार्यक्रम भारतीय हॉकी शताब्दी समारोह 2025
तिथि 7 नवम्बर 2025
स्थल मेजर ध्यानचंद नेशनल स्टेडियम, नई दिल्ली
मुख्य अतिथि डॉ. मनसुख मांडविया, किरेन रिजिजू, उदयनिधि स्टालिन
आयोजित मैच 550 ज़िलों में 1,400 से अधिक मैच
स्मारक ग्रंथ “100 इयर्स ऑफ इंडियन हॉकी”
प्रदर्शनी मैच केंद्रीय मंत्रियों की टीम बनाम हॉकी इंडिया मिश्रित टीम
ओलंपिक रिकॉर्ड 8 स्वर्ण पदक, कुल 13 ओलंपिक पदक
प्रमुख हस्तियाँ ध्यानचंद, बलबीर सिंह सीनियर
मुख्य संदेश हॉकी भारत की शान और सांस्कृतिक पहचान का प्रतीक
Century of Glory India’s 100 Years of Hockey Excellence
  1. भारत ने 7 नवंबर 2025 को नई दिल्ली में हॉकी उत्कृष्टता के 100 वर्ष पूरे होने का जश्न मनाया।
  2. यह कार्यक्रम मेजर ध्यानचंद राष्ट्रीय स्टेडियम में आयोजित हुआ।
  3. गणमान्य व्यक्तियों में डॉ. मनसुख मंडाविया, किरेन रिजिजू और उदयनिधि स्टालिन शामिल थे।
  4. इस शताब्दी समारोह में औपनिवेशिक जड़ों से राष्ट्रीय गौरव तक भारत की यात्रा का सम्मान किया गया।
  5. भारतीय हॉकी के 100 वर्ष नामक एक स्मारक पुस्तक का विमोचन किया गया।
  6. इस पुस्तक में 1928 के एम्स्टर्डम ओलंपिक से लेकर वर्तमान तक भारत की यात्रा का वर्णन है।
  7. भारत ने 1928 से 1980 के बीच आठ ओलंपिक स्वर्ण पदक जीते
  8. ध्यानचंद और बलबीर सिंह सीनियर उन प्रतिष्ठित हस्तियों में शामिल थे जिनका सम्मान किया गया।
  9. जमीनी स्तर पर हॉकी को बढ़ावा देने के लिए 550 जिलों में 1,400 मैच आयोजित किए गए।
  10. केंद्रीय मंत्री एकादश और हॉकी इंडिया मिश्रित एकादश के बीच एक प्रदर्शनी मैच खेला गया।
  11. यह प्रदर्शनी खेलों में लैंगिक समानता और समावेशिता का प्रतीक थी।
  12. एक फोटो प्रदर्शनी में 1936 बर्लिन से टोक्यो 2020 तक भारत के हॉकी इतिहास को प्रदर्शित किया गया।
  13. ध्यानचंद के नेतृत्व में भारत की 1936 टीम ने ओलंपिक फाइनल में जर्मनी को 8–1 से हराया था।
  14. भारत ने 13 ओलंपिक पोडियम फिनिश हासिल किए — जो हॉकी में किसी भी देश के लिए सबसे अधिक हैं।
  15. शताब्दी समारोह ने हॉकी को भारत के राष्ट्रीय गौरव और सांस्कृतिक पहचान के रूप में उजागर किया।
  16. हॉकी इंडिया (2009) से खेल का आधुनिकीकरण और जमीनी ढाँचे का सुदृढ़ीकरण किया गया।
  17. मेजर ध्यानचंद स्टेडियम 1933 में निर्मित हुआ और 2010 राष्ट्रमंडल खेलों से पहले इसका जीर्णोद्धार किया गया।
  18. यह आयोजन जमीनी विकास और युवाओं की भागीदारी पर केंद्रित था।
  19. समारोह ने हॉकी के भविष्य के प्रति भारत की प्रतिबद्धता को फिर से जगाया
  20. शताब्दी संदेश में टीम वर्क, समावेशिता और नवाचार पर ज़ोर दिया गया।

Q1. भारत की हॉकी शताब्दी समारोह 2025 में कहाँ आयोजित किया गया था?


Q2. निम्नलिखित में से कौन भारतीय हॉकी शताब्दी समारोह में उपस्थित थे?


Q3. समारोह के दौरान जारी की गई स्मारक पुस्तक का शीर्षक क्या था?


Q4. भारत ने ओलंपिक हॉकी में कितने स्वर्ण पदक जीते हैं?


Q5. 1936 के बर्लिन ओलंपिक में भारत के हॉकी कप्तान कौन थे?


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