बच्चों के साहित्य को राष्ट्रीय पहचान
बाल साहित्य पुरस्कार 2025 भारत की 24 भाषाओं में उच्च-स्तरीय बाल साहित्य को प्रोत्साहित करने की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। साहित्य अकादेमी द्वारा घोषित ये पुरस्कार 14 नवंबर 2025 को नई दिल्ली के त्रिवेणी ऑडिटोरियम में प्रदान किए जाएंगे। यह वार्षिक परंपरा भारत की सांस्कृतिक समृद्धि को दर्शाती है और युवा पाठकों पर केंद्रित लेखन को बढ़ावा देती है।
स्थिर जीके तथ्य: साहित्य अकादेमी की स्थापना 1954 में भारत की राष्ट्रीय साहित्य संस्था के रूप में की गई थी।
पुरस्कार समारोह की प्रमुख झलकियाँ
समारोह की अध्यक्षता साहित्य अकादेमी के अध्यक्ष माधव कौशिक करेंगे। मुख्य अतिथि के रूप में प्रसिद्ध गुजराती लेखिका वर्षा दास उपस्थित रहेंगी। उपाध्यक्ष कुमुद शर्मा धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत करेंगी और स्वागत संबोधन पल्लवी प्रशांत होलकर देंगी।
प्रत्येक विजेता को ₹50,000 और एक कांस्य पट्टिका प्रदान की जाएगी।
भारत की विभिन्न भाषाओं के विजेता
यह पुरस्कार भारत की बहुभाषी साहित्यिक शक्ति को प्रदर्शित करता है। सम्मानित कृतियाँ कविता, कहानी, उपन्यास, नाटक और संस्मरण जैसी विभिन्न विधाओं से हैं।
विजेताओं में शामिल हैं:
सुरेंद्र मोहन दास (असमिया), त्रिदीब कुमार चट्टोपाध्याय (बंगाली), नितिन कुशलप्पा एम.पी. (अंग्रेज़ी), कीर्तिदा ब्रह्मभट्ट (गुजराती), सुशील शुक्ल (हिन्दी), इज़हार मुबाशिर (कश्मीरी), श्रीजीत मूथेडथ (मलयालम), संगमु लेप्चा (नेपाली), विष्णुपुरम सर्वनन (तमिल), गंगिसेट्टी शिवकुमार (तेलुगु), और ग़ज़नफ़र इक़बाल (उर्दू)।
स्थिर जीके टिप: भारत के संविधान की आठवीं अनुसूची में 22 भाषाएँ आधिकारिक रूप से मान्यता प्राप्त हैं।
पुरस्कार विजेताओं की बैठक
15 नवंबर 2025 को नई दिल्ली के रविन्द्र भवन ऑडिटोरियम में एक विशेष अवार्डीज़ मीट आयोजित की जाएगी। इसकी अध्यक्षता कुमुद शर्मा करेंगी। यह कार्यक्रम विजेताओं को अपनी रचनात्मक यात्रा साझा करने और बच्चों के साहित्य के प्रति अपनी भूमिका पर चर्चा करने का अवसर प्रदान करेगा।
सांस्कृतिक और शैक्षिक महत्व
बाल साहित्य पुरस्कार सांस्कृतिक रूप से समृद्ध, सरल और प्रेरणादायक कहानियों को बढ़ावा देता है जो बच्चों के बौद्धिक विकास में सहायक होती हैं। यह लेखकों को क्षेत्रीय भाषाओं में साहित्य रचने के लिए प्रेरित करता है, जिससे भाषाई विरासत सुरक्षित रहती है और स्कूल-आधारित शिक्षा के लिए गुणवत्तापूर्ण पाठ्य सामग्री मिलती है।
स्थिर जीके तथ्य: भारत में बाल दिवस हर वर्ष 14 नवंबर को मनाया जाता है, जो जवाहरलाल नेहरू की जयंती है।
भारत के साहित्यिक परिदृश्य को सशक्त बनाना
यह पुरस्कार नए लेखकों के लिए प्रेरणा का स्रोत है। बहुभाषी सम्मान की वजह से भारत के अलग-अलग हिस्सों की कहानियाँ राष्ट्रीय स्तर पर पहुँचती हैं, जिससे साहित्यिक विविधता और सांस्कृतिक समावेशन मजबूत होते हैं।
Static Usthadian Current Affairs Table
| विषय | विवरण |
| पुरस्कार | बाल साहित्य पुरस्कार 2025 |
| प्रदानकर्ता | साहित्य अकादेमी |
| समारोह की तिथि | 14 नवंबर 2025 |
| आयोजन स्थल | त्रिवेणी ऑडिटोरियम, नई दिल्ली |
| कुल भाषाएँ | 24 |
| नकद पुरस्कार | ₹50,000 और कांस्य पट्टिका |
| मुख्य अतिथि | वर्षा दास |
| अध्यक्षता | माधव कौशिक |
| पुरस्कार-प्राप्ति सम्मेलन | 15 नवंबर, रविन्द्र भवन |
| उद्देश्य | बच्चों के साहित्य में उत्कृष्ट योगदान का सम्मान |





