तमिलनाडु सरकार द्वारा घोषणा
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री ने घोषणा की है कि कोयंबटूर में उक्कड़म-अथुपलम फ्लाईओवर का नाम भारत रत्न पुरस्कार विजेता सी. सुब्रमण्यम के नाम पर रखा जाएगा।
यह फैसला प्रतीकात्मक रूप से एक प्रमुख शहरी इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट को भारत के सबसे प्रभावशाली कृषि सुधारकों में से एक की विरासत से जोड़ता है।
नाम बदलने से सार्वजनिक स्थलों के माध्यम से राष्ट्रीय नेताओं को सम्मानित करने की तमिलनाडु की परंपरा झलकती है।
यह प्रगतिशील कृषि और प्रशासनिक सुधारों के साथ राज्य के ऐतिहासिक जुड़ाव को भी मजबूत करता है।
सी सुब्रमण्यम कौन थे
सी. सुब्रमण्यम एक वरिष्ठ राजनेता, स्वतंत्रता सेनानी और पूर्व केंद्रीय खाद्य और कृषि मंत्री थे।
उन्होंने एक महत्वपूर्ण दौर में निर्णायक भूमिका निभाई जब भारत गंभीर खाद्य कमी और अनाज आयात पर निर्भरता का सामना कर रहा था।
1960 के दशक में कृषि मंत्री के रूप में, उन्होंने साहसिक नीतिगत बदलावों का समर्थन किया जिसने भारत के कृषि क्षेत्र को बदल दिया।
उनके नेतृत्व ने भारत को खाद्य कमी से आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ने में मदद की।
स्टेटिक जीके तथ्य: सी. सुब्रमण्यम को लोकप्रिय रूप से *“भारत की हरित क्रांति के वास्तुकार”* के रूप में जाना जाता था।
हरित क्रांति में भूमिका
सी. सुब्रमण्यम के तहत हरित क्रांति ने वैज्ञानिक खेती और संस्थागत सुधारों पर ध्यान केंद्रित किया।
इसमें अधिक उपज देने वाली किस्म (HYV) के बीज, रासायनिक उर्वरक, कीटनाशक और सुनिश्चित सिंचाई की शुरुआत की गई।
उन्होंने एम. एस. स्वामीनाथन जैसे कृषि वैज्ञानिकों के साथ सहयोग का पुरजोर समर्थन किया।
इस साझेदारी ने यह सुनिश्चित किया कि वैज्ञानिक नवाचार नीतिगत समर्थन के माध्यम से किसानों तक पहुंचे।
स्टेटिक जीके तथ्य: हरित क्रांति ने शुरू में गेहूं उत्पादन पर ध्यान केंद्रित किया, खासकर पंजाब, हरियाणा और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में।
खाद्य सुरक्षा पर प्रभाव
सी. सुब्रमण्यम की नीतियों ने एक दशक के भीतर खाद्यान्न उत्पादन में काफी वृद्धि की।
भारत ने PL-480 खाद्य आयात पर अपनी निर्भरता कम की और रणनीतिक खाद्य स्वायत्तता हासिल की।
बफर स्टॉक और मूल्य समर्थन तंत्र के निर्माण ने किसान की आय और उपभोक्ता कीमतों दोनों को स्थिर किया।
इन सुधारों ने दीर्घकालिक राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा की नींव रखी।
स्टेटिक जीके टिप: भारतीय खाद्य निगम (FCI) की स्थापना 1965 में खाद्यान्न की खरीद और भंडारण का समर्थन करने के लिए की गई थी।
फ्लाईओवर का नाम बदलने का महत्व
उक्कड़म-अथुपलम फ्लाईओवर कोयंबटूर में एक मुख्य ट्रैफिक कॉरिडोर है, जो कमर्शियल और रिहायशी इलाकों को जोड़ता है।
इसका नाम सी. सुब्रमण्यम के नाम पर रखने से ऐतिहासिक यादें रोज़मर्रा की नागरिक ज़िंदगी में शामिल हो जाती हैं।
कृषि, उद्योग और सुधार आंदोलनों से मज़बूत जुड़ाव के कारण कोयंबटूर का प्रतीकात्मक महत्व है।
यह फैसला शहरी विकास को कृषि विरासत से जोड़ता है।
व्यापक राजनीतिक और सांस्कृतिक संदेश
यह घोषणा चुनावी राजनीति से परे योगदान देने वालों को पहचानने पर तमिलनाडु के ज़ोर को उजागर करती है।
यह एक ऐसे शासन दृष्टिकोण को दर्शाती है जो नीतिगत प्रभाव, राष्ट्र निर्माण और संस्थागत विरासत को महत्व देता है।
सी. सुब्रमण्यम को सम्मानित करने से कृषि नीति पर होने वाली बहसों पर भी नए सिरे से ध्यान जाता है।
यह नागरिकों को स्थायी खाद्य उत्पादन के स्थायी महत्व की याद दिलाता है।
स्टेटिक जीके तथ्य: भारत रत्न भारत का सर्वोच्च नागरिक पुरस्कार है, जिसकी स्थापना 1954 में हुई थी।
प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए प्रासंगिकता
यह घटना करेंट अफेयर्स को स्टेटिक पॉलिटी और आर्थिक इतिहास से जोड़ती है।
यह इंफ्रास्ट्रक्चर विकास, संघीय नेतृत्व, कृषि सुधार और पुरस्कार इतिहास को एक ही विषय में जोड़ता है।
इस तरह के घटनाक्रमों को अक्सर UPSC, TNPSC और राज्य PSC परीक्षाओं में प्रीलिम्स और मेन्स के सवालों के ज़रिए परखा जाता है।
Static Usthadian Current Affairs Table
| विषय | विवरण |
| फ्लाईओवर का नाम परिवर्तन | कोयंबटूर का उक्कदम–अथुपालम फ्लाईओवर |
| सम्मानित व्यक्तित्व | सी. सुब्रमणियम |
| सर्वोच्च पुरस्कार | भारत रत्न |
| प्रमुख योगदान | भारत की हरित क्रांति का नेतृत्व |
| प्रमुख मंत्रालय | केंद्रीय खाद्य एवं कृषि मंत्री |
| मुख्य उपलब्धि | खाद्यान्न आत्मनिर्भरता |
| संबद्ध वैज्ञानिक | एम. एस. स्वामीनाथन |
| संस्थागत समर्थन | भारतीय खाद्य निगम (FCI) की स्थापना एवं बफर स्टॉक व्यवस्था |
| संबंधित राज्य | तमिलनाडु |
| व्यापक विषय | अवसंरचना को राष्ट्रीय विरासत से जोड़ना |





