BAFTA अवार्ड्स 2026 में ऐतिहासिक जीत
भारत ने BAFTA अवार्ड्स 2026 में एक ऐतिहासिक मील का पत्थर हासिल किया, जब बूंग ने बेस्ट चिल्ड्रन्स एंड फैमिली फिल्म कैटेगरी जीती। इस जीत के साथ यह प्रतिष्ठित ब्रिटिश एकेडमी फिल्म अवार्ड्स में बच्चों के सेगमेंट में यह सम्मान पाने वाली पहली भारतीय फिल्म बन गई है।
अवार्ड सेरेमनी, जिसे ऑफिशियली 79वें ब्रिटिश एकेडमी फिल्म अवार्ड्स के नाम से जाना जाता है, लंदन में हुई थी। बड़े इंटरनेशनल टाइटल्स के साथ मुकाबला करते हुए, मणिपुरी भाषा की यह फिल्म एक ब्रेकथ्रू विनर के तौर पर उभरी, जिसने रीजनल इंडियन स्टोरीटेलिंग को ग्लोबल फोकस में ला दिया।
स्टेटिक GK फैक्ट: BAFTA अवार्ड्स ब्रिटिश एकेडमी ऑफ फिल्म एंड टेलीविजन आर्ट्स (BAFTA) द्वारा दिए जाते हैं, जिसका हेडक्वार्टर लंदन, यूनाइटेड किंगडम में है।
लक्ष्मीप्रिया देवी एक ग्लोबल आवाज़ के तौर पर उभरीं
लक्ष्मीप्रिया देवी के डायरेक्शन में बनी, बूंग उनकी पहली फीचर फिल्म है। यह फिल्म अपनी इमोशनल गहराई और बचपन की मासूमियत को असली तरीके से दिखाने के लिए सबसे अलग थी। यह मणिपुर में सेट एक कल्चरल कहानी के ज़रिए चाहत, पहचान और उम्मीद जैसे विषयों को दिखाती है।
BAFTA में मिली पहचान ने लक्ष्मीप्रिया देवी को इंडियन सिनेमा की उभरती आवाज़ों में शामिल कर दिया है। उनके डायरेक्शन ने नॉर्थईस्ट इंडिया के नज़ारों और ज़िंदा अनुभवों को असरदार तरीके से इंटरनेशनल स्टेज पर पहुंचाया है।
स्टेटिक GK टिप: मणिपुर की राजधानी इंफाल है, और यह म्यांमार के साथ इंटरनेशनल बॉर्डर शेयर करता है, जो इसे इंडिया की एक्ट ईस्ट पॉलिसी में जियोपॉलिटिकली अहम बनाता है।
प्रोडक्शन और कास्ट की ताकत
फिल्म को फरहान अख्तर और रितेश सिधवानी के साथ विकेश भूटानी, एलन मैकएलेक्स और शुजात सौदागर ने सपोर्ट किया था। फरहान अख्तर ने BAFTA सेरेमनी में टीम को रिप्रेजेंट किया और अवॉर्ड लिया।
गुगुन किपगेन और बाला हिजाम की लीड परफॉर्मेंस को बहुत पसंद किया गया। प्रोड्यूसर्स ने फिल्म की रीजनल असलियत और भाषा की पहचान को बनाए रखते हुए इसे इंटरनेशनल पहचान दिलाई।
कहानी और इमोशनल पहलू
बूंग मणिपुर घाटी के एक ऐसे लड़के के सफ़र की कहानी है जो अपनी माँ को सरप्राइज़ देना चाहता है। अपनी मासूमियत में, उसे लगता है कि अपने खोए हुए पिता को घर लाना सबसे बड़ा तोहफ़ा होगा।
यह खोज धीरे-धीरे परिवार के रिश्तों, कमी और हिम्मत की एक दिल को छूने वाली खोज में बदल जाती है। कहानी का आसान स्ट्रक्चर और इमोशनल असलियत ने इसे इंटरनेशनल पहचान का हक़दार बनाया।
इंटरनेशनल फेस्टिवल का सफ़र
BAFTA में जीत से पहले ही, बूंग ने दुनिया भर का ध्यान अपनी ओर खींच लिया था। इसका प्रीमियर टोरंटो इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल 2024 में डिस्कवरी सेक्शन में हुआ था। बाद में फिल्म को वारसॉ इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल 2024, इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल ऑफ़ इंडिया और दूसरे ग्लोबल प्लेटफॉर्म पर दिखाया गया।
इस लगातार फेस्टिवल सफ़र ने रफ़्तार और भरोसा बनाया, जिसका नतीजा इसकी ऐतिहासिक BAFTA जीत के रूप में सामने आया।
स्टेटिक GK फैक्ट: इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल ऑफ इंडिया (IFFI) हर साल गोवा में होता है और इसे मिनिस्ट्री ऑफ इन्फॉर्मेशन एंड ब्रॉडकास्टिंग के तहत डायरेक्टरेट ऑफ फिल्म फेस्टिवल्स ऑर्गनाइज करता है।
इंडियन सिनेमा के लिए महत्व
इंडिया ने पहले भी एकेडमी अवार्ड्स (ऑस्कर) जैसे प्लेटफॉर्म पर ग्लोबल पहचान बनाई है, लेकिन यह जीत BAFTA में बच्चों की फिल्म कैटेगरी में एक खास उपलब्धि है।
यह जीत रीजनल इंडियन सिनेमा, खासकर कम रिप्रेजेंटेशन वाली भाषाओं में बनी फिल्मों के लिए बढ़ती ग्लोबल तारीफ को हाईलाइट करती है। यह इंटरनेशनल सिनेमा सर्किट में नॉर्थईस्ट इंडियन स्टोरीटेलिंग की बढ़ती पहुंच को भी दिखाता है।
स्टैटिक उस्तादियन करेंट अफेयर्स तालिका
| विषय | विवरण |
| पुरस्कार | बाफ्टा पुरस्कार 2026 |
| श्रेणी | सर्वश्रेष्ठ बाल एवं पारिवारिक फिल्म |
| विजेता फिल्म | बूंग |
| निर्देशक | लक्ष्मीप्रिया देवी |
| निर्माता | फरहान अख्तर, रितेश सिधवानी एवं टीम |
| भाषा | मणिपुरी |
| समारोह स्थान | लंदन, यूनाइटेड किंगडम |
| फिल्म महोत्सव प्रीमियर | टोरंटो अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सव 2024, वारसॉ अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सव 2024, भारत अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सव गोवा |





