बजट प्रस्ताव और संदर्भ
केंद्रीय बजट 2026-27 में कृषि विकास के लिए एक प्रमुख डिजिटल पहल के रूप में भारत-विस्तार को लॉन्च करने का प्रस्ताव दिया गया है। इसका लक्ष्य आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और एकीकृत डेटा प्लेटफॉर्म का उपयोग करके कृषि सलाहकार प्रणालियों को मजबूत करना है। यह प्रस्ताव प्रौद्योगिकी-संचालित शासन और समावेशी विकास की दिशा में भारत के व्यापक प्रयास के अनुरूप है।
भारत-विस्तार को किसानों के बीच खंडित जानकारी, देरी से सलाह और विशेषज्ञ ज्ञान तक असमान पहुंच जैसी लंबे समय से चली आ रही चुनौतियों का समाधान करने के लिए डिज़ाइन किया गया है।
भारत-विस्तार क्या है
भारत-विस्तार का मतलब वर्चुअली इंटीग्रेटेड सिस्टम टू एक्सेस एग्रीकल्चरल रिसोर्सेज है। इसे एक बहुभाषी AI-सक्षम प्लेटफॉर्म के रूप में देखा गया है जो किसानों को सत्यापित कृषि ज्ञान से जोड़ता है। यह प्रणाली एग्रीस्टैक पोर्टल और कृषि पद्धतियों पर ICAR पैकेज को उन्नत AI उपकरणों के साथ एकीकृत करती है।
यह प्लेटफॉर्म एक खुले, इंटरऑपरेबल और फेडरेटेड सार्वजनिक नेटवर्क के रूप में काम करेगा। यह संरचना कई सार्वजनिक और निजी सेवा प्रदाताओं को केंद्रीय डेटा एकाधिकार के बिना भाग लेने की अनुमति देती है।
एग्रीस्टैक और DPI की भूमिका
एग्रीस्टैक को कृषि के लिए एक डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर के रूप में देखा गया है। यह भारत के डिजिटल इकोसिस्टम आर्किटेक्चर (InDEA) 2.0 पर बनाया गया है, जो इंटरऑपरेबिलिटी और सुरक्षित डेटा एक्सचेंज पर जोर देता है।
स्टेटिक जीके तथ्य: भारत में डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर उसी डिज़ाइन दर्शन का पालन करता है जैसा आधार, UPI और डिजिलॉकर, जो पैमाने, समावेशन और सार्वजनिक स्वामित्व पर केंद्रित है।
एग्रीस्टैक को एकीकृत करके, भारत-विस्तार भूमि, फसलों, मौसम और कृषि इनपुट से संबंधित मानकीकृत डेटासेट तक पहुंच सकता है। यह सटीक और संदर्भ-विशिष्ट सलाह को सक्षम बनाता है।
विकेंद्रीकृत ज्ञान भंडार
भारत-विस्तार कृषि ज्ञान के एक विकेंद्रीकृत भंडार के रूप में कार्य करेगा। यह प्लेटफार्मों पर सत्यापित सामग्री, सर्वोत्तम प्रथाओं और कृषि-कौशल संसाधनों की खोज और पूर्ति की सुविधा प्रदान करता है।
फेडरेटेड प्रकृति यह सुनिश्चित करती है कि डेटा मूल प्रदाताओं के पास रहे, जबकि एक सामान्य नेटवर्क के माध्यम से खोजने योग्य हो। यह दोहराव को कम करता है और सलाहकार सेवाओं में विश्वास में सुधार करता है।
किसानों और उत्पादकता पर प्रभाव
प्रमुख उद्देश्यों में से एक डेटा-संचालित और समय पर हस्तक्षेप के माध्यम से कृषि उत्पादकता को बढ़ाना है। AI-आधारित जानकारी किसानों को बुवाई, सिंचाई, कीट नियंत्रण और कटाई के फैसलों में गाइड कर सकती है।
स्टेटिक GK टिप: भारत अपनी 45% से ज़्यादा वर्कफोर्स को खेती में लगाता है, जिससे कुल आर्थिक विकास के लिए प्रोडक्टिविटी बढ़ाना बहुत ज़रूरी हो जाता है।
यह प्लेटफॉर्म स्थानीय और फसल-विशिष्ट सलाह को भी सपोर्ट करता है, जिससे इनपुट चुनने से लेकर मार्केट लिंकेज तक हर स्टेज पर बेहतर फैसले लेने में मदद मिलती है।
बाजार जोखिम में कमी और शासन
भारत-विस्तार का लक्ष्य क्षेत्र-विशिष्ट कीमतों के रुझान और कटाई के बाद मार्गदर्शन देकर बाजार जोखिमों को कम करना है। कस्टमाइज्ड सलाह किसानों को उतार-चढ़ाव पर बेहतर प्रतिक्रिया देने में मदद करती है।
सरकार के लिए, यह रियल-टाइम मॉनिटरिंग और कृषि विस्तार सेवाओं की बेहतर डिलीवरी को संभव बनाता है। AI-समर्थित डैशबोर्ड और एनालिटिक्स का उपयोग करके लक्षित हस्तक्षेप आसान हो जाते हैं।
Static Usthadian Current Affairs Table
| विषय | विवरण |
| बजट प्रस्ताव | केंद्रीय बजट 2026–27 में घोषित |
| पूर्ण रूप | कृषि संसाधनों तक पहुँच हेतु वर्चुअली इंटीग्रेटेड सिस्टम |
| मुख्य तकनीक | बहुभाषी कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) प्रणालियाँ |
| प्रमुख एकीकरण | एग्रीस्टैक और ICAR कृषि प्रथाओं का पैकेज |
| अवसंरचना आधार | InDEA 2.0 के अंतर्गत डिजिटल पब्लिक इन्फ्रास्ट्रक्चर |
| नेटवर्क मॉडल | ओपन, इंटरऑपरेबल और फेडरेटेड सार्वजनिक नेटवर्क |
| किसानों को लाभ | स्थानीयकृत सलाह, उत्पादकता में वृद्धि, जोखिम में कमी |
| शासन में उपयोग | रियल-टाइम निगरानी और लक्षित हस्तक्षेप |





