‘मन की बात‘ के 12 साल
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मासिक रेडियो प्रोग्राम ‘मन की बात‘ ने 3 अक्टूबर 2026 को 12 साल पूरे किए। यह प्रोग्राम 3 अक्टूबर 2014 को विजयादशमी के मौके पर शुरू हुआ था और तब से यह नागरिकों की पहल को उजागर करने का एक बड़ा मंच बन गया है।
इस प्रोग्राम में शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा, पर्यावरण संरक्षण, इनोवेशन, संस्कृति और समाज सेवा से जुड़ी कहानियाँ दिखाई गई हैं। इसका फोकस अक्सर उन लोगों और सामुदायिक पहलों पर रहा है जो सामाजिक विकास में योगदान दे रहे हैं।
स्टैटिक GK फैक्ट: विजयादशमी, जिसे दशहरा भी कहा जाता है, नवरात्रि की समाप्ति का प्रतीक है और पारंपरिक रूप से बुराई पर अच्छाई की जीत से जुड़ा है।
शुरुआत और मुख्य पड़ाव
‘मन की बात‘ का पहला एपिसोड 3 अक्टूबर 2014 को एक मासिक रेडियो प्रोग्राम के तौर पर प्रसारित किया गया था, जिसका मकसद नागरिकों के साथ सीधा संवाद स्थापित करना था।
30 अप्रैल 2023 को 100वें एपिसोड के साथ एक अहम पड़ाव हासिल किया गया। इस एपिसोड में उन नागरिकों के योगदान और अनुभवों को उजागर किया गया जिनके काम को प्रोग्राम के ज़रिए दिखाया या सराहा गया था।
138वां एपिसोड 27 सितंबर 2026 को प्रसारित किया गया। पिछले एपिसोड प्रधानमंत्री से जुड़े आधिकारिक प्लेटफॉर्म पर आर्काइव (सुरक्षित) किए गए हैं।
प्रसारण नेटवर्क
‘मन की बात‘ मुख्य रूप से ऑल इंडिया रेडियो (AIR) से जुड़ा है, जिसे अब आकाशवाणी के नाम से जाना जाता है। यह प्रोग्राम आम तौर पर हर महीने के आखिरी रविवार को सुबह 11:00 बजे प्रसारित होता है।
इसका प्रसारण रेडियो के अलावा भी होता है। यह प्रोग्राम आकाशवाणी और दूरदर्शन के ज़रिए प्रसारित होता है और AIR न्यूज़ प्लेटफॉर्म और Newsonair मोबाइल एप्लिकेशन के ज़रिए भी उपलब्ध कराया जाता है।
इसके अलावा, यह प्रोग्राम AIR न्यूज़, DD न्यूज़, प्रधानमंत्री कार्यालय और सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय द्वारा संचालित YouTube चैनलों पर भी स्ट्रीम किया जाता है।
कई भाषाओं में पहुँच
‘मन की बात‘ की एक खास बात इसकी कई भाषाओं में पहुँच है। सरकारी जानकारी के अनुसार, यह प्रोग्राम ऑल इंडिया रेडियो के ज़रिए भारत की 22 भाषाओं और 29 बोलियों में प्रसारित किया गया है।
इसका अनुवाद 11 विदेशी भाषाओं में भी किया गया है, जिससे यह प्रोग्राम भारत के अलग-अलग भाषाई इलाकों से बाहर के लोगों तक भी पहुँच पाया है।
स्टैटिक GK टिप: आकाशवाणी, भारत के राष्ट्रीय पब्लिक रेडियो ब्रॉडकास्टर ‘ऑल इंडिया रेडियो‘ का ही लोकप्रिय नाम है।
जन–भागीदारी के विषय
पिछले कुछ सालों में, इस प्रोग्राम में जन–भागीदारी से जुड़े कई विषयों पर चर्चा की गई है। इनमें शिक्षा और कौशल विकास, स्वास्थ्य सेवा, पर्यावरण संरक्षण, उद्यमिता, संस्कृति, विरासत और ज़मीनी स्तर के खेल शामिल हैं।
स्थानीय उत्पादों, पारंपरिक तौर–तरीकों और नागरिकों की अगुवाई वाली सामाजिक पहलों पर भी ध्यान दिया गया है। इस ज़ोर की वजह से यह प्रोग्राम सामुदायिक भागीदारी और सामाजिक विकास से जुड़े उदाहरणों का एक अहम ज़रिया बन गया है।
100वें एपिसोड का महत्व
100वां एपिसोड इस प्रोग्राम के लिए एक अहम संस्थागत मील का पत्थर साबित हुआ। इसने चर्चाओं को सिर्फ़ सरकारी प्रोग्रामों तक सीमित रखने के बजाय आम नागरिकों और सामुदायिक पहलों को पहचान देने पर भी ज़ोर दिया।
इस प्रोग्राम का लंबे समय से चल रहा फ़ॉर्मेट समाज के अलग-अलग वर्गों तक पहुँचने में रेडियो और कई भाषाओं में होने वाले जन–संचार की लगातार भूमिका को दिखाता है।
स्टैटिक उस्तादियन करेंट अफेयर्स टेबल
| तथ्य | विवरण |
| कार्यक्रम | मन की बात |
| शुरुआत | 3 अक्टूबर 2014 |
| शुभारंभ का अवसर | विजयादशमी |
| 12वीं वर्षगांठ | 3 अक्टूबर 2026 |
| उल्लिखित नवीनतम एपिसोड | 138वाँ एपिसोड |
| 138वाँ एपिसोड | 27 सितंबर 2026 |
| 100वाँ एपिसोड | 30 अप्रैल 2023 |
| नियमित प्रसारण | प्रत्येक महीने के अंतिम रविवार को सुबह 11 बजे |
| मुख्य प्रसारक | आकाशवाणी / ऑल इंडिया रेडियो |
| भारतीय भाषाएँ | 22 भाषाएँ और 29 बोलियाँ |
| विदेशी भाषाएँ | 11 भाषाएँ |
| प्रमुख विषय | शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यावरण, नवाचार और सामाजिक सेवा |





