भारत ने ‘एयर सुविधा 2.0’ लॉन्च किया
भारत ने देश में आने वाले अंतरराष्ट्रीय यात्रियों के लिए ‘एयर सुविधा 2.0′ नाम का एक पूरी तरह से डिजिटल और कॉन्टैक्टलेस हेल्थ डिक्लेरेशन प्लेटफ़ॉर्म शुरू किया है। इस अपग्रेडेड सिस्टम का मकसद एयरपोर्ट पर हेल्थ सर्विलांस को मज़बूत करना और साथ ही यात्रियों की प्रोसेसिंग को तेज़ और ज़्यादा कुशल बनाना है। इसे नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने दिल्ली इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड (DIAL) के साथ मिलकर विकसित किया है।
यह लॉन्च ऐसे समय में हुआ है जब दुनिया भर में स्वास्थ्य को लेकर चिंताएँ बढ़ गई हैं, क्योंकि विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ़ कांगो (DRC) और युगांडा में इबोला/बुंडीबुग्यो वायरस बीमारी के प्रकोप को ‘अंतरराष्ट्रीय चिंता की सार्वजनिक स्वास्थ्य आपात स्थिति‘ (PHEIC) घोषित किया है।
स्टैटिक GK फैक्ट: WHO का मुख्यालय जिनेवा, स्विट्जरलैंड में है, और यह दुनिया भर में अंतरराष्ट्रीय सार्वजनिक स्वास्थ्य पहलों का समन्वय करता है।
‘एयर सुविधा 2.0’ का मकसद
यह अपग्रेडेड प्लेटफ़ॉर्म अंतरराष्ट्रीय यात्रियों को भारत आने से पहले अपनी स्वास्थ्य जानकारी ऑनलाइन जमा करने की सुविधा देता है। यह डिजिटल प्रक्रिया कागज़ी काम को कम करती है, बीमारी की निगरानी को बेहतर बनाती है और अधिकारियों को शुरुआती चरण में ही संभावित स्वास्थ्य जोखिमों की पहचान करने में मदद करती है।
यह पहल एयरपोर्ट ऑपरेटरों, इमिग्रेशन अधिकारियों और सार्वजनिक स्वास्थ्य अधिकारियों के बीच समन्वय को भी बेहतर बनाती है, जिससे बॉर्डर पर स्वास्थ्य सुरक्षा बनाए रखते हुए यात्रियों की आवाजाही आसान हो जाती है।
मुख्य विशेषताएँ
यात्री वेब चेक–इन के दौरान या भारत पहुँचने से 24 घंटे पहले तक डिजिटल रूप से ‘हेल्थ सेल्फ–डिक्लेरेशन फ़ॉर्म‘ भर सकते हैं। इस डिक्लेरेशन में पिछले 21 दिनों की यात्रा का विवरण, संक्रामक बीमारियों के संपर्क में आने की जानकारी, स्वास्थ्य के लक्षण और ज़रूरत पड़ने पर फ़ॉलो–अप के लिए संपर्क विवरण शामिल होते हैं।
सबमिट करने के बाद, यात्रियों को पहुँचने पर ‘इंटरनेशनल ट्रैवल हेल्थ डेस्क‘ या ‘इमिग्रेशन काउंटर‘ पर डिक्लेरेशन दिखाना पड़ सकता है।
स्टैटिक GK टिप: दिल्ली इंटरनेशनल एयरपोर्ट का संचालन ‘दिल्ली इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड‘ (DIAL) द्वारा किया जाता है, जो एक पब्लिक–प्राइवेट पार्टनरशिप है और भारत के सबसे व्यस्त एयरपोर्ट में से एक का प्रबंधन करती है।
अंतरराष्ट्रीय यात्रियों के लिए स्वास्थ्य नियम
‘एयर सुविधा डिक्लेरेशन‘ जमा करने की ज़रूरत भारत सरकार द्वारा जारी नवीनतम स्वास्थ्य सलाहों पर निर्भर करती है। हाई–रिस्क वाले देशों से आने वाले यात्रियों को भारत में प्रवेश करने से पहले ऑनलाइन घोषणा (डिक्लेरेशन) पूरी करनी पड़ सकती है।
यह लचीला तरीका अधिकारियों को बदलती वैश्विक स्वास्थ्य स्थितियों पर तेज़ी से प्रतिक्रिया देने और साथ ही यात्रियों की असुविधा को कम करने में मदद करता है।
पिछले सिस्टम की तुलना में सुधार
‘एयर सुविधा 2.0′ (Air Suvidha 2.0) पहले की आंशिक रूप से मैनुअल प्रक्रिया की जगह पूरी तरह से डिजिटल और कॉन्टैक्टलेस सिस्टम लेकर आया है। डिजिटल वेरिफिकेशन से प्रोसेसिंग का समय कम होता है, एजेंसियों के बीच जानकारी का आदान-प्रदान बेहतर होता है और कागजी कार्रवाई कम होती है।
यह अपग्रेडेड प्लेटफ़ॉर्म भारत की सार्वजनिक स्वास्थ्य तैयारियों को मज़बूत करता है और साथ ही एयरपोर्ट पर आगमन की प्रक्रियाओं को तेज़ और अधिक कुशल बनाता है।
बीमारी की निगरानी में महत्व
यह प्लेटफ़ॉर्म अंतरराष्ट्रीय यात्रा के ज़रिए देश में प्रवेश करने वाली संक्रामक बीमारियों की निगरानी में अहम भूमिका निभाता है। यात्रियों की स्वास्थ्य संबंधी जानकारी जल्दी इकट्ठा करने से स्क्रीनिंग तेज़ी से हो पाती है, समय पर मेडिकल मदद मिल पाती है और सार्वजनिक स्वास्थ्य आपात स्थितियों के दौरान अधिकारियों के बीच बेहतर तालमेल बन पाता है।
एयरपोर्ट पर स्वास्थ्य निगरानी के साथ डिजिटल तकनीक को जोड़कर, भारत भविष्य में बीमारियों के फैलने के ख़तरे से निपटने की अपनी तैयारी को बेहतर बना रहा है और साथ ही सुरक्षित अंतरराष्ट्रीय यात्रा को भी बढ़ावा दे रहा है।
स्टैटिक GK फैक्ट: ‘इंटरनेशनल हेल्थ रेगुलेशंस (IHR), 2005′ अंतरराष्ट्रीय सार्वजनिक स्वास्थ्य आपात स्थितियों को रोकने और उनसे निपटने के लिए वैश्विक कानूनी ढांचा प्रदान करते हैं।
उस्तादियन समसामयिकी स्थायी तथ्य तालिका
| तथ्य | विवरण |
| प्लेटफॉर्म | एयर सुविधा 2.0 |
| लॉन्च करने वाली संस्था | नागरिक उड्डयन मंत्रालय, DIAL के सहयोग से |
| उद्देश्य | अंतरराष्ट्रीय यात्रियों के लिए डिजिटल स्वास्थ्य घोषणा |
| घोषणा की समय-सीमा | भारत पहुँचने से 24 घंटे पहले तक |
| आवश्यक जानकारी | 21 दिनों की यात्रा का विवरण, संपर्क/संक्रमण का इतिहास और स्वास्थ्य संबंधी लक्षण |
| लॉन्च का कारण | WHO द्वारा इबोला/बुंडीबुग्यो प्रकोप को अंतरराष्ट्रीय चिंता वाली सार्वजनिक स्वास्थ्य आपातस्थिति (PHEIC) घोषित करना |
| वैश्विक ढाँचा | अंतरराष्ट्रीय स्वास्थ्य विनियम (IHR), 2005 |
| मुख्य उद्देश्य | हवाई अड्डों पर स्वास्थ्य निगरानी और यात्रियों की स्क्रीनिंग को मजबूत करना |
| WHO का मुख्यालय | जिनेवा, स्विट्जरलैंड |
| हवाई अड्डा संचालक | दिल्ली इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड (DIAL) |





