सरकार ने PMRC स्कीम 2026 लॉन्च की
शिक्षा मंत्रालय ने उच्च शिक्षा विभाग के ज़रिए ‘प्राइम मिनिस्टर रिसर्च चेयर (PMRC) स्कीम 2026′ लॉन्च की है। इसका मकसद दुनिया भर से भारतीय मूल के कामयाब रिसर्चर, वैज्ञानिक, टेक्नोलॉजिस्ट और इंडस्ट्री एक्सपर्ट्स को आकर्षित करना है।
इस स्कीम का मकसद देश भर के प्रमुख एकेडमिक और रिसर्च संस्थानों के साथ ग्लोबल भारतीय टैलेंट को जोड़कर भारत के रिसर्च और इनोवेशन इकोसिस्टम को मज़बूत करना है।
स्टैटिक GK फैक्ट: शिक्षा मंत्रालय का नाम पहले ‘मानव संसाधन विकास मंत्रालय‘ (MHRD) था, जिसे 2020 में बदलकर शिक्षा मंत्रालय कर दिया गया।
PMRC स्कीम क्या है?
प्राइम मिनिस्टर रिसर्च चेयर (PMRC) स्कीम एक खास पहल है। इसे दुनिया भर की प्रमुख यूनिवर्सिटीज़, लैबोरेटरीज़, रिसर्च संस्थानों और इंडस्ट्रीज़ से भारतीय मूल के जाने-माने एक्सपर्ट्स को भारत के प्रमुख संस्थानों के साथ मिलकर काम करने के लिए लाने के मकसद से बनाया गया है।
यह प्रोग्राम भारत की लंबी अवधि की विकास प्राथमिकताओं के अनुरूप हाई–इम्पैक्ट रिसर्च, टेक्नोलॉजिकल इनोवेशन और इंटरनेशनल एकेडमिक सहयोग को बढ़ावा देना चाहता है।
PMRC स्कीम के उद्देश्य
इस स्कीम का मकसद वैज्ञानिक और तकनीकी प्रगति को तेज़ करने के लिए भारतीय डायस्पोरा (विदेशों में बसे भारतीयों) की विशेषज्ञता का लाभ उठाना है।
इसके मुख्य उद्देश्यों में ग्लोबल भारतीय टैलेंट को आकर्षित करना, वर्ल्ड–क्लास रिसर्च को बढ़ावा देना, इंटरनेशनल सहयोग को मज़बूत करना, रणनीतिक क्षेत्रों को सपोर्ट करना, भारत की ग्लोबल कॉम्पिटिटिवनेस (प्रतिस्पर्धात्मकता) को बढ़ाना और ‘आत्मनिर्भर भारत‘ व ‘विकसित भारत‘ के विज़न में योगदान देना शामिल है।
तेरह प्राथमिकता वाले रिसर्च क्षेत्र
PMRC स्कीम 13 रणनीतिक क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित करती है जिनकी पहचान भारत के भविष्य के विकास के लिए महत्वपूर्ण के तौर पर की गई है।
इनमें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, क्वांटम कंप्यूटिंग, सुपरकंप्यूटिंग, सेमीकंडक्टर, ऊर्जा और जलवायु परिवर्तन, साइबर सुरक्षा, हेल्थकेयर, बायोटेक्नोलॉजी, एडवांस्ड मटीरियल्स, क्रिटिकल मिनरल्स, अंतरिक्ष और रक्षा, अगली पीढ़ी के कम्युनिकेशन, मैन्युफैक्चरिंग और इंडस्ट्री 4.0, कृषि और खाद्य तकनीक, ब्लू इकोनॉमी और परमाणु ऊर्जा शामिल हैं।
उम्मीद है कि ये क्षेत्र इनोवेशन, आर्थिक विकास और तकनीकी नेतृत्व को बढ़ावा देंगे। स्टैटिक GK टिप: नेशनल एजुकेशन पॉलिसी (NEP) 2020, नेशनल रिसर्च फाउंडेशन (NRF) जैसे संस्थानों के ज़रिए मल्टी-डिसिप्लिनरी रिसर्च और इनोवेशन को बढ़ावा देने पर ज़ोर देती है।
तीन-स्तंभीय ढांचा
PMRC स्कीम तीन–स्तरीय इम्प्लीमेंटेशन फ्रेमवर्क के ज़रिए काम करती है।
लीड इंस्टीट्यूशन रिसर्च गतिविधियों में तालमेल बिठाएंगे, होस्ट इंस्टीट्यूशन रिसर्च इंफ्रास्ट्रक्चर और एकेडमिक सपोर्ट देंगे, जबकि PMRC फेलो हाई-इम्पैक्ट रिसर्च और इनोवेशन प्रोजेक्ट्स पर काम करेंगे।
यह ढांचा असरदार तालमेल और नतीजे–केंद्रित रिसर्च पक्का करता है।
PMRC फेलो की कैटेगरी
यह स्कीम करियर के अलग-अलग पड़ावों पर टैलेंट को आकर्षित करने के लिए तीन तरह की फेलोशिप देती है।
इनमें यंग रिसर्च फेलो, सीनियर रिसर्च फेलो और रिसर्च चेयर शामिल हैं, जिससे शुरुआती करियर वाले होनहार रिसर्चर और दुनिया भर में पहचाने जाने वाले वैज्ञानिक लीडर दोनों ही इसमें हिस्सा ले सकते हैं।
योग्यता और होस्ट इंस्टीट्यूशन
यह स्कीम विदेशों में काम कर रहे भारतीय नागरिकों, ओवरसीज़ सिटिज़न ऑफ़ इंडिया (OCI) कार्डहोल्डर्स, भारतीय मूल के लोगों (PIO) और नामी ग्लोबल संस्थानों के जाने-माने रिसर्चर और इंडस्ट्री एक्सपर्ट्स के लिए खुली है।
योग्य होस्ट इंस्टीट्यूशन में NIRF रैंकिंग वाले टॉप 100 सरकारी हायर एजुकेशनल इंस्टीट्यूशन, NIRF रिसर्च कैटेगरी में टॉप 50 इंस्टीट्यूशन और DST, DBT, ICMR और CSIR के तहत आने वाली नेशनल लैबोरेटरीज़ शामिल हैं।
लीड इंस्टीट्यूशन की पहचान
अलग-अलग थीम वाले सेक्टर में रिसर्च में तालमेल बिठाने के लिए सात प्रमुख संस्थानों को लीड इंस्टीट्यूशन के तौर पर चुना गया है।
ये हैं IIT दिल्ली, IIT बॉम्बे, IIT मद्रास, IIT कानपुर, IIT हैदराबाद, IIT (ISM) धनबाद और इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ़ साइंस (IISc), बेंगलुरु।
ये संस्थान PMRC स्कीम के तहत मिलकर की जाने वाली रिसर्च को आगे बढ़ाने में अहम भूमिका निभाएंगे।
स्टैटिक GK फैक्ट: 1909 में स्थापित इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ़ साइंस (IISc), बेंगलुरु, भारत का प्रमुख रिसर्च संस्थान है और इसकी स्थापना जमशेदजी टाटा के सहयोग से हुई थी।
उस्तादियन समसामयिकी स्थायी तथ्य तालिका
| तथ्य | विवरण |
| विषय | प्रधानमंत्री अनुसंधान पीठ (PMRC) योजना 2026 |
| शुरू करने वाला मंत्रालय | शिक्षा मंत्रालय |
| कार्यान्वयन विभाग | उच्च शिक्षा विभाग |
| लक्षित समूह | भारतीय मूल के शोधकर्ता, वैज्ञानिक, प्रौद्योगिकी विशेषज्ञ और उद्योग विशेषज्ञ |
| प्राथमिकता वाले क्षेत्र | 13 रणनीतिक अनुसंधान क्षेत्र |
| फेलोशिप की श्रेणियाँ | युवा फेलो, वरिष्ठ फेलो और रिसर्च चेयर |
| प्रमुख संस्थान | IIT दिल्ली, IIT बॉम्बे, IIT मद्रास, IIT कानपुर, IIT हैदराबाद, IIT (ISM) धनबाद और IISc बेंगलुरु |
| पात्र मेजबान संस्थान | NIRF में शीर्ष स्थान प्राप्त संस्थान और राष्ट्रीय अनुसंधान प्रयोगशालाएँ |
| चयन की निगरानी | प्रधान वैज्ञानिक सलाहकार की अध्यक्षता वाली अधिकार-प्राप्त समिति |
| स्थैतिक सामान्य ज्ञान | वर्ष 1909 में स्थापित IISc बेंगलुरु भारत का प्रमुख अनुसंधान संस्थान है। |





