अगस्त 12, 2026 8:15 अपराह्न

भारत की सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) को आधुनिक बनाने के लिए SARTHAK-PDS योजना

सामयिकी: SARTHAK-PDS, सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS), राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (NFSA), ₹25,530 करोड़, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), ब्लॉकचेन, उचित मूल्य की दुकानें (FPS), खाद्य सुरक्षा, CCEA, डिजिटल गवर्नेंस

SARTHAK-PDS Scheme to Modernise India's Public Distribution System

कैबिनेट ने SARTHAK-PDS योजना को मंज़ूरी दी

केंद्रीय कैबिनेट ने SARTHAK-PDS योजना को मंज़ूरी दी है। यह एक एकीकृत अम्ब्रेला प्रोग्राम है जिसे टेक्नोलॉजी-आधारित सुधारों और बेहतर लॉजिस्टिक्स के ज़रिए भारत की सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) को आधुनिक बनाने के लिए डिज़ाइन किया गया है। इस योजना के लिए ₹25,530 करोड़ का केंद्रीय बजट रखा गया है और इसे 31 मार्च 2031 तक पाँच साल की अवधि में लागू किया जाएगा।

यह पहल खाद्य-अनाज के परिवहन के लिए वित्तीय सहायता को आधुनिक डिजिटल टेक्नोलॉजी के साथ जोड़ती है ताकि खाद्य सुरक्षा को मज़बूत किया जा सके, पारदर्शिता बढ़ाई जा सके और पूरे देश में सब्सिडी वाले खाद्य-अनाज की कुशल डिलीवरी सुनिश्चित की जा सके।

स्टैटिक GK तथ्य: आर्थिक मामलों की कैबिनेट समिति (CCEA), जिसकी अध्यक्षता प्रधानमंत्री करते हैं, आर्थिक मामलों, बुनियादी ढांचे और सार्वजनिक निवेश से जुड़े बड़े नीतिगत फ़ैसले लेती है।

SARTHAK-PDS क्या है?

SARTHAK-PDS का पूरा नाम सार्वजनिक वितरण प्रणाली में ऑटोमेशन के साथ राशन परिवहन और हैंडलिंग में सहायता के लिए योजना‘ (Scheme for Assistance in Ration Transport and Handling with Automation in Public Distribution System) है।

यह योजना दो मौजूदा कार्यक्रमों को एकीकृत करती है:

  • राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (NFSA) के तहत राज्य के भीतर खाद्य-अनाज की आवाजाही और उचित मूल्य की दुकान (FPS) डीलर मार्जिन के लिए राज्य एजेंसियों को सहायता
    SMART PDS (सार्वजनिक वितरण प्रणाली में टेक्नोलॉजी के माध्यम से आधुनिकीकरण और सुधार के लिए योजना)

इन पहलों को मिलाकर, सरकार का लक्ष्य एक एकीकृत, कुशल और टेक्नोलॉजीसक्षम खाद्य वितरण प्रणाली बनाना है।

योजना के उद्देश्य

SARTHAK-PDS का मुख्य उद्देश्य राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (NFSA) के तहत खाद्य सुरक्षा लाभों की डिलीवरी को मज़बूत करना है।

इस योजना का उद्देश्य अंतिम छोर तक खाद्यअनाज वितरण में सुधार करना, लीकेज को कम करना, उचित मूल्य की दुकान के डीलरों का समर्थन करना, डिजिटल गवर्नेंस को बढ़ाना और पूरे भारत में पात्र लाभार्थियों को सब्सिडी वाले खाद्य-अनाज की समय पर डिलीवरी सुनिश्चित करना है।

स्टैटिक GK टिप: सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) उचित मूल्य की दुकानों (FPS) के देशव्यापी नेटवर्क के माध्यम से सब्सिडी वाली कीमतों पर चावल, गेहूं और मोटे अनाज जैसी ज़रूरी खाद्य वस्तुएं वितरित करती है।

वित्तीय सहायता और कामकाज में सुधार

केंद्र सरकार ने अगले पांच वर्षों के लिए इस योजना के तहत ₹25,530 करोड़ के खर्च को मंज़ूरी दी है। संशोधित वित्तीय सहायता में अनाज का राज्य के भीतर परिवहन, हैंडलिंग शुल्क और उचित मूल्य की दुकान (फेयर प्राइस शॉप) के डीलरों के लिए बढ़ा हुआ मार्जिन शामिल है।

इन उपायों से कामकाज की दक्षता में सुधार, सप्लाई चेन को मज़बूत करने और अनाज वितरण की दीर्घकालिक स्थिरता सुनिश्चित होने की उम्मीद है।

टेक्नोलॉजी पर आधारित सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS)

SARTHAK-PDS की एक मुख्य विशेषता PDS के कामकाज में आधुनिक टेक्नोलॉजी को शामिल करना है। यह योजना अनाज वितरण को आधुनिक बनाने और गवर्नेंस में सुधार के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), मशीन लर्निंग (ML), नेचुरल लैंग्वेज प्रोसेसिंग (NLP) और ब्लॉकचेन टेक्नोलॉजी के इस्तेमाल का प्रस्ताव करती है।

इस डिजिटल बदलाव का मकसद एक इंटेलिजेंट, सुरक्षित और इंटरऑपरेबल (आपस में जुड़ने में सक्षम) खाद्य वितरण इकोसिस्टम बनाना है।

मुख्य डिजिटल विशेषताएं

यह योजना टेक्नोलॉजी पर आधारित कई सुधार लाती है, जिनमें एक एकीकृत राष्ट्रीय PDS डेटाबेस, रियलटाइम मॉनिटरिंग सिस्टम, AI-सक्षम शिकायत निवारण, प्रेडिक्टिव एनालिटिक्स, राज्य कमांड और कंट्रोल सेंटर, और ISO-प्रमाणित कामकाज की प्रक्रियाएं शामिल हैं।

इन पहलों से पारदर्शिता बढ़ने, जवाबदेही में सुधार, लीकेज कम होने और पूरी सप्लाई चेन में अनाज की आवाजाही की बेहतर निगरानी संभव होने की उम्मीद है।

खाद्य सुरक्षा को मज़बूत करना

SARTHAK-PDS, राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम, 2013 को लागू करने में मदद करता है, जो पूरे भारत में लगभग 81.35 करोड़ लाभार्थियों को सब्सिडी वाला अनाज उपलब्ध कराता है।

परिवहन, डिजिटल निगरानी और अंतिम छोर तक डिलीवरी (लास्टमाइल डिलीवरी) में सुधार करके, इस योजना का मकसद किफायती भोजन तक पहुंच को मज़बूत करना, पोषण सुरक्षा को बढ़ावा देना और समाज के कमज़ोर वर्गों के लिए खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने की सरकार की प्रतिबद्धता को पूरा करना है।

स्टैटिक GK तथ्य: राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (NFSA), 2013 लक्षित सार्वजनिक वितरण प्रणाली (TPDS) के माध्यम से पात्र परिवारों को सब्सिडी वाले अनाज का कानूनी अधिकार देता है।

उस्तादियन समसामयिकी स्थायी तथ्य तालिका

तथ्य विवरण
योजना सार्थक-पीडीएस (SARTHAK-PDS)
पूर्ण रूप सार्वजनिक वितरण प्रणाली में स्वचालन के साथ राशन परिवहन एवं प्रबंधन हेतु सहायता योजना
कुल केंद्रीय वित्तीय परिव्यय ₹25,530 करोड़
कार्यान्वयन अवधि 31 मार्च 2031 तक
मंजूरी देने वाली संस्था आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति (CCEA)
प्रमुख प्रौद्योगिकियाँ कृत्रिम बुद्धिमत्ता, मशीन लर्निंग, प्राकृतिक भाषा प्रसंस्करण और ब्लॉकचेन
प्रमुख लाभार्थी राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के लाभार्थी और उचित मूल्य दुकान विक्रेता
मुख्य उद्देश्य सार्वजनिक वितरण प्रणाली का आधुनिकीकरण करना
संबंधित अधिनियम राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम, 2013
NFSA के अंतर्गत कवरेज लगभग 81.35 करोड़ लाभार्थी
SARTHAK-PDS Scheme to Modernise India's Public Distribution System
  1. केंद्रीय मंत्रिमंडल ने भारत की सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) को आधुनिक बनाने के लिए SARTHAK-PDS योजना को मंज़ूरी दी।
  2. SARTHAK-PDS के लिए₹25,530 करोड़ का केंद्रीय बजट रखा गया है।
  3. यह योजना31 मार्च 2031 तक लागू रहेगी।
  4. SARTHAK-PDS का पूरा नाम सार्वजनिक वितरण प्रणाली में ऑटोमेशन के साथ राशन परिवहन और हैंडलिंग में सहायता के लिए योजना’ (Scheme for Assistance in Ration Transport and Handling with Automation in Public Distribution System) है।
  5. यह योजना परिवहन सहायता और SMART PDS को एक ही कार्यक्रम में मिलाती है।
  6. इसका उद्देश्य राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (NFSA) के कार्यान्वयन को मज़बूत करना है।
  7. यह योजना पूरे भारत में अंतिम छोर तक (last-mile) अनाज वितरण में सुधार करती है।
  8. यह अनाज के राज्य-भीतर परिवहन के लिए वित्तीय सहायता प्रदान करती है।
  9. यह योजना उचित मूल्य की दुकान (FPS) के डीलरों के मार्जिन को बढ़ाती है।
  10. PDS संचालन को बेहतर बनाने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का उपयोग किया जाएगा।
  11. मशीन लर्निंग (ML) प्रेडिक्टिव मॉनिटरिंग और एनालिटिक्स में सहायता करेगी।
  12. नेचुरल लैंग्वेज प्रोसेसिंग (NLP) शिकायतों के निवारण को बेहतर बनाएगी।
  13. ब्लॉकचेन तकनीक पारदर्शिता और ट्रेसेबिलिटी (पता लगाने की क्षमता) में सुधार करेगी।
  14. एक एकीकृत राष्ट्रीय PDS डेटाबेस खाद्य वितरण डेटा को एक साथ लाएगा।
  15. रियल-टाइम मॉनिटरिंग सिस्टम अनाज की आवाजाही को ट्रैक करेंगे।
  16. राज्य कमांड और कंट्रोल सेंटर PDS प्रबंधन को मज़बूत करेंगे।
  17. इस योजना का उद्देश्य अनाज वितरण में होने वाली लीकेज (बर्बादी/चोरी) को कम करना है।
  18. NFSA, 2013 लक्षित सार्वजनिक वितरण प्रणाली (TPDS) के माध्यम से सब्सिडी वाला अनाज प्रदान करता है।
  19. NFSA के तहत लगभग35 करोड़ लाभार्थी आते हैं।
  20. SARTHAK-PDS डिजिटल गवर्नेंस, पारदर्शिता और खाद्य सुरक्षा को बढ़ावा देता है।

Q1. SARTHAK-PDS का पूर्ण रूप क्या है?


Q2. SARTHAK-PDS योजना के लिए स्वीकृत कुल केंद्रीय वित्तीय परिव्यय कितना है?


Q3. SARTHAK-PDS योजना के अंतर्गत पारदर्शिता और कार्यकुशलता में सुधार के लिए किन उन्नत प्रौद्योगिकियों के उपयोग का प्रस्ताव है?


Q4. SARTHAK-PDS योजना किस अधिनियम के क्रियान्वयन को समर्थन प्रदान करती है?


Q5. राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (NFSA) के अंतर्गत लगभग कितने लाभार्थी शामिल हैं?


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