कैपेसिटी बिल्डिंग इनिशिएटिव की शुरुआत
टूरिज्म मिनिस्ट्री के तहत इंडिया टूरिज्म डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन (ITDC) ने मार्च 2026 में ट्राइबल होमस्टे ओनर्स के लिए एक कैपेसिटी बिल्डिंग प्रोग्राम शुरू किया। यह इनिशिएटिव इनक्लूसिव टूरिज्म ग्रोथ को बढ़ावा देने के लिए मिनिस्ट्री ऑफ़ ट्राइबल अफेयर्स के साथ मिलकर डेवलप किया गया था।
इस प्रोग्राम का मकसद ट्राइबल होमस्टे ऑपरेटर्स की प्रोफेशनल कैपेबिलिटी को बढ़ाना है। यह ट्राइबल इलाकों को भारत के बढ़ते टूरिज्म इकोसिस्टम में इंटीग्रेट करने पर फोकस करता है।
स्टैटिक GK फैक्ट: ITDC की स्थापना 1966 में भारत में टूरिज्म इंफ्रास्ट्रक्चर को डेवलप और मैनेज करने के लिए की गई थी।
स्किल डेवलपमेंट और ट्रेनिंग फोकस
यह प्रोग्राम हॉस्पिटैलिटी स्किल डेवलपमेंट, सर्विस क्वालिटी और विजिटर एक्सपीरियंस को बेहतर बनाने पर जोर देता है। ट्रेनिंग ITDC की हॉस्पिटैलिटी एजुकेशन ब्रांच IHM अशोक द्वारा कंडक्ट की जाती है। पार्टिसिपेंट्स को गेस्ट मैनेजमेंट, हाइजीन स्टैंडर्ड्स और कल्चरल प्रेजेंटेशन जैसे एरिया में ट्रेनिंग दी जाती है। इससे ट्राइबल कम्युनिटीज़ के लिए सस्टेनेबल रोजी–रोटी के मौके बनाने में मदद मिलती है।
स्टेटिक GK टिप: हॉस्पिटैलिटी ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट्स भारत में टूरिज्म से जुड़े रोजगार को बढ़ाने में अहम भूमिका निभाते हैं।
पार्टिसिपेशन और ऑपरेशनल गाइडेंस
पहले बैच में अरुणाचल प्रदेश, सिक्किम और गुजरात के 40 पार्टिसिपेंट्स शामिल हैं। ये इलाके अपनी रिच कल्चरल विरासत और सुंदर नज़ारों के लिए जाने जाते हैं।
एक खास बात “ट्राइबल होमस्टे ऑपरेशन एंड डेवलपमेंट मैनुअल 2026” का रिलीज़ होना था। यह मैनुअल होमस्टे को मैनेज करने के लिए प्रैक्टिकल गाइडलाइंस देता है और ज़्यादा लोगों तक पहुंचने के लिए हिंदी और गुजराती में उपलब्ध है।
एक्सपीरिएंशियल टूरिज्म की बढ़ती डिमांड
इंडियन टूरिस्ट तेजी से एक्सपीरिएंशियल टूरिज्म को पसंद कर रहे हैं, जो असली कल्चरल और नेचर–बेस्ड एक्सपीरियंस पर फोकस करते हैं। ट्राइबल होमस्टे विज़िटर्स को लोकल ट्रेडिशन्स से करीब से जुड़ने का मौका देते हैं।
यह मॉडल दूर-दराज के इलाकों में होटल इंफ्रास्ट्रक्चर की कमी को भी दूर करता है। यह लंबे समय तक रुकने में मदद करता है और टूरिस्ट्स और होस्ट कम्युनिटीज़ के बीच गहरे कल्चरल इंटरैक्शन को बढ़ावा देता है। स्टैटिक GK फैक्ट: एक्सपीरिएंशियल टूरिज्म में इको–टूरिज्म, कल्चरल टूरिज्म और रूरल टूरिज्म जैसी एक्टिविटीज़ शामिल हैं।
इनक्लूसिव डेवलपमेंट और भविष्य में विस्तार
यह पहल टूरिज्म–लेड डेवलपमेंट के ज़रिए इनक्लूसिव ग्रोथ पर सरकार के फोकस को दिखाती है। इसका मकसद लगभग 1,500 पार्टिसिपेंट्स को ट्रेन करना है, जो आगे अपने इलाकों में ट्रेनर के तौर पर काम कर सकते हैं।
यह प्रोग्राम टूरिज्म और ट्राइबल वेलफेयर सेक्टर्स के बीच असरदार इंटर–मिनिस्ट्रियल कोऑर्डिनेशन पर ज़ोर देता है। यह इनकम के मौके पैदा करते हुए ट्राइबल हेरिटेज को बचाने में भी मदद करता है।
स्टैटिक GK टिप: टूरिज्म भारत की GDP और रोज़गार में, खासकर रूरल और सेमी–अर्बन इलाकों में, अहम योगदान देता है।
Static Usthadian Current Affairs Table
| विषय | विवरण |
| कार्यक्रम का नाम | जनजातीय होमस्टे क्षमता निर्माण कार्यक्रम |
| शुभारंभ वर्ष | 2026 |
| कार्यान्वयन एजेंसी | इंडिया टूरिज्म डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन |
| साझेदार मंत्रालय | जनजातीय कार्य मंत्रालय |
| प्रशिक्षण संस्था | आईएचएम अशोक |
| प्रारंभिक प्रतिभागी | अरुणाचल प्रदेश, सिक्किम और गुजरात से 40 प्रतिभागी |
| प्रमुख परिणाम | जनजातीय होमस्टे संचालन एवं विकास मैनुअल 2026 |
| उद्देश्य | सामुदायिक आधारित पर्यटन और आजीविका को बढ़ावा देना |
| लक्षित विस्तार | पूरे भारत में 1,500 प्रतिभागियों को प्रशिक्षण देना |





