मार्च 18, 2026 5:15 अपराह्न

सुजल गाँव ID ग्रामीण जल प्रणालियों के डिजिटल शासन को मज़बूत करती है

समसामयिक मामले: सुजल गाँव ID, जल जीवन मिशन 2.0, जल शक्ति मंत्रालय, C.R. पाटिल, ग्रामीण पेयजल योजनाएँ, डिजिटल मैपिंग, सुजलम भारत ID, ग्राम पंचायत शासन, विकसित भारत 2047

Sujal Gaon ID Strengthens Digital Governance of Rural Water Systems

ग्रामीण जल योजनाओं के लिए डिजिटल पहचानकर्ता

केंद्रीय जल शक्ति मंत्रालय ने सुजल गाँव ID पेश की है, जो भारत में हर ग्रामीण पाइप वाली पेयजल योजना के लिए एक अनोखी डिजिटल पहचान है। इस पहल का मकसद जल जीवन मिशन 2.0 (JJM 2.0) के तहत ग्रामीण जल बुनियादी ढांचे की डिजिटल मैपिंग और निगरानी करना है।

इसकी शुरुआत की घोषणा केंद्रीय जल शक्ति मंत्री C.R. पाटिल ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के जन स्वास्थ्य इंजीनियरिंग विभाग (PHED), ग्रामीण जल आपूर्ति (RWS) और पंचायती राज विभागों के मंत्रियों और अधिकारियों के साथ एक बैठक के दौरान की।

यह प्रणाली सभी ग्रामीण जल आपूर्ति योजनाओं को एक ही राष्ट्रीय डिजिटल मंच पर लाएगी। इस डिजिटल एकीकरण से पूरे ग्रामीण भारत में जल बुनियादी ढांचे में पारदर्शिता, डेटाआधारित योजना और वास्तविक समय की निगरानी में सुधार होने की उम्मीद है।

स्टेटिक GK तथ्य: जल शक्ति मंत्रालय का गठन 2019 में जल संसाधन मंत्रालय और पेयजल एवं स्वच्छता मंत्रालय को मिलाकर किया गया था।

राष्ट्रीय डिजिटल जल वास्तुकला के साथ एकीकरण

इस पहल के तहत, 31 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में अब तक 1.64 लाख से ज़्यादा सुजल गाँव ID बनाई जा चुकी हैं। ये ID लगभग 67,000 सुजलम भारत ID से डिजिटल रूप से जुड़ी हुई हैं, जो जल बुनियादी ढांचा प्रणालियों की मैपिंग करती हैं।

हर सुजल गाँव ID में दो घटक शामिल होते हैं:
बुनियादी ढांचा ID, जो भौतिक जल आपूर्ति संपत्तियों को दर्शाती है।
सेवा क्षेत्र ID, जो उन गाँवों को दर्शाती है जिन्हें इस योजना से सेवा मिलती है।

यह एकीकृत डिजिटल वास्तुकला अधिकारियों को स्रोत से नल तक की जल आपूर्ति श्रृंखला को ट्रैक करने की सुविधा देती है। इससे नीति निर्माताओं को साक्ष्यआधारित निर्णय लेने और परिचालन दक्षता में सुधार करने में मदद मिलेगी।

स्टेटिक GK सुझाव: जल जीवन मिशन अगस्त 2019 में हर ग्रामीण घर को कार्यात्मक घरेलू नल कनेक्शन (FHTC) उपलब्ध कराने के लक्ष्य के साथ शुरू किया गया था।

जल जीवन मिशन 2.0 का विस्तार और मुख्य उद्देश्य

केंद्रीय कैबिनेट ने जल जीवन मिशन 2.0 को दिसंबर 2028 तक बढ़ा दिया है, साथ ही इसके लिए वित्तीय आवंटन में भी भारी बढ़ोतरी की है। इस मिशन का लक्ष्य ग्रामीण जल आपूर्ति प्रणालियों के बुनियादी ढांचे की गुणवत्ता, स्थिरता और डिजिटल शासन को मजबूत करना है।

मिशन का कुल परिव्यय ₹3.60 लाख करोड़ से बढ़कर ₹8.69 लाख करोड़ हो गया है, जो सभी तक पेयजल पहुंचाने के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

राज्यों को निर्देश दिया गया है कि वे स्वीकृत समय सीमा के भीतर परियोजनाओं को पूरा करें और कड़े तकनीकी तथा गुणवत्ता मानकों को बनाए रखें। केंद्रीय मंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि ग्रामीण जल आपूर्ति की स्थिरता के लिए जल की गुणवत्ता और बुनियादी ढांचे की गुणवत्ता, दोनों ही समान रूप से महत्वपूर्ण हैं।

पंचायती राज संस्थाओं की भूमिका

JJM 2.0 का एक प्रमुख स्तंभ ग्राम पंचायतनेतृत्व वाले शासन को मजबूत करना है। स्थानीय निकाय ग्रामीण जल बुनियादी ढांचे के प्रबंधन, उसके संचालन और रखरखाव को सुनिश्चित करने, तथा गांवों के ‘हर घर जल‘ की स्थिति को प्रमाणित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

जल अर्पण‘, ‘जल उत्सव‘ और ‘लोक जल उत्सव‘ जैसे कार्यक्रमों के माध्यम से सामुदायिक भागीदारी को बढ़ावा दिया जाएगा, जिससे नागरिकों को जल संरक्षण और प्रबंधन में हिस्सा लेने के लिए प्रोत्साहित किया जा सके।

मेरी पंचायत‘ मोबाइल एप्लिकेशन और ‘जल सेवा आकलन‘ ढांचा नागरिकों को गांवस्तर पर जल सेवा वितरण की निगरानी करने में सक्षम बनाएगा।

स्टेटिक GK तथ्य: पंचायती राज संस्थाओं को 73वें संवैधानिक संशोधन अधिनियम, 1992 के माध्यम से संवैधानिक रूप से मजबूत किया गया था, जिसने ग्रामीण शासन की त्रिस्तरीय संरचना की शुरुआत की।

वित्तपोषण सुधार और अनुपालन आवश्यकताएं

JJM 2.0 के तहत, राज्यों को केंद्रीय वित्तीय सहायता तभी जारी की जाएगी जब वे कुछ प्रमुख अनुपालन आवश्यकताओं को पूरा कर लेंगे। इनमें राज्यस्तरीय समझौता ज्ञापनों (MoUs) पर हस्ताक्षर करना, ‘सुजल गांव ID‘ बनाना, और संचालन तथा रखरखाव (O&M) नीतियों को लागू करना शामिल है।

वित्तपोषण तंत्रों में ‘अग्रिम भुगतान मोड (Upfront Payment Mode)‘, ‘प्रतिपूर्ति मोड (Reimbursement Mode)‘, और PPP-आधारित जल आपूर्ति परियोजनाओं के लिए ‘व्यवहार्यता अंतर वित्तपोषण (VGF)‘ शामिल हैं। हालांकि, मौजूदा योजनाओं के रेट्रोफिटिंग (आधुनिकीकरण) के लिए केंद्रीय वित्तपोषण प्राप्त नहीं होगा।

इन सुधारों का उद्देश्य वित्तीय जवाबदेही सुनिश्चित करना, परियोजनाओं को समय पर पूरा करना और सार्वजनिक संसाधनों का कुशल उपयोग करना है।

स्थायी ग्रामीण जल सुरक्षा की ओर

सुजल गांव ID‘ की शुरुआत ग्रामीण जल प्रबंधन में डिजिटल शासन को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। स्थानीय शासन के साथ टेक्नोलॉजी को जोड़कर, इस पहल का लक्ष्य 2028 तक ग्रामीण भारत में सभी घरों तक नल से पानी पहुँचाना सुनिश्चित करना है।

यह पहल 2047 तक एक डिजिटल रूप से सशक्त और जलसुरक्षितविकसित भारत बनाने के व्यापक दृष्टिकोण के भी अनुरूप है।

Static Usthadian Current Affairs Table

Topic Detail
पहल सुजल गाँव आईडी
लॉन्च प्राधिकरण जल शक्ति मंत्रालय
घोषणा की केंद्रीय मंत्री सी. आर. पाटिल
संबंधित मिशन जल जीवन मिशन 2.0
प्रमुख उद्देश्य ग्रामीण पेयजल योजनाओं का डिजिटल मैपिंग और निगरानी
बनाए गए आईडी की संख्या 1.64 लाख सुजल गाँव आईडी
संबंधित डिजिटल प्रणाली सुजलम भारत आईडी
मिशन विस्तार जल जीवन मिशन दिसंबर 2028 तक बढ़ाया गया
वित्तीय प्रावधान ₹3.60 लाख करोड़ से बढ़ाकर ₹8.69 लाख करोड़
शासन मॉडल ग्राम पंचायत आधारित ग्रामीण जल प्रबंधन
Sujal Gaon ID Strengthens Digital Governance of Rural Water Systems
  1. सुजल गाँव ID ग्रामीण पाइप वाली पेयजल योजनाओं के लिए एक अनोखी डिजिटल पहचान है।
  2. इस पहल की शुरुआत केंद्रीय जल शक्ति मंत्रालय ने की थी।
  3. इसकी घोषणा केंद्रीय मंत्री सी.आर. पाटिल ने की थी।
  4. यह प्रणाली जल जीवन मिशन0 के तहत डिजिटल निगरानी में मदद करती है।
  5. जल जीवन मिशन की शुरुआत मूल रूप से अगस्त 2019 में हुई थी।
  6. इस मिशन का लक्ष्य ग्रामीण परिवारों को चालू घरेलू नल कनेक्शन उपलब्ध कराना है।
  7. जल शक्ति मंत्रालय का गठन 2019 में विभागों के विलय के ज़रिए किया गया था।
  8. 31 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में 64 लाख से ज़्यादा सुजल गाँव ID बनाई जा चुकी हैं।
  9. ये पहचान लगभग 67,000 सुजलम भारत ID से जुड़ी हुई हैं।
  10. हर डिजिटल रिकॉर्ड में बुनियादी ढांचा पहचान संख्या और सेवा क्षेत्र पहचान संख्या के हिस्से शामिल होते हैं।
  11. बुनियादी ढांचा पहचान संख्या ग्रामीण जल आपूर्ति योजनाओं की भौतिक संपत्तियों को दर्शाती है।
  12. सेवा क्षेत्र पहचान संख्या उन गाँवों की पहचान करती है जिन्हें खास पेयजल प्रणालियों से पानी मिलता है
  13. यह मंच ग्रामीण जल आपूर्ति श्रृंखला की स्रोत से नल तक निगरानी करने में मदद करता है।
  14. डेटा एकीकरण से पारदर्शिता, योजना बनाने और कार्य क्षमता में सुधार होता है।
  15. जल जीवन मिशन0 को दिसंबर 2028 तक बढ़ा दिया गया है।
  16. इस मिशन का वित्तीय बजट ₹3.60 लाख करोड़ से बढ़कर ₹8.69 लाख करोड़ हो गया है।
  17. ग्रामीण जल बुनियादी ढांचा प्रबंधन में ग्राम पंचायतें अहम भूमिका निभाती हैं।
  18. सामुदायिक कार्यक्रमों में जल अर्पण, जल उत्सव और लोक जल उत्सव शामिल हैं।
  19. डिजिटल निगरानी उपकरणों में मेरी पंचायतमोबाइल अनुप्रयोग औरजल सेवा आकलनढाँचा शामिल हैं।
  20. यह पहल विकसित भारत 2047′ के जल सुरक्षा से जुड़े राष्ट्रीय दृष्टिकोण को बढ़ावा देती है।

Q1. सुझल गांव आईडी पहल किस मंत्रालय द्वारा शुरू की गई?


Q2. सुझल गांव आईडी मुख्य रूप से किस सरकारी कार्यक्रम से जुड़ी है?


Q3. जल जीवन मिशन मूल रूप से किस वर्ष शुरू किया गया था?


Q4. भारत में पंचायती राज संस्थाओं को किस संवैधानिक संशोधन द्वारा सशक्त किया गया?


Q5. जल जीवन मिशन 2.0 को किस वर्ष तक बढ़ाया गया है?


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