अभ्यास खंजर की पृष्ठभूमि
अभ्यास खंजर भारत और किर्गिस्तान के बीच आयोजित होने वाला एक वार्षिक संयुक्त सैन्य अभ्यास है, जो विशेष रूप से विशेष बलों के संचालन पर केंद्रित है। यह अभ्यास पहली बार 2011 में आयोजित किया गया था और तब से यह एक प्रमुख द्विपक्षीय रक्षा जुड़ाव बन गया है।
इसका प्राथमिक उद्देश्य दोनों देशों की विशिष्ट इकाइयों के बीच इंटरऑपरेबिलिटी, सामरिक समन्वय और आपसी समझ को बढ़ाना है। समय के साथ, खंजर आतंकवाद विरोधी और उच्च जोखिम वाले युद्ध अभियानों में सर्वोत्तम प्रथाओं के आदान-प्रदान के लिए एक विशेष मंच के रूप में विकसित हुआ है।
स्टेटिक जीके तथ्य: भारत कई देशों के साथ इसी तरह के विशेष बल अभ्यास करता है, जिसमें गरुड़ (फ्रांस) और वज्र प्रहार (यूएसए) शामिल हैं।
खंजर XIII अनुसूची और स्थान
13वां संस्करण, जिसका नाम खंजर-XIII है, 4 फरवरी से 17 फरवरी, 2026 तक निर्धारित है। यह अभ्यास असम में स्थित मिसामारी में आयोजित किया जाएगा।
मिसामारी एक प्रमुख सैन्य प्रशिक्षण स्टेशन है जो अपने विविध भूभाग के लिए जाना जाता है, जो यथार्थवादी युद्ध सिमुलेशन के लिए उपयुक्त है। पूर्वोत्तर भारत में अभ्यास की मेजबानी भारत का पूर्वी क्षेत्र पर बढ़ते रणनीतिक फोकस को भी दर्शाती है।
स्टेटिक जीके टिप: असम अंतरराष्ट्रीय सीमाओं और विविध स्थलाकृति के निकट होने के कारण कई रक्षा प्रतिष्ठानों की मेजबानी करता है।
भाग लेने वाली सैन्य इकाइयाँ
भारत का प्रतिनिधित्व पैराशूट रेजिमेंट (विशेष बल) करेगा, जो भारतीय सेना की सबसे विशिष्ट इकाइयों में से एक है। किर्गिस्तान अपनी स्कॉर्पियन ब्रिगेड से सैनिकों को मैदान में उतारेगा, जो तीव्र प्रतिक्रिया मिशन के लिए प्रशिक्षित एक विशेष इकाई है।
दोनों इकाइयाँ विशेष अभियानों, अपरंपरागत युद्ध और आतंकवाद विरोधी कार्यों में कुशल हैं। उनकी संयुक्त भागीदारी भविष्य के बहुराष्ट्रीय अभियानों के लिए आवश्यक सामरिक स्तर के समन्वय को सक्षम बनाती है।
स्टेटिक जीके तथ्य: भारत की पैराशूट रेजिमेंट की उत्पत्ति द्वितीय विश्व युद्ध से हुई है और यह एशिया की सबसे पुरानी हवाई इकाइयों में से एक है।
मुख्य प्रशिक्षण फोकस क्षेत्र
खंजर-XIII संयुक्त राष्ट्र के जनादेश के तहत आतंकवाद विरोधी अभियानों और शहरी युद्ध पर ध्यान केंद्रित करेगा। प्रशिक्षण मॉड्यूल में कमरे में घुसने का अभ्यास, भवन खाली कराना, स्नाइपिंग तकनीक और पर्वतीय युद्ध कौशल शामिल हैं।
सैनिक असममित और हाइब्रिड खतरों से निपटने के लिए डिज़ाइन की गई विशेष आतंकवाद विरोधी प्रक्रियाओं का भी अभ्यास करेंगे। ये सिनेरियो आतंकवाद, उग्रवाद और सीमा पार सुरक्षा जोखिमों जैसी असल दुनिया की चुनौतियों का सिमुलेशन करते हैं।
स्टैटिक GK टिप: UN-अनिवार्य ऑपरेशन्स के लिए अंतरराष्ट्रीय नियमों और नागरिक सुरक्षा मानदंडों का सख्ती से पालन करना ज़रूरी है।
अभ्यास का रणनीतिक महत्व
भारत और किर्गिस्तान के बीच गर्मजोशी भरे और मैत्रीपूर्ण राजनयिक संबंध हैं, जिसमें रक्षा सहयोग एक प्रमुख स्तंभ है। भारत सैन्य प्रशिक्षण कार्यक्रमों और संस्थागत आदान-प्रदान के माध्यम से भी किर्गिस्तान का समर्थन करता है।
सहयोग का एक उल्लेखनीय क्षेत्र बिश्केक में किर्गिज़-भारत माउंटेन बायो मेडिकल रिसर्च सेंटर में अनुसंधान है। अभ्यास खानजर आपसी विश्वास को मजबूत करता है और क्षेत्रीय और वैश्विक सुरक्षा सहयोग में योगदान देता है।
स्टैटिक GK तथ्य: कनेक्टिविटी, ऊर्जा सुरक्षा और आतंकवाद विरोधी हितों के कारण मध्य एशिया भारत के लिए रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण है।
Static Usthadian Current Affairs Table
| विषय | विवरण |
| अभ्यास का नाम | खान्जार-XIII |
| भाग लेने वाले देश | भारत और किर्गिज़स्तान |
| संस्करण | 13वाँ |
| तिथियाँ | 4–17 फ़रवरी 2026 |
| स्थान | मिसामारी, असम |
| भारतीय इकाई | पैराशूट रेजिमेंट (स्पेशल फ़ोर्सेज) |
| किर्गिज़ इकाई | स्कॉर्पियन ब्रिगेड |
| मुख्य फोकस | आतंकवाद-रोधी अभियान और शहरी युद्ध |
| अभ्यास की प्रकृति | वार्षिक द्विपक्षीय विशेष बल अभ्यास |
| रणनीतिक महत्व | रक्षा सहयोग और क्षेत्रीय सुरक्षा को सुदृढ़ करता है |





