आयोजन और पृष्ठभूमि
विश्व तमिल डायस्पोरा दिवस 2026 का आयोजन 11-12 जनवरी 2026 को चेन्नई में किया जा रहा है। इस कार्यक्रम की मेजबानी तमिलनाडु सरकार द्वारा अनिवासी तमिल कल्याण विभाग के माध्यम से की जा रही है। इसे विभिन्न महाद्वीपों में रहने वाले अनिवासी तमिलों (NRTs) के साथ जुड़ने और फिर से संपर्क स्थापित करने के लिए एक वैश्विक मंच के रूप में डिज़ाइन किया गया है।
यह आयोजन वैश्विक तमिल समुदाय के साथ मजबूत सांस्कृतिक और भावनात्मक संबंध बनाए रखने के लिए तमिलनाडु के लंबे समय से चले आ रहे प्रयासों को दर्शाता है। राज्य ने लगातार खुद को दुनिया भर के तमिलों के लिए सांस्कृतिक केंद्र के रूप में स्थापित किया है।
स्टेटिक जीके तथ्य: तमिल भारत की शास्त्रीय भाषाओं में से एक है, जिसे आधिकारिक तौर पर 2004 में मान्यता दी गई थी, जिसके शिलालेख 2,000 से अधिक साल पुराने हैं।
कार्यक्रम के उद्देश्य
इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य वैश्विक तमिल एकता को मजबूत करना है। इसका उद्देश्य तमिल भाषा को बढ़ावा देना, सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करना और विभिन्न देशों में तमिलों की साझा पहचान को उजागर करना है। यह कार्यक्रम राज्य और विदेशों में रहने वाले तमिलों के बीच निरंतर जुड़ाव बनाने पर भी केंद्रित है।
एक और प्रमुख उद्देश्य तमिल डायस्पोरा के सामाजिक, आर्थिक, शैक्षणिक और सांस्कृतिक योगदान को पहचानना है। इन उपलब्धियों को प्रदर्शित करके, यह कार्यक्रम तमिल पहचान की वैश्विक प्रासंगिकता को मजबूत करता है।
स्टेटिक जीके टिप: श्रीलंका, मलेशिया, सिंगापुर, कनाडा, यूके और दक्षिण अफ्रीका में बड़ी संख्या में तमिल डायस्पोरा आबादी पाई जाती है।
विषय और इसका महत्व
2026 का विषय “थमिझाल इनाइवोम, थरनिल उयर्वोम” है, जिसका अर्थ है “आइए तमिल के माध्यम से एकजुट हों और विश्व स्तर पर आगे बढ़ें”। यह विषय वैश्विक प्रगति के साथ सांस्कृतिक एकीकरण को दर्शाता है। यह इस विचार को रेखांकित करता है कि भाषाई एकता अंतर्राष्ट्रीय प्रगति के साथ सह-अस्तित्व में रह सकती है।
यह विषय तमिलनाडु के व्यापक सांस्कृतिक कूटनीति प्रयासों के अनुरूप भी है। यह तमिल को भूगोल से परे एक एकीकृत शक्ति के रूप में स्थापित करता है, जबकि विकास और नवाचार में डायस्पोरा की भागीदारी को प्रोत्साहित करता है।
मुख्य गतिविधियाँ और कार्यक्रम
इस कार्यक्रम में चर्चा सत्र, प्रदर्शनियाँ और सांस्कृतिक कार्यक्रम शामिल हैं। ये सत्र डायस्पोरा की भागीदारी, विरासत संरक्षण, उद्यमिता और युवा भागीदारी पर केंद्रित हैं। विशेषज्ञों, विद्वानों और डायस्पोरा नेताओं के भाग लेने की उम्मीद है। प्रदर्शनियाँ तमिल संस्कृति के ऐतिहासिक विकास और विदेशों में रहने वाले तमिलों की आधुनिक उपलब्धियों को उजागर करती हैं। सांस्कृतिक कार्यक्रमों में संगीत, नृत्य और साहित्य जैसी पारंपरिक कलाओं को दिखाया जाता है।
स्टेटिक जीके तथ्य: भरतनाट्यम और सिलाप्पथिकारम जैसे तमिल सांस्कृतिक रूप शास्त्रीय तमिल विरासत के विश्व स्तर पर मान्यता प्राप्त प्रतीक हैं।
प्रशासनिक और सांस्कृतिक महत्व
अप्रवासी तमिल कल्याण विभाग की भूमिका इस कार्यक्रम में केंद्रीय है। यह विभाग प्रवासी भारतीयों से संबंधित पहलों, शिकायत निवारण और कल्याणकारी योजनाओं के लिए एक नोडल एजेंसी के रूप में कार्य करता है।
चेन्नई में इस कार्यक्रम की मेजबानी करके, तमिलनाडु तमिल दुनिया की सांस्कृतिक राजधानी के रूप में अपनी स्थिति को मजबूत करता है। यह आयोजन वैश्विक मंच पर भारत की उप-राष्ट्रीय सांस्कृतिक पहुंच को भी मजबूत करता है।
स्टेटिक जीके टिप: चेन्नई ऐतिहासिक रूप से तमिल साहित्य, शास्त्रीय संगीत और द्रविड़ सामाजिक आंदोलनों का केंद्र रहा है।
स्थिर उस्थादियन समसामयिक घटनाएँ तालिका
| विषय | विवरण |
| आयोजन का नाम | विश्व तमिल प्रवासी दिवस 2026 |
| तिथियाँ | 11–12 जनवरी 2026 |
| आयोजन स्थल | चेन्नई, तमिलनाडु |
| आयोजन प्राधिकरण | तमिलनाडु सरकार |
| कार्यान्वयन विभाग | अप्रवासी तमिल कल्याण विभाग |
| लक्षित समूह | विश्वभर के अप्रवासी तमिल |
| मुख्य उद्देश्य | तमिल भाषा, संस्कृति और वैश्विक एकता को बढ़ावा देना |
| 2026 की थीम | तमिझाल इनैवोम, धरनिल उयर्वोम |
| प्रमुख घटक | चर्चाएँ, प्रदर्शनियाँ, सांस्कृतिक कार्यक्रम |
| व्यापक महत्व | प्रवासी सहभागिता और सांस्कृतिक कूटनीति |





