पहले अग्रिम अनुमानों का क्या मतलब है
राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय ने वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए सकल घरेलू उत्पाद (GDP) के पहले अग्रिम अनुमान जारी किए हैं।
ये अनुमान उपलब्ध हाई-फ्रीक्वेंसी संकेतकों और ट्रेंड एनालिसिस के आधार पर एक शुरुआती मैक्रोइकोनॉमिक तस्वीर प्रदान करते हैं।
ये पॉलिसी प्लानिंग, बजट बनाने और आर्थिक पूर्वानुमान के लिए महत्वपूर्ण हैं।
स्टैटिक GK तथ्य: भारत में वित्तीय वर्ष 1 अप्रैल से 31 मार्च तक होता है, जो कई देशों में इस्तेमाल होने वाले कैलेंडर वर्ष से अलग है।
वास्तविक GDP विकास का दृष्टिकोण
वित्त वर्ष 2025-26 के लिए वास्तविक GDP में 7.4% की वृद्धि का अनुमान है, जो वित्त वर्ष 2024-25 में दर्ज 6.5% की वृद्धि से स्पष्ट सुधार दिखाता है।
यह महंगाई को एडजस्ट करने के बाद वास्तविक उत्पादन में मजबूत विस्तार का संकेत देता है।
स्थिर कीमतों पर, वास्तविक GDP ₹201 लाख करोड़ तक पहुंचने का अनुमान है।
स्थिर कीमतों की गणना मूल्य वृद्धि के प्रभाव को हटा देती है और वास्तविक उत्पादन वृद्धि को दर्शाती है।
स्टैटिक GK टिप: वास्तविक GDP को आधार वर्ष की कीमतों का उपयोग करके मापा जाता है, जिसे संरचनात्मक आर्थिक परिवर्तनों को दर्शाने के लिए समय-समय पर संशोधित किया जाता है।
नॉमिनल GDP प्रदर्शन
वित्त वर्ष 2025-26 में नॉमिनल GDP में 8.0% की वृद्धि का अनुमान है।
यह वृद्धि वास्तविक उत्पादन विस्तार और अर्थव्यवस्था में मूल्य परिवर्तनों के प्रभाव दोनों को दर्शाती है।
मौजूदा कीमतों पर, नॉमिनल GDP ₹357 लाख करोड़ तक पहुंचने का अनुमान है।
नॉमिनल GDP का उपयोग अक्सर राजकोषीय गणना, ऋण अनुपात और अंतर्राष्ट्रीय आर्थिक तुलनाओं के लिए किया जाता है।
स्टैटिक GK तथ्य: जब महंगाई सकारात्मक होती है, तो नॉमिनल GDP हमेशा वास्तविक GDP से अधिक होता है, क्योंकि इसमें मूल्य प्रभाव शामिल होते हैं।
वास्तविक और नॉमिनल वृद्धि के बीच का अंतर
नॉमिनल GDP वृद्धि (8.0%) और वास्तविक GDP वृद्धि (7.4%) के बीच का अंतर अर्थव्यवस्था में मध्यम मुद्रास्फीति दबाव का संकेत देता है।
एक छोटा अंतर मूल्य स्थिरता का संकेत देता है, जबकि एक बड़ा अंतर उच्च मुद्रास्फीति का संकेत देता है।
यह अंतर नीति निर्माताओं को यह आकलन करने में मदद करता है कि विकास वास्तविक उत्पादन या बढ़ती कीमतों से प्रेरित है।
यह राजस्व अनुमानों और व्यय योजना को समझने के लिए भी महत्वपूर्ण है।
राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय की भूमिका
राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय के तहत काम करता है।
यह राष्ट्रीय खातों, जीडीपी डेटा और प्रमुख आर्थिक संकेतकों को संकलित करने के लिए ज़िम्मेदार है।
कृषि, उद्योग और सेवाओं जैसे क्षेत्रों के डेटा का उपयोग करके अग्रिम अनुमान तैयार किए जाते हैं।
बाद के अनुमान इन आंकड़ों को संशोधित करते हैं क्योंकि अधिक व्यापक डेटा उपलब्ध होता है।
स्टेटिक जीके तथ्य: भारत चार चरणों में जीडीपी डेटा जारी करता है—पहला अग्रिम, अनंतिम, पहला संशोधित और अंतिम अनुमान।
नीति और शासन के लिए महत्व
ये जीडीपी अनुमान केंद्रीय बजट की मान्यताओं, राजकोषीय घाटे की गणना और कल्याण व्यय योजना का मार्गदर्शन करते हैं।
वे ब्याज दरों और तरलता से संबंधित मौद्रिक नीति निर्णयों को भी प्रभावित करते हैं।
प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए, वास्तविक और नाममात्र जीडीपी के बीच अंतर को समझना वैचारिक रूप से महत्वपूर्ण है।
प्रश्न अक्सर विकास के रुझान, अनुमान के चरणों और संस्थागत भूमिकाओं का परीक्षण करते हैं।
Static Usthadian Current Affairs Table
| विषय | विवरण |
| वित्तीय वर्ष | वित्त वर्ष 2025–26 |
| अनुमान लगाने वाला प्राधिकरण | राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (NSO) |
| वास्तविक GDP वृद्धि | 7.4 प्रतिशत |
| वास्तविक GDP मूल्य | ₹201 लाख करोड़ |
| नाममात्र GDP वृद्धि | 8.0 प्रतिशत |
| नाममात्र GDP मूल्य | ₹357 लाख करोड़ |
| वास्तविक GDP के लिए मूल्य आधार | स्थिर मूल्य (Constant Prices) |
| नाममात्र GDP के लिए मूल्य आधार | चालू मूल्य (Current Prices) |
| अग्रिम अनुमानों का उद्देश्य | प्रारंभिक आर्थिक आकलन |
| GDP अनुमान के चरण | चार-चरणीय संशोधन प्रणाली |





