जनवरी 14, 2026 9:35 पूर्वाह्न

भैरव फोर्स और भारत का ड्रोन-केंद्रित युद्ध की ओर बदलाव

करेंट अफेयर्स: भैरव फोर्स, भारतीय सेना का आधुनिकीकरण, ड्रोन युद्ध, मानवरहित हवाई सिस्टम, भारतीय सेना दिवस परेड 2026, रुद्र ब्रिगेड, सैन्य ड्रोन, युद्धक्षेत्र निगरानी, ​​विशेष बलों का एकीकरण

Bhairav Force and India’s Shift to Drone-Centric Warfare

भैरव फोर्स की उत्पत्ति

जनवरी 2026 में, भारतीय सेना ने भैरव नाम की एक नई आधुनिक युद्ध फोर्स बनाने की घोषणा की, जो टेक्नोलॉजी-आधारित युद्ध की ओर एक निर्णायक बदलाव है। यह पहल ड्रोन और नेटवर्क-केंद्रित ऑपरेशन्स से बनी युद्धक्षेत्र की बदलती वास्तविकताओं के अनुसार अपनी थल सेना को ढालने के भारत के प्रयास को दर्शाती है।

भैरव फोर्स को अगली पीढ़ी की लड़ाकू शाखा के रूप में देखा जा रहा है, जहाँ हर सैनिक को ड्रोन ऑपरेशन्स में प्रशिक्षित किया जाएगा। इस कदम से, सेना का लक्ष्य हवाई खुफिया जानकारी और हमले की क्षमता को सीधे यूनिट स्तर पर एकीकृत करना है।

फोर्स का पैमाना और संरचना

भैरव फोर्स की एक खास विशेषता इसका अभूतपूर्व पैमाना है। इस फोर्स में एक लाख से ज़्यादा प्रशिक्षित ड्रोन ऑपरेटिव होंगे, जो इसे विश्व स्तर पर सबसे बड़ी समर्पित ड्रोन युद्ध संरचनाओं में से एक बनाता है।

स्टेटिक जीके तथ्य: एक स्टैंडर्ड भारतीय सेना इन्फैंट्री बटालियन में आमतौर पर लगभग 800-900 सैनिक होते हैं, जो ड्रोन-केंद्रित यूनिट बनाने में शामिल भारी मैनपावर प्रतिबद्धता को उजागर करता है।

वर्तमान में, 15 भैरव बटालियन पहले ही बनाई जा चुकी हैं और उत्तरी और पश्चिमी दोनों सीमाओं पर प्रमुख संरचनाओं में तैनात की गई हैं। निकट भविष्य में इसे बढ़ाकर लगभग 25 बटालियन करने की योजना है।

मुख्य परिचालन क्षमताएँ

भैरव बटालियन उच्च-तीव्रता और उच्च-गति वाले ऑपरेशन्स के लिए डिज़ाइन की गई हैं। ड्रोन एकीकरण कमांडरों को वास्तविक समय में युद्धक्षेत्र की जानकारी प्राप्त करने और सैनिकों के लिए कम जोखिम के साथ सटीक कार्रवाई करने में सक्षम बनाता है।

मुख्य क्षमताओं में आक्रामक ड्रोन हमले, निरंतर निगरानी और टोही, शत्रुतापूर्ण इलाके में त्वरित प्रतिक्रिया, और सामरिक गहराई में टेक्नोलॉजी-सक्षम प्रभुत्व शामिल हैं। ये विशेषताएँ हाल के वैश्विक संघर्षों से सीखे गए सबक को दर्शाती हैं जहाँ ड्रोन ने निर्णायक बल गुणक के रूप में काम किया।

भैरव बटालियन की भूमिका

भैरव बटालियन अत्यधिक चुस्त, ड्रोन-केंद्रित लड़ाकू इकाइयों के रूप में कार्य करती हैं। उनका परिचालन डिज़ाइन उन्हें पारंपरिक रूप से विशेष बलों से जुड़े मिशनों को पूरा करने की अनुमति देता है, जबकि नियमित इन्फैंट्री की संख्यात्मक शक्ति भी बनी रहती है।

उनका रणनीतिक लक्ष्य पैरा स्पेशल फोर्सेज और पारंपरिक इन्फैंट्री बटालियन के बीच परिचालन अंतर को पाटना है। यह करीबी सामरिक कार्यों से लेकर गहरे परिचालन उद्देश्यों तक निर्बाध मिशन निष्पादन सुनिश्चित करता है।

स्टैटिक GK टिप: इंडियन पैरा स्पेशल फोर्सेज आर्मी की सबसे एलीट यूनिट्स में से हैं, जिन्हें मुख्य रूप से दुश्मन की लाइनों के पीछे गुप्त और हाई-रिस्क मिशन का काम सौंपा जाता है।

आर्मी डे 2026 पर पब्लिक डेब्यू

भैरव फोर्स 15 जनवरी 2026 को इंडियन आर्मी डे परेड में पहली बार पब्लिक के सामने आएगी। यह इवेंट जयपुर, राजस्थान में होगा, जो भविष्य के लिए तैयार, टेक्नोलॉजी-आधारित मिलिट्री की ओर भारत के बदलाव का प्रतीक है।

आर्मी डे 1949 के उस दिन की याद में मनाया जाता है जब जनरल के.एम. करिअप्पा इंडियन आर्मी के पहले भारतीय कमांडर-इन-चीफ बने थे।

रुद्र ब्रिगेड के ज़रिए पूरक आधुनिकीकरण

भैरव के साथ, आर्मी ने रुद्र ब्रिगेड भी बनाई हैं, जो सभी हथियारों वाली इंटीग्रेटेड फॉर्मेशन हैं। इन ब्रिगेड में इन्फेंट्री, मैकेनाइज्ड यूनिट, टैंक, आर्टिलरी, स्पेशल फोर्सेज और मानवरहित एरियल सिस्टम शामिल हैं।

रुद्र ब्रिगेड जॉइंटनेस और तेज़ी से रिस्पॉन्स को बढ़ाती हैं, जबकि भैरव बटालियन ड्रोन-केंद्रित युद्ध शक्ति प्रदान करती हैं। साथ मिलकर, वे मल्टी-डोमेन युद्ध के लिए भारत की तैयारी को मज़बूत करते हैं।

स्टैटिक GK तथ्य: इंडियन आर्मी, जिसकी स्थापना 1895 में हुई थी, भारतीय सशस्त्र बलों का सबसे बड़ा हिस्सा है और ‘सेवा परमो धर्म’ के आदर्श वाक्य के तहत काम करती है।

Static Usthadian Current Affairs Table

विषय विवरण
बल का नाम भैरव
घोषणा जनवरी 2026
गठनकर्ता भारतीय सेना
मुख्य फोकस ड्रोन-आधारित आधुनिक युद्ध
ड्रोन ऑपरेटर 1 लाख से अधिक
गठित बटालियन 15
प्रस्तावित विस्तार लगभग 25 बटालियन
पहला सार्वजनिक प्रदर्शन भारतीय सेना दिवस परेड
परेड तिथि 15 जनवरी, 2026
परेड स्थल जयपुर, राजस्थान
Bhairav Force and India’s Shift to Drone-Centric Warfare
  1. भारतीय सेना ने जनवरी 2026 में भैरव फोर्स की घोषणा की।
  2. यह फोर्स टेक्नोलॉजीआधारित ज़मीनी युद्ध की ओर बदलाव को दिखाती है।
  3. हर सैनिक को ड्रोन ऑपरेशन में ट्रेनिंग दी जाती है।
  4. भैरव यूनिट लेवल पर हवाई इंटेलिजेंस को इंटीग्रेट करता है।
  5. इस फोर्स में एक लाख से ज़्यादा ड्रोन ऑपरेटिव शामिल होंगे।
  6. यह दुनिया भर में सबसे बड़े ड्रोन युद्ध फॉर्मेशन में से एक है।
  7. पंद्रह बटालियन पहले ही सीमाओं पर तैनात हैं।
  8. लगभग पच्चीस बटालियन तक विस्तार की योजना है।
  9. भैरव रियलटाइम युद्धक्षेत्र निगरानी में मदद करता है।
  10. यह यूनिट कम सैनिकों के जोखिम के साथ सटीक हमले करने में सक्षम बनाती हैं।
  11. क्षमताओं में निगरानी, टोही और आक्रामक ड्रोन हमले शामिल हैं।
  12. बटालियन तेज़ गति से युद्ध अभियान चलाती हैं।
  13. भैरव स्पेशल फोर्सेज और इन्फेंट्री के बीच की खाई को भरता है।
  14. यह फोर्स नेटवर्ककेंद्रित युद्ध क्षमता को बढ़ाती है।
  15. इसका पहला सार्वजनिक प्रदर्शन आर्मी डे परेड 2026 में होगा
  16. परेड 15 जनवरी 2026 को होनी है।
  17. कार्यक्रम स्थल जयपुर, राजस्थान है।
  18. भैरव रुद्र ब्रिगेड के आधुनिकीकरण का पूरक है।
  19. रुद्र ब्रिगेड सभी हथियारों के कॉम्बैट फॉर्मेशन को इंटीग्रेट करती है।
  20. यह पहल भविष्य के लिए तैयार सैन्य स्थिति पर भारत के फोकस को दिखाती है।

Q1. नवगठित भैरव फोर्स का प्राथमिक फोकस क्या है?


Q2. भविष्य में भैरव फोर्स में लगभग कितने ड्रोन ऑपरेटर शामिल होंगे?


Q3. भारतीय सेना द्वारा अब तक कितनी भैरव बटालियन गठित की जा चुकी हैं?


Q4. भैरव फोर्स पहली बार सार्वजनिक रूप से कहाँ दिखाई देगी?


Q5. भैरव बटालियन किस परिचालन अंतर को भरने का लक्ष्य रखती हैं?


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