समझौते की पृष्ठभूमि
भारत ऑस्ट्रेलिया आर्थिक सहयोग और व्यापार समझौता (ECTA) 2022 में साइन किया गया था, जो भारत की व्यापार कूटनीति में एक बड़ा बदलाव था। इसका लक्ष्य पांच साल के भीतर द्विपक्षीय व्यापार को दोगुना करना था, जो आपसी आर्थिक विश्वास को दर्शाता है।
यह समझौता ऐसे समय में लागू हुआ जब भारत अपनी वैश्विक व्यापार रणनीति को फिर से तैयार कर रहा था। खास बात यह है कि यह इस तरह के समझौतों में लंबे समय के बाद, एक दशक से भी ज़्यादा समय में किसी विकसित देश के साथ भारत का पहला व्यापार समझौता था।
स्टेटिक जीके तथ्य: ऑस्ट्रेलिया को एक विकसित अर्थव्यवस्था के रूप में वर्गीकृत किया गया है, जिसमें मजबूत कमोडिटी और सेवा क्षेत्र हैं, जो इसे भारत के लिए एक रणनीतिक व्यापार भागीदार बनाता है।
वस्तुओं में व्यापार और बाज़ार पहुंच
ECTA के तहत, ऑस्ट्रेलिया ने भारतीय निर्यात के लिए 100% शुल्क-मुक्त पहुंच की पेशकश की। इसमें कपड़ा, चमड़ा, आभूषण, इंजीनियरिंग सामान और फार्मास्यूटिकल्स जैसे प्रमुख क्षेत्र शामिल थे।
भारत के लिए, इसने एक बड़ा, उच्च आय वाला उपभोक्ता बाज़ार खोला। इसने मूल्य वर्धित वस्तुओं में भारत की विनिर्माण और निर्यात प्रतिस्पर्धात्मकता को भी मजबूत किया।
ऑस्ट्रेलिया से भारतीय आयात कोयला, सोना और कच्चे माल पर केंद्रित था, जो भारत की ऊर्जा और औद्योगिक ज़रूरतों को पूरा करता है। ये आयात भारत के बुनियादी ढांचे के विकास को बनाए रखने के लिए महत्वपूर्ण हैं।
स्टेटिक जीके टिप: कोयला भारत का प्रमुख ऊर्जा स्रोत बना हुआ है, जो बिजली उत्पादन के आधे से ज़्यादा हिस्से के लिए ज़िम्मेदार है।
सेवाओं में व्यापार और पेशेवर गतिशीलता
ECTA की एक प्रमुख विशेषता सेवाओं के व्यापार और कुशल गतिशीलता पर ज़ोर देना था। भारतीय छात्रों को दो से चार साल तक के विस्तारित पोस्ट-स्टडी वर्क वीज़ा तक पहुंच मिली।
इस समझौते ने वर्क एंड हॉलिडे वीज़ा कार्यक्रम के तहत कोटा भी पेश किया, जिससे युवा भारतीय पेशेवरों के लिए अल्पकालिक रोज़गार के अवसर बेहतर हुए। इन उपायों ने आर्थिक एकीकरण के साथ-साथ लोगों के बीच संबंधों को भी मजबूत किया।
इसके अलावा, समझौते ने भारतीय आईटी ऑफशोर आय पर दोहरे कराधान को समाप्त कर दिया, जिससे भारतीय सेवा फर्मों के लिए अनुपालन बोझ कम हुआ।
नियामक सहयोग और सुरक्षा उपाय
ECTA में मज़बूत मूल नियमों को शामिल किया गया था ताकि तीसरे देश के सामान को ऑस्ट्रेलिया के माध्यम से अनुचित तरीके से रूट होने से रोका जा सके। इससे दोनों अर्थव्यवस्थाओं के लिए वास्तविक व्यापार लाभ सुनिश्चित हुआ।
इस समझौते में फास्ट-ट्रैक फार्मास्युटिकल अनुमोदन भी शामिल थे, जिससे भारतीय जेनेरिक दवाओं को ऑस्ट्रेलियाई बाज़ार में तेज़ी से पहुंच मिली। नियामक सहयोग ने दोनों देशों की मानक एजेंसियों के बीच विश्वास बढ़ाया।
स्टेटिक GK तथ्य: ट्रेड डायवर्जन को रोकने के लिए रूल्स ऑफ़ ओरिजिन सभी फ्री ट्रेड एग्रीमेंट की एक मुख्य विशेषता है।
वर्तमान व्यापार स्थिति और आर्थिक परिणाम
FY25 तक, भारत ऑस्ट्रेलिया का 8वां सबसे बड़ा व्यापारिक भागीदार बन गया, जबकि ऑस्ट्रेलिया भारत का 14वां सबसे बड़ा भागीदार था। कुल द्विपक्षीय व्यापार US$ 24.1 बिलियन तक पहुँच गया, जो ECTA के लागू होने के बाद से लगातार वृद्धि को दर्शाता है।
भारत के मुख्य निर्यात में पेट्रोलियम उत्पाद, इंजीनियरिंग सामान और फार्मास्यूटिकल्स शामिल थे, जबकि ऑस्ट्रेलिया ने भारत की अर्थव्यवस्था के लिए आवश्यक महत्वपूर्ण कच्चा माल प्रदान किया।
सामरिक और भू-राजनीतिक महत्व
अर्थशास्त्र से परे, ECTA ने दोनों देशों के बीच इंडो-पैसिफिक अभिसरण को मजबूत किया। भारत और ऑस्ट्रेलिया क्षेत्रीय समुद्री और रणनीतिक पहलों के तहत मिलकर काम करते हैं।
दोनों देश अमेरिका और जापान के साथ चतुर्भुज सुरक्षा संवाद का हिस्सा हैं, जो आर्थिक सहयोग को सुरक्षा हितों के साथ जोड़ता है। म्यूचुअल लॉजिस्टिक्स सपोर्ट एग्रीमेंट जैसे समझौतों और मालाबार और AUSINDEX जैसे अभ्यासों के माध्यम से रक्षा संबंध मजबूत हुए हैं।
लिथियम और कोबाल्ट जैसे महत्वपूर्ण खनिजों के आपूर्तिकर्ता के रूप में ऑस्ट्रेलिया की भूमिका भारत के इलेक्ट्रिक वाहन और स्वच्छ ऊर्जा परिवर्तन का समर्थन करती है। यह सीधे तौर पर व्यापार सहयोग को भारत के दीर्घकालिक स्थिरता लक्ष्यों से जोड़ता है।
स्टेटिक GK टिप: लिथियम और कोबाल्ट इलेक्ट्रिक वाहनों में इस्तेमाल होने वाली लिथियम-आयन बैटरी के लिए आवश्यक इनपुट हैं।
Static Usthadian Current Affairs Table
| विषय | विवरण |
| समझौते का नाम | भारत–ऑस्ट्रेलिया आर्थिक सहयोग एवं व्यापार समझौता (India Australia Economic Cooperation and Trade Agreement) |
| हस्ताक्षर वर्ष | 2022 |
| व्यापार लक्ष्य | पाँच वर्षों में द्विपक्षीय व्यापार को दोगुना करना |
| द्विपक्षीय व्यापार मूल्य | FY25 में US$ 24.1 अरब |
| प्रमुख भारतीय निर्यात | पेट्रोलियम उत्पाद, इंजीनियरिंग वस्तुएँ, औषधियाँ |
| प्रमुख भारतीय आयात | कोयला, सोना, महत्वपूर्ण खनिज |
| सेवाओं से लाभ | भारतीय छात्रों के लिए पोस्ट-स्टडी वर्क वीज़ा की अवधि बढ़ी |
| रणनीतिक प्रभाव | इंडो–पैसिफिक तथा QUAD सहयोग को मजबूती |





