उद्घाटन और पृष्ठभूमि
शरदचंद्र पवार सेंटर ऑफ एक्सीलेंस इन आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का उद्घाटन 28 दिसंबर, 2025 को महाराष्ट्र के बारामती में किया गया, जो भारत के AI शिक्षा इकोसिस्टम में एक महत्वपूर्ण कदम है। सेंटर का उद्घाटन अडानी ग्रुप के चेयरमैन गौतम अडानी ने किया, जो उच्च शिक्षा इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने में इंडस्ट्री लीडर्स की बढ़ती भूमिका को दिखाता है।
यह संस्थान विद्या प्रतिष्ठान के तहत स्थापित किया गया है, जो पश्चिमी महाराष्ट्र में एक लंबी शैक्षणिक विरासत वाला एक जाना-माना शैक्षणिक ट्रस्ट है। यह सेंटर पूरी तरह से निजी सहयोग से वित्त पोषित है, जो उन्नत प्रौद्योगिकी शिक्षा में कॉर्पोरेट भागीदारी के महत्व को मजबूत करता है।
सेंटर का विजन और उद्देश्य
इस सेंटर को उभरती डिजिटल प्रौद्योगिकियों में उन्नत शिक्षा, अनुसंधान और नवाचार के लिए एक समर्पित केंद्र के रूप में देखा गया है। इसका शैक्षणिक फोकस क्लासरूम शिक्षा से परे व्यावहारिक और अनुप्रयुक्त शिक्षण मॉडल तक फैला हुआ है।
मुख्य उद्देश्यों में इंडस्ट्री से संबंधित AI कौशल का निर्माण करना, अनुप्रयुक्त अनुसंधान को प्रोत्साहित करना और एक ऐसा इकोसिस्टम बनाना शामिल है जो नवाचार और स्टार्टअप का समर्थन करता है। सेंटर का लक्ष्य शैक्षणिक ज्ञान और वास्तविक दुनिया के तकनीकी अनुप्रयोगों के बीच लंबे समय से चले आ रहे अंतर को कम करना है।
स्टेटिक जीके तथ्य: आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस कंप्यूटर विज्ञान, गणित और संज्ञानात्मक विज्ञान को एकीकृत करता है ताकि मशीनें मानव बुद्धि का अनुकरण कर सकें।
रणनीतिक स्थान और शैक्षणिक इकोसिस्टम
पुणे से लगभग 110 किलोमीटर दूर स्थित बारामती, दशकों से एक क्षेत्रीय शैक्षणिक केंद्र के रूप में उभरा है। इस क्षेत्र में एक उच्च-स्तरीय AI संस्थान की स्थापना महानगरों से उन्नत प्रौद्योगिकी शिक्षा का विकेंद्रीकरण करती है।
मौजूदा शैक्षणिक इकोसिस्टम में AI-केंद्रित कार्यक्रमों को शामिल करके, सेंटर क्षेत्रीय क्षमता निर्माण को मजबूत करता है और उभरती प्रौद्योगिकियों तक समान पहुंच को बढ़ावा देता है।
स्टेटिक जीके टिप: महाराष्ट्र में सार्वजनिक-निजी भागीदारी मॉडल के तहत उभरती प्रौद्योगिकियों में कई सेंटर ऑफ एक्सीलेंस हैं।
नेतृत्व और उपस्थित गणमान्य व्यक्ति
उद्घाटन समारोह में कई वरिष्ठ राजनीतिक नेता उपस्थित थे, जो इस पहल के राष्ट्रीय और क्षेत्रीय महत्व को दर्शाता है। वरिष्ठ राजनीतिक नेता और NCP (SP) प्रमुख शरद पवार, बारामती से संसद सदस्य सुप्रिया सुले के साथ उपस्थित थे।
अन्य उल्लेखनीय उपस्थित लोगों में अजीत पवार, सुनेत्रा पवार, रोहित पवार और विद्या प्रतिष्ठान के कोषाध्यक्ष युगेंद्र पवार शामिल थे। उनकी मौजूदगी ने सामाजिक-आर्थिक विकास के ड्राइवर के तौर पर शिक्षा का इस्तेमाल करने की साझा प्रतिबद्धता को रेखांकित किया।
इंडस्ट्री-एकेडेमिया सहयोग पर फोकस
यह सेंटर भारत के शिक्षा क्षेत्र में इंडस्ट्री-एकेडेमिया सहयोग के बढ़ते ट्रेंड को दिखाता है। ऐसी पार्टनरशिप इंडस्ट्री 4.0 की ज़रूरतों के साथ करिकुलम को जोड़ने में अहम भूमिका निभाती हैं, जो ऑटोमेशन, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और डेटा-आधारित फैसले लेने पर ज़ोर देती है।
सीधे इंडस्ट्री के साथ जुड़ने से, छात्रों को असल दुनिया की समस्याओं को हल करने का अनुभव मिलता है, जिससे रोज़गार के मौके बेहतर होते हैं। ये सहयोग उभरते हुए टेक्नोलॉजी के क्षेत्रों में भारत की रिसर्च और इनोवेशन क्षमताओं को भी मज़बूत करते हैं।
स्टेटिक GK फैक्ट: इंडस्ट्री 4.0 का मतलब साइबर-फिजिकल सिस्टम, ऑटोमेशन और स्मार्ट टेक्नोलॉजी द्वारा संचालित चौथी औद्योगिक क्रांति है।
भारत के AI इकोसिस्टम के लिए व्यापक महत्व
डिजिटल इनोवेशन और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के लिए ग्लोबल हब बनने की भारत की महत्वाकांक्षा शिक्षा और कौशल विकास में लक्षित निवेश पर बहुत ज़्यादा निर्भर करती है। इस तरह के सेंटर डिजिटल गवर्नेंस, स्मार्ट इंफ्रास्ट्रक्चर और तकनीकी आत्मनिर्भरता में राष्ट्रीय पहलों को सपोर्ट करने में सक्षम भविष्य के लिए तैयार वर्कफोर्स बनाने में योगदान करते हैं।
शिक्षा, रिसर्च और इंडस्ट्री की भागीदारी को इंटीग्रेट करके, यह सेंटर विज्ञान और टेक्नोलॉजी विकास में भारत के लंबे समय के लक्ष्यों के साथ तालमेल बिठाता है।
Static Usthadian Current Affairs Table
| विषय | विवरण |
| केंद्र का नाम | शरदचंद्र पवार कृत्रिम बुद्धिमत्ता उत्कृष्टता केंद्र |
| स्थान | बारामती, महाराष्ट्र |
| उद्घाटनकर्ता | गौतम अडानी |
| उद्घाटन तिथि | 28 दिसंबर 2025 |
| शासी संस्थान | विद्या प्रतिष्ठान |
| वित्तीय सहयोग | अडानी समूह के अध्यक्ष द्वारा निजी वित्तपोषण |
| मुख्य फोकस क्षेत्र | कृत्रिम बुद्धिमत्ता, डेटा साइंस, मशीन लर्निंग |
| प्रमुख उद्देश्य | उद्योग–अकादमिक सहयोग को सुदृढ़ करना |
| शैक्षणिक प्रभाव | कौशल विकास एवं अनुप्रयुक्त अनुसंधान |
| राष्ट्रीय प्रासंगिकता | भारत के एआई और डिजिटल परिवर्तन लक्ष्यों को समर्थन |





