UN पॉपुलेशन अवॉर्ड रिकग्निशन
UNFPA इंडिया ने इंस्टीट्यूशनल कैटेगरी में 2025 UN पॉपुलेशन अवॉर्ड पाने के लिए इंटरनेशनल यूनियन फॉर द साइंटिफिक स्टडी ऑफ पॉपुलेशन (IUSSP) को सम्मानित किया। यह रिकग्निशन पॉपुलेशन साइंस में ऑर्गनाइज़ेशन की दशकों पुरानी लीडरशिप और ग्लोबल डेमोग्राफिक समझ को आकार देने में इसकी भूमिका को हाईलाइट करता है।
स्टैटिक GK फैक्ट: UN पॉपुलेशन अवॉर्ड 1981 में पॉपुलेशन और रिप्रोडक्टिव हेल्थ में शानदार योगदान को सम्मानित करने के लिए शुरू किया गया था।
ग्लोबल डेमोग्राफी में IUSSP का योगदान
IUSSP, जिसे अभी डॉ. शिरीन जीजीभॉय (2022–2025) लीड कर रही हैं, डेमोग्राफर्स के इंटरनेशनल नेटवर्क बनाने में असरदार रहा है। यह ऑर्गनाइज़ेशन बदलते डेमोग्राफिक ट्रेंड्स जैसे उम्र बढ़ना, फर्टिलिटी में बदलाव और क्लाइमेट से जुड़ी इंसानी मोबिलिटी पर रिसर्च को बढ़ावा देता है।
इसका काम कैपेसिटी बिल्डिंग को मज़बूत करता है, युवा डेमोग्राफर्स को ट्रेनिंग देने में मदद करता है, और देशों के बीच सहयोग को बढ़ावा देता है। ये योगदान पॉपुलेशन डायनामिक्स की ग्लोबल समझ को बेहतर बनाते हैं और सस्टेनेबल डेवलपमेंट पॉलिसी बनाने में मदद करते हैं।
IASP के 46वें सालाना कॉन्फ्रेंस की खास बातें
यह सम्मान समारोह इंडियन एसोसिएशन फॉर द स्टडी ऑफ पॉपुलेशन (IASP) के 46वें सालाना कॉन्फ्रेंस के दौरान हुआ, जिसका थीम था “लोग, ग्रह, समृद्धि”। चर्चा भारत के बदलते डेमोग्राफिक माहौल और इनक्लूसिव ग्रोथ को आगे बढ़ाने में इसकी युवा आबादी की भूमिका पर केंद्रित थी।
इस इवेंट को IASP, नेशनल एटलस एंड थीमैटिक मैपिंग ऑर्गनाइज़ेशन (NATMO), और एंथ्रोपोलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया (AnSI) ने मिलकर आयोजित किया था।
स्टेटिक GK टिप: NATMO साइंस एंड टेक्नोलॉजी मंत्रालय के तहत काम करता है, और यह भारत का सबसे बड़ा मैप बनाने वाला और थीमैटिक रिसर्च ऑर्गनाइज़ेशन है। खास मेहमान और एक्सपर्ट की राय
कॉन्फ्रेंस में प्रो. के. एन. सिंह, श्री विजय भारती (IAS), और प्रो. ए. पी. सिंह जैसे जाने-माने मेहमान शामिल हुए।
UNFPA इंडिया की प्रतिनिधि एंड्रिया एम. वोजनार ने आबादी के ट्रेंड को क्लाइमेट चेंज, बराबरी और सस्टेनेबल डेवलपमेंट से जोड़ते हुए एक मुख्य भाषण दिया। उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि भारत का युवा डेमोग्राफिक स्ट्रक्चर एक मज़बूत वर्कफ़ोर्स बनाने का एक स्ट्रेटेजिक मौका देता है।
सबूतों पर आधारित पॉलिसी पर फ़ोकस
हिस्सा लेने वालों ने रिप्रोडक्टिव हेल्थ, शिक्षा और रोज़गार पर पॉलिसी को गाइड करने के लिए मज़बूत डेमोग्राफिक डेटा की ज़रूरत पर ज़ोर दिया। यह पक्का करने के लिए कि डेवलपमेंट पॉलिसी अधिकार-आधारित और सबको साथ लेकर चलने वाली हों, डेटा सिस्टम को मज़बूत करना बहुत ज़रूरी है।
भारत की डेमोग्राफिक चुनौतियों – क्षेत्रीय फ़र्टिलिटी में अंतर से लेकर युवाओं के स्किल गैप तक – के लिए साइंटिफ़िक सबूतों पर आधारित लंबे समय की प्लानिंग की ज़रूरत है।
स्टैटिक GK फ़ैक्ट: भारत हर 10 साल में पूरे देश में जनगणना करता है, जिससे यह दुनिया भर में सबसे बड़ी एडमिनिस्ट्रेटिव स्टैटिस्टिकल एक्सरसाइज़ में से एक बन जाती है।
भारत में UNFPA की भूमिका
UNFPA सेक्शुअल और रिप्रोडक्टिव हेल्थ, फ़ैमिली प्लानिंग और युवाओं को मज़बूत बनाने के लिए काम करता है। यह एजेंसी सुरक्षित बच्चे के जन्म, जेंडर इक्वालिटी और रिप्रोडक्टिव हेल्थ सर्विसेज़ तक पहुंच पक्का करने वाले प्रोग्राम्स को सपोर्ट करती है।
नेशनल पार्टनर्स के साथ इसका कोलेबोरेशन भारत को राइट्स-बेस्ड, पीपल-फोकस्ड फ्रेमवर्क के ज़रिए पॉपुलेशन से जुड़े मुद्दों को सुलझाने में मदद करता है।
Static Usthadian Current Affairs Table
| Topic | Detail |
| पुरस्कार | यूएन पॉपुलेशन अवॉर्ड 2025 (संस्थागत श्रेणी) |
| प्राप्तकर्ता | इंटरनेशनल यूनियन फॉर द साइंटिफिक स्टडी ऑफ पॉपुलेशन |
| सम्मान | UNFPA इंडिया द्वारा आयोजित |
| सम्मेलन | IASP की 46वीं वार्षिक कॉन्फ्रेंस |
| थीम | People, Planet, Prosperity |
| मुख्य वक्ता | एंड्रिया एम. वॉजनार |
| आयोजक | IASP, NATMO, AnSI |
| फोकस क्षेत्र | युवा विकास, साक्ष्य-आधारित नीति, जलवायु–जनसंख्या संबंध |
| UNFPA की भूमिका | प्रजनन स्वास्थ्य एवं जनसांख्यिकीय शोध को समर्थन |
| स्थिर तथ्य | यूएन पॉपुलेशन अवॉर्ड 1981 में स्थापित किया गया था |





